Pushti Kirtan

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Nitya Mahatmay Ke Pad / नित्य माहात्म्य के पद

Read 5 Pushtimargiya kirtans for Nitya Mahatmay Ke Pad / नित्य माहात्म्य के पद with original Braj Bhasha text and English meanings.

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जो रस रसिक

Jo Ras Rasik

जो रस रसिक कीर मुनि गायो ॥ सो रस रटत रहत निशिवासर शेष सहस्रमुख पार न पायो ॥१॥ गावत शिव शारद मुनि नारद कमलकोश वासी न चखा...

जाके मन बसे

Jake Man Base

जाके मन बसे स्यामघन माधो ॥ सो सुंदर सोधनीदक्ष सोई सोई कुलीन सोई साधो ॥१॥ सो पंडित सोगुणपुंज सोई जो गोपाल कहिगावे ॥ कोटि...

कमल नयन कमलापति

Kamal Nayan Kamalapati

कमल नयन कमलापति त्रिभुवन के नाथ ॥ एक प्रेमतें सबबने जो मन होवे हाथ ॥१॥ सकल लोककी संपदा ले आगें धरिये ॥ भक्तिविना माने न...

जापर कमलकांत ढरे

Japar Kamalakant Dhare

जापर कमलकांत ढरै ॥ लकरी घासको बेचनहारो तासिर छत्र-धरै ॥१॥ विद्यानाथ अविद्या समरथ जो कछु चाहे सोई करै ॥ रीतेभरे भरेपुन ढ...

दास अनन्य मेरो

Das Ananya Mero

दास अनन्य मेरो निजरूप ॥ दर्शनमात्र ताप त्रय नासत छुडावै गृहबंधन कूप ॥१॥ मेरीबांधी भक्तछुडावें भक्तकी बांधी छुटे न मोही...