प्रातकाल प्यारेलाल आवनी
Pratkal Pyarelal Aavani
प्रातकाल प्यारेलाल आवनी बनी ॥ उरसोहे मरगजीमाल डगमगी सुदेशचालचरण कंज मदनजीत करतगामिनी ॥१॥ प्रियाप्रेम अंगराग सगमगी सुरंग...
Occasion
Read 2 Pushtimargiya kirtans for Khandita Ke Pad / खण्डिता के पद with original Braj Bhasha text and English meanings.
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Pratkal Pyarelal Aavani
प्रातकाल प्यारेलाल आवनी बनी ॥ उरसोहे मरगजीमाल डगमगी सुदेशचालचरण कंज मदनजीत करतगामिनी ॥१॥ प्रियाप्रेम अंगराग सगमगी सुरंग...
Bhorahi Dagmagat Jit
भोरही डगमगत जीत मन्मथ चले ॥ सकल रजनी जगे नेक नहीं पल लगे अरुण आलस वलित नयन लागत भले ॥१॥ कितव नागरनटचिन्ह प्रकटित करत वस...