राख लेहो गोकुलके Rakh Leho Gokulke
MEANING
राख लेहो गोकुलके नायक ॥भीजत गाय गोप गोसुत सब विषम बूंद लागत जानो सायक ॥१॥“Protect us, O Nayak of Gokul! The cows, Gopas, and calves are all drenched; the fierce raindrops strike them like arrows.” ॥१॥मूशलधार बरखत सेनापर महा मेघ मघवाके पायक ॥एसो ओर कोनहे नंदसुत यह दुख दुसह मेटवे लायक ॥२॥Torrents of rain pour down upon them; the mighty clouds are Maghava’s servants. “O Nandasuta, who else but You is capable of removing this unbearable suffering?” ॥२॥अघ मर्दन नख उदर विदारन बकी सिधारन सब सुखदायक ॥You crushed Agha, tore open the demon’s belly with Your nails, and delivered Baki; You are the giver of happiness to all.तिनकूं कहा कोन डर सूर प्रभु जिनके तुमसे सदा सहायक ॥३॥Sur says: what fear could ever remain for those who always have a Prabhu like You as their protector? ॥३॥
ORIGINAL
राख लेहो गोकुलके नायक ॥ भीजत गाय गोप गोसुत सब विषम बूंद लागत जानो सायक ॥१॥ मूशलधार बरखत सेनापर महा मेघ मघवाके पायक ॥ एसो ओर कोनहे नंदसुत यह दुख दुसह मेटवे लायक ॥२॥ अघ मर्दन नख उदर विदारन बकी सिधारन सब सुखदायक ॥ तिनकूं कहा कोन डर सूर प्रभु जिनके तुमसे सदा सहायक ॥३॥