Pujan Chali Ri
पूजन चली री
पूजन चली री साँझी शुभधरी शुभदिन शुभ महुरत रात ॥ चंचल चपल चपलासी डोलत चंपे जैसौ गात ॥१॥ अपने अपने मंदिर तें निकसी दीप लि...
Raag
Read 14 Pushtimargiya kirtans in Hamir · हमीर with original Braj Bhasha text and English meanings.
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पूजन चली री
पूजन चली री साँझी शुभधरी शुभदिन शुभ महुरत रात ॥ चंचल चपल चपलासी डोलत चंपे जैसौ गात ॥१॥ अपने अपने मंदिर तें निकसी दीप लि...
श्रीविट्ठलनाथके धाम बधाई
श्रीविट्ठलनाथके धाम बधाई ॥ ज्ञानरूप प्रकटे श्रीयदुपति छठे सुबन सुखदाई ॥१॥ छठ अमल मधु मास सुखद ऋतु मधुपन रूप दिखाई ॥ परम...
जमुनाके तीर कान्ह
जमुनाके तीर कान्ह चंग उडाय छबीसों रमैया ॥ हों जमुना जल भरन गईरी ओचक दृष्टि पर गई दैया ॥१॥ अँचन तनक मन उरझोरी व्याकुल भई...
पूत महेरको खिरक
पूत महेरको खिरक दोहावत गैया । संध्या समें बांधे फेंटा गरे गुंजमाल पहेरे तनिया ठाडे हें अधपैया ॥१॥ कोंधनि बनि हाथ हंसतात...
लालके फेंटा ऐंठा
लालके फेंटा ऐंठा अमेठा बन्यो फब्यो भ्रगुटी भाल पर नवल नंदलालके आवत बनतें बने सांझ सुरभिन मांझ ॥ अटक लटक नरही दुगन ब्रजब...
पूत महरको खिरक
पूत महरको खिरक दोहावत गैया ॥ संध्यासमे बांधे फेंटा गरे गुंजमाल पहेरे तनिया ठाडे हें अधपैया ॥१॥ कोंधनी बनी हाथ हसंतातर र...
चंदन पहेर नाव
चंदन पहेर नाव हरि बैठे संग वृषभान दुलारी हो ॥ यमुना पुलिन फूल शोभित तहां खेलत लाल बिहारीहो ॥१॥ त्रिविध पवन बहत सुखदायक...
चंदन पहेरत आवत
चंदन पहेरत आवत हे नवरंग रंगीलो ॥ चंदनकों तन पाग पिछोरा चंदन छबिही छबिलो ॥१॥ चन्दन की तन खोर कीए हें चन्दन लागत अरवीलो ॥...
अबही लगाय गये
अबही लगाय गये मेरे गेह कहां मेट आये लाल अरगजा अंगको । नैन सिथिल अरु बैन सिथिल भये रंग लग्यो परसंगको ॥१॥ सुन पिया वचन अं...
पिछोरा खासाको कटिबांधें
पिछोरा खासाको कटिबांधें ॥ वे देखो आवत नंदनंदन नयन कुसुमशर सांधें ॥१॥ स्याम सुभग तन गोरज मंडित बांह सखाके कांधें ॥ चलत म...
अहो कान्ह गैया
अहो कान्ह गैया कहां बिसरानी ॥ कहां चराई चलाई कौन वन कहां पिवायो पानी ॥१॥ भई सांझ वन माझ फिरत हो बोलत पंछी कोऊ न वानी ॥...
हरिमारग जोवत भई
हरिमारग जोवत भई सांझ । दिनमनि अस्त भयो गोधूरक आवत बने मंडली मांझ ॥१॥ बाजत बेनु रेनु तनमंडित वनमाला उर लोचन चारु ॥ बरुहा...
मदनगोपाल हमारे आवत
मदनगोपाल हमारे आबत आनन्द मंगल गाऊंगी ॥ जल गुलाब के घोरि अरगजा पायन चंदन लगाऊंगी ॥१॥ शीतल चंदन सुखद के साजत कुच भुज बीच...
आय देखो आवतहे
आय देखो आवतहे निपटलाल बनेरी । चंदनकी खोर किये गुलाबकी बनमाल हिये मोरचंदा सिस दिये अंनमेंन बनेरी ॥१॥ कटावकी कटि काछिनी उ...