Pushti Kirtan

Raag

Purvi · पूर्वी

Read 19 Pushtimargiya kirtans in Purvi · पूर्वी with original Braj Bhasha text and English meanings.

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Ai Hum Akeli

आई हूँ अकेली

आई हूँ अकेली साँझ साँझीके कुसुम लेंन भलौ मिल गयौ तू जात घर गायलै ॥ आयौ घनघोर मेह सूझत नहीं कछु गेह चुंदरी चटक रंग नीरते...

Parab Dashahara Jani

परब दशहरा जानि

परब दसहरा जानि जसोमति लाल उबटि न्हवावही ॥ सेत वागो लाल सूथन सेत कुलही बनावही ॥१॥ आभूखन पहेराये हितसों काजर नैन लगावही ॥...

Gaiya Dur Nikas

गैया दूर निकस

गैया दूर निकस गईं मोहन बगदावो दे हांक ॥ जो ऊंचे चढ टेर सुनावो सब बगदेंगी मेरे जान ॥१॥ वृंदावन में चरत हरित तृण चोंक चमक...

Sab Sukh Savan Jhoolat

सब सुख सावन झूलत

सब सुख सावन झूलत हिंडोरे रंग रह्यो ॥ रागतान मिली ताल सुरन को मिलवत प्यारी न्यारी न्यारी तरंगन श्रवन सुनत सब दुःख बह्यो...

Govind Girichadh Terat

गोविंद गिरिचढ टेरत

गोविंद गिरिचढ टेरत गाय ॥ गांग बुलाई धौमर धौरी टेरत वेणु बजाय ॥१॥ श्रवण नादसुन मुख तृणधर सब चितई सीस उठाय ॥ प्रेम विवशव्...

Kadambchadh Kanh Bulavat

कदंबचढ कान्ह बुलावत

कदंबचढ कान्ह बुलावत गैयां ॥ मोहनमुरलीको शब्दसुनतही जहाँतहों ते उठ धैयाँ ॥१॥ आवोआवो सखा संगके पाई है एकठैयां ॥ गोविंद प्...

Teraho Ter Kadamb

टेरहो टेर कदंब

टेरहो टेर कदंब चढ दूरजातहें गैयां ॥ तुह्मारी टेर सुनत बगदेंगी पाछें पीजे धैयाँ ॥१॥ झटकत रई पतूखी फारत घावत नंददुहैयां ॥...

Aage Gai Pachhen Gai

आगे गाय पाछें गाय

आगे गाय पाछें गाय इत गाय उत गाय गोविंद को गायन में वसवोई भावे ॥ गायन के संग धावे गायनमें सचुपावे गायन कीखुर रेणु अंग लप...

Haken Hatak Hatak

हाकें हटक हटक

हाकें हटक हटक गाय ठटक ठटक रही गोकुलकी गली सब सांकरी ॥ जारी अटारी झरोखन मोखन झांकत दुरदुर ठोरठोरते परत कांकरी ॥१॥ चंपकली...

Dhare Tedhi Pag

धरे टेढी पाग

धरे टेढी पाग टेढी चंद्रिका टेढे त्रिभंगीलाल ॥ कुंडलकिरण मानों कोटि रवि उदय होत उर राजत वनमाल ॥१॥ सांवरे वदन पीतांबर ओढे...

Dharen Banki Pag

धरें बांकी पाग

धरें बांकी पाग बांकी चंद्रिका बांके विहारीलाल ॥ बांकी चाल चलत बांकी गति बांके बचन रसाल ॥१॥ बांको तिलक बांकी भृगुरेखा बा...

Moso Kyon Na

मोसो क्यों न

मोसो क्यों न बोलेरे नंदके लाल तेरो कहा लिये जात ॥ छांडदे अंचलहोतहेगहरूजानतहो ऐसी बाल ॥१॥ बनते आवत कमल फिरावत तापर गावत...

Dhare Banki Pag

धरे बांकी पाग

धरे बांकी पाग बांकी चन्द्रिका बांक बिहारीलाल ॥ बांकी चाल बांकी गति बांके वचना रसाल ॥१॥ बांको तिलक बांकी भ्रूरेख बांकी प...

Chhabile Lalki Yah

छबीले लालकी यह

छबीले लालकी यह बानिक वरनत वरनी नजाई ॥ देखत तनमनधन कर न्योछावर आनंद उर न समाई ॥१॥ कंदमूल फल आगें धरकें रही हैं सकल सिरना...

Pachhen Lalita Agensyamapyari

पाछें ललिता आगेंस्यामाप्यारी

पाछें ललिता आगें स्यामाप्यारी ता आगें पिय मारगमें फूल बिछावत जात ॥ कठिन कली बीन करत न्यारी न्यारी प्यारी के चरण कोमल जा...