Pushti Kirtan
गौर मैं यमुना | Gaur Main Yamuna illustration

गौर मैं यमुना Gaur Main Yamuna

गौर मैं यमुना देवी पूजी ।मैं मनमें निश्चै ये कीनो ऐसी और नही दूजी ॥१॥“O Gaur, I worshipped Devi Yamuna. In my heart I became certain that there is no other like Her. ॥१॥भाग्य सोहाग सबै फलदाता चरण अलज्यो दुजी ।श्यामसुंदर वर याहीते पाये सब कोऊ कहत है बहुजी ॥२॥She bestows every fruit of good fortune and suhag; I have become attached to Her lotus feet. Everyone says, ‘O Bahuji, it is through Her that you attained Shyamsundar as your bridegroom.’ ॥२॥करत कृपा वाहेन पै ऐसी जिन श्री वल्लभपद सुजी ।'श्री विठ्ठल गिरिधरन लाल' प्रिय मनकी आशा पूजी ॥३॥She bestows such grace upon those who cherish the feet of Shri Vallabh. Shri Vitthal Giridharnalal says: Pyari’s heart’s desire was fulfilled. ॥३॥
गौर मैं यमुना देवी पूजी । मैं मनमें निश्चै ये कीनो ऐसी और नही दूजी ॥१॥ भाग्य सोहाग सबै फलदाता चरण अलज्यो दुजी । श्यामसुंदर वर याहीते पाये सब कोऊ कहत है बहुजी ॥२॥ करत कृपा वाहेन पै ऐसी जिन श्री वल्लभपद सुजी । 'श्री विठ्ठल गिरिधरन लाल' प्रिय मनकी आशा पूजी ॥३॥