Pushti Kirtan

Raag

Bihag · बिहाग

Read 32 Pushtimargiya kirtans in Bihag · बिहाग with original Braj Bhasha text and English meanings.

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Mukur Mahalmen Maan

मुकुर महलमें मान

मुकुर महलमें मान लिख्यो मोहनीको विनय वचन बोलि सुकुमारीके । कितेक कौतक निहार प्यारी नेन लर स्वेत जरी जोत जानो चित्र चित्...

Ve Dekho Barat

वे देखो बरत

वे देखो बरत झरोकन दीपक हरि पोढे ऊँची चित्रसारी ॥ सुंदरवदन निहारन कारण राख्योहै बहुत यतन कर प्यारी ॥१॥ कंठलगाय भुजदे सिर...

Ve Dekho Kesi

वे देखो केसी

वे देखो केसी नीकी चित्रसारी तामें पोठे पिय प्यारी दीप मालिका रुचिर बनाई ॥ चहुं ओर झलमलत दीप मोतिन की माल मानो जाल गुहाई...

Jharokhan Deepak Dekhiyat

झरोखन दीपक देखियत

झरोखन दीपक देखियत द्वेहेरी पंगत राजे ॥ घृत परिपूरण सवारी राखे प्यारी कर प्रीतम वदन अवलोकन कारण स्फटिक मणिमय छाजे ॥१॥ दं...

Mohin Bharosau Shrigiriraj

मोहिं भरोसौ श्रीगिरिराज

मोहिं भरोसौ श्रीगिरिराज कौ। कहा जु भयौ तन, मन, धन जो रैं? भक्ति बिना कहा काज कौ? ऊंची मेंडी कौन काज की व्रज वसिबौ भलो छ...

Manimandiramen Jhoolat Dampati Manin

मणिमंदिरमें झूलत दंपति मणिन

मणिमंदिरमें झूलत दंपति मणिन खचित हिंडोल सुहाये ॥ जगमगात मणि दीपक चहूंदिश तेसेई भूषण अंग बनाये ॥१॥ दोऊ एक वेष करत आलिंगन...

Bhali Kari Aye Bhali

भली करि आये भलि

भली करि आये भलि करी आये पर्व मनायो सलूनो ॥ झुमझुम झुलवत रंगरंगन रस वरखत व्रजदूनो ॥१॥ एकवेष एकरूप एकगुण पूरण नाहिन उनो ॥...

Gayo Na Gopal

गायो न गोपाल

गायो न गोपाल मनलायो न निवारलाज पायो न प्रसाद साधुमंडली में जायके ॥ धायो न धमक वृंदाविपिनकी कुंजनमें रह्यो न शरण जाय श्र...

Nishadin Shrivallabhagun Gayo

निशदिन श्रीवल्लभगुण गायो

निशदिन श्रीवल्लभगुण गायो ॥ भक्तकमल प्रकाशित कर निजजनहि सुधा पिवायो ॥१॥ ज्ञानयोग वैराग्य जपतप अन्य भजन भजाये ॥ ब्रजाधीश...

Jay Shrivallabh Charanakamal

जय श्रीवल्लभ चरणकमल

जय श्रीवल्लभ चरणकमल शिर नाइये ॥ परमानंद साकार शशि शरदमुख मधुरी बानी भक्तजनन संग गाइये ॥१॥ राजतमछांमध्य सत्त्वके संग ह्व...

Hariras Tabahin To

हरिरस तबहीं तो

हरिरस तबहीं तो जाय पैये ॥ स्वाद विवाद हर्ष आतुरता इतने दंडजो सहिये ॥१॥ कोमलवचन दीनता सबसों सदां प्रफुल्लित रहिये ॥ गए न...

Jolon Hari Apunapo

जोलों हरि अपुनपो

जोलों हरि अपुनपो न जनावे ॥ तोलों सकलसिद्धान्त मारगको पढ़ें सुनें नहिं आवे ॥१॥ सुनब्रह्मा नारायण मुखतें नारदकूँ सिखदीनी...

Re Man Chinta

रे मन चिंता

रे मन चिंता न कर पेटकी ॥ हलन चलन यामें कछुनाहिन कलम लिखीजो ठेटकी ॥१॥ जीवजंतु जेते जलथलके तिन निधि कहा समेटकी ॥ समे पाए...

Tum Taj Kaun

तुम तज कौन

तुम तज कौन सनेही कीजे ॥ सदा एकरसको निबहतहै जाकी चरणरज लीजे ॥१॥ यह नहोय अपनी जननीते पिताकरत नहीं ऐसी ॥ बंधुसहोदर सेवन कर...