Prat Uthat Ur
प्रात उठत उर
प्रात उठत उर आनंद भरकें पीजे जमुना जल निर्मल ॥ पान परसत अंग अंग मिटे आरत सनमुख होत रसना रस निश्चल ॥१॥ गोपीजन व्रजवास धर...
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Read 2 Pushtimargiya kirtans for Akshaya Tritiya Ke Pad · अक्षय तृतीया के पद with original Braj Bhasha text and English meanings.
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प्रात उठत उर
प्रात उठत उर आनंद भरकें पीजे जमुना जल निर्मल ॥ पान परसत अंग अंग मिटे आरत सनमुख होत रसना रस निश्चल ॥१॥ गोपीजन व्रजवास धर...
सीतल खरन बाहु
सीतल खरन बाहु भुज बलमें जमुनातीर गोकुल ब्रज महीयां ॥ सीतल पान खरी सुध चरनन नित्य दुध जटी अति जतन कहीयां ॥१॥ गोवर्धन अरु...