Amrit Nichoy Kiyo
अमृत निचोय कियो
अमृत निचोय कियो एकठोर ॥ तुम्हारे वदनसुधा रसुधानिधि तबते बिधना रची न और ॥१॥ सुन राधे उपमा कहा दीजे स्याममनोहर भयेरी चकोर...
Raag
Read 7 Pushtimargiya kirtans in Kalyan · कल्याण with original Braj Bhasha text and English meanings.
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अमृत निचोय कियो
अमृत निचोय कियो एकठोर ॥ तुम्हारे वदनसुधा रसुधानिधि तबते बिधना रची न और ॥१॥ सुन राधे उपमा कहा दीजे स्याममनोहर भयेरी चकोर...
अबला तेरे बल
अबला तेरे बल है न और ॥ बेधे मदनगोपाल महागज कुटिल कटाक्ष नयनकी कोर ॥१॥ यमुनातीर तमाल लतावन फिरत निरंकुश नंदकिशोर ॥ भ्रूह...
चितैचितै चितचोरत आलीरी
चितैचितै चितचोरत आलीरी बांके लोचन नीके ॥ यह मूरत खेलत नयननमें लाल भावते जियके ॥१॥ एकबार मुसकाय चलेजब हृदय गडे गुणपीके ॥...
मेरे तो गिरिधर
मेरें तो गिरिधर ही गुनगान ॥ यह मूरति खेलत नयननमें यही हृदयमें ध्यान ॥१॥ चरणरेणु चाहत मन मेरो यही दीजिये दान ॥ कृष्णदासक...
यह कोऊ जानेरी
यह कोऊ जानेरी वाकी चितबनमेंके चरित्र मुरली मांझ ठगोरी ॥ देखत सुनतही मोहे जात सुरनर मुनि और खगोरी ॥१॥ हरत काम की कामताई...
मेरो तो कान्ह
मेरो तो कान्ह हैरी प्राण सखीरी आन ध्यान नाहिन मेरे मनके हरन सुखके करन ॥ लटपटी पचरंग पाग ढरक रही वाम भाग कुंकुमको तिलक भ...
मोहि कहा वरजतहो
मोहि कहा वरजतहो कान्ह क्यों न वरजोरी चितेवौ छाँडे ॥ नयन मोहनीरी मोहन कैसो जहांतहां बजाय रिझाय काढे ॥१॥ जहां जाय दृष्टि...