Pushti Kirtan

Raag

Bhairav · भैरव

Read 37 Pushtimargiya kirtans in Bhairav · भैरव with original Braj Bhasha text and English meanings.

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Janyau Janyau Ri

जान्यौ जान्यौ री

जान्यौ जान्यौ री सयान तें प्रानेश्वर सों कीयौ मान भयौ है बिहान ॥ पियकों तेरौ ही ध्यान मेरी सीख सुनलै कान जामें बसे प्रा...

Murali Hari Tem

मुरली हरि तें

मुरली हरि तें न छूटतहै ॥ वाहीके वश भये निरंतर वह अधरन रसलूटतहै ॥१॥ तुमतें निठुर भई वह बोलत तन तें मन उचटावतहै ॥ आरज पथ...

Yake Gun Main

याके गुन मैं

याके गुन मैं जानत हूँ ॥ अबतौ आय भई यहाँ मुरली वौ ही नातौ मानत हूँ ॥१॥ हरिकी कान करत वह को है कहा करों उनमानत हूँ। अबही...

Ye Vamsi Nad

ये बंसी नाद

ये बंसी नाद सुर साधिकें बजाई प्रवीन कान्ह सात सुर सोधकें मधुर धुनि ॥ घरी घरी घूमत सुध न रही कछु कल न परै मेरे तन मन ॥१॥...

Haha Ho Hari

हाहा हो हरि

हाहा हो हरि नृत्य करौ ॥ जैसें कर मैं तुमहि रिझाऊँ त्यौं मेरौ मन तुमहुँ हरौ ॥१॥ तुम जैसें श्रम बाहु करत हौ तैसें मैं हूँ...

Sudhang Nachat Naval

सुधंग नाचत नवल

सुधंग नाचत नवल किशोरी ॥ थेईथेई करत चाहत प्रीतम दिश बदन चंद मानों तृषित चकोरी ॥१॥ तान बंधान मानमें भामिनी रीझे श्याम कहत...

Shrivallabh Dekhe Main Jab Jage

श्रीवल्लभ देखे मैं जब जागे

श्रीवल्लभ देखे मैं जब जागे। घूमत नेनसों बोलत है जुं प्राणप्रिया रस पागे ॥१॥ सिथिल अंग जूंभात कछुकहि बैठ प्रिया अंग लागे...

Shrivallabh Rasrang Bhare

श्रीवल्लभ रसरंग भरे

श्रीवल्लभ रसरंग भरे प्यारी उर बाँह धरे बैठे निकुंजधाम करत है कलेऊ। निज कर पिय सामग्री मेलत प्रिया के मुख वेहु हँसी देत...

Vallabh Priya Mil Karat

वल्लभ प्रिया मिल करत

वल्लभ प्रिया मिल करत कलेउ। नव व्यंजन कर दियो ढाँपि जब प्रीत हृदैकी लख्यो न कोऊ ॥१॥ राख्यो थार अमरती घेवर माखन मिश्री मि...

Balkrishna Jagahu Mere

बालकृष्ण जागहु मेरे

बालकृष्ण जागहु मेरे प्यारे ॥ध्रु.॥ बैठी सेज कहती है जननी । बार बार मुखकमल निहारे ॥१॥ सुन्यो वचन माता को जब ही । तनिक तन...

Utho Mere Lal

उठो मेरे लाल

उठो मेरे लाल गोपाल लाडले रजनी वीती बिमल भयो भोर ॥ घर घर दधि मथत गोपिका द्विज करत वेदकी सोर ॥१॥ करो कलेऊ दधि ओर ओदन मिश्...

Jago Gopallal Duho

जागो गोपाललाल दुहो

जागो गोपाललाल दुहो धौरी गैयां ॥ सद्दूध मथ पीवो घैयां ॥१॥ भोर भयो वन तमचर बोले ॥ घरघर गोप वगर सब खोले ॥२॥ गोपी रई मथनिया...

Jagiye Gopallal Janani

जागिये गोपाललाल जननी

जागिये गोपाललाल जननी बलजाई ॥ उठो तात प्रात भयो रजनीको तिमिर गयो टेरत सब ग्वालबाल मोहनाकन्हाई ॥१॥ उठो मेरे आनंदकंद गगनचं...

Karo Kaleu Ramkrishna

करो कलेऊ रामकृष्ण

करो कलेऊ रामकृष्ण मिल कहत यशोदा मैया ॥ पाछें वछ ग्वाल सब लेकें चलो चरावन गैया ॥१॥ पायस सिता घृत सुरभिनको रुचिकर भोजन की...

Chhagan Magan Pyare

छगन मगन प्यारे

छगन मगन प्यारे लाल कीजिये कलेवा ॥ छींकते सगरी दधि उखल चढ काढलेहो पहर लेहो झगुली फेंट बांधलेहो मेवा ॥१॥ यमुना तट खेलन जा...

Mangal Mangalam Braj Bhuvi Mangalam

मंगल मंगलम् ब्रज भुवि मंगलम्

मंगल मंगलम् ब्रज भुवि मंगलम् ॥ मंगलमिह श्रीनंदयशोदा नाम स्वकीर्तनमे तद्रूचिरोत्संग सुलालित पालित रूपम् ॥१॥ श्री श्रीकृष...

Mangal Aarti Gopalki Maai

मंगल आरती गोपालकी माई

मंगल आरती गोपालकी माई ॥ नित्यप्रति मंगल होत निरख मुख चितवन नयन विशालकी ॥१॥ मंगल रूप स्याम सुंदरको मंगल भृकुटी सुभालकी ॥...

Pratkal Pyarelal Aavani

प्रातकाल प्यारेलाल आवनी

प्रातकाल प्यारेलाल आवनी बनी ॥ उरसोहे मरगजीमाल डगमगी सुदेशचालचरण कंज मदनजीत करतगामिनी ॥१॥ प्रियाप्रेम अंगराग सगमगी सुरंग...

Bhorahi Dagmagat Jit

भोरही डगमगत जीत

भोरही डगमगत जीत मन्मथ चले ॥ सकल रजनी जगे नेक नहीं पल लगे अरुण आलस वलित नयन लागत भले ॥१॥ कितव नागरनटचिन्ह प्रकटित करत वस...

Deyashumati Naik Apnirai

देयशुमति नैक अपनीरई

देयशुमति नेंक अपनीरई योंहीपरयो है बिनामथनकीये दई ॥ अपनी हौढूँढआई उठ अंधियारेमाँझपाई न भवनमें कहांधोंगई ॥१॥ याहीते आतुरध...

Sangatriyan Ban Mai

संगत्रियन वन में

संग त्रियन वन में खेलत रविजा-तट मुरलीधर मध्य रास नृत्यकला गुननिधान ।। सप्त सुरन तीन ग्राम बजाय लिये आरोही-अवरोही धरन मु...