गोविंद गिरिचढ टेरत
Govind Girichadh Terat
गोविंद गिरिचढ टेरत गाय ॥ गांग बुलाई धौमर धौरी टेरत वेणु बजाय ॥१॥ श्रवण नादसुन मुख तृणधर सब चितई सीस उठाय ॥ प्रेम विवशव्...
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Read 3 Pushtimargiya kirtans for Sandhya Aarti Ke Pad Ath Gai Bulayave Ke Pad / संध्या आरती के पद अथ गाय बुलायवेके पद with original Braj Bhasha text and English meanings.
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Govind Girichadh Terat
गोविंद गिरिचढ टेरत गाय ॥ गांग बुलाई धौमर धौरी टेरत वेणु बजाय ॥१॥ श्रवण नादसुन मुख तृणधर सब चितई सीस उठाय ॥ प्रेम विवशव्...
Kadambchadh Kanh Bulavat
कदंबचढ कान्ह बुलावत गैयां ॥ मोहनमुरलीको शब्दसुनतही जहाँतहों ते उठ धैयाँ ॥१॥ आवोआवो सखा संगके पाई है एकठैयां ॥ गोविंद प्...
Teraho Ter Kadamb
टेरहो टेर कदंब चढ दूरजातहें गैयां ॥ तुह्मारी टेर सुनत बगदेंगी पाछें पीजे धैयाँ ॥१॥ झटकत रई पतूखी फारत घावत नंददुहैयां ॥...