Pushti Kirtan

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Vratacharya Ke Pad Mangala Shringar / व्रतचर्या के पद मंगला शृंगार

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ग्वालिन मांगत बसन

Gvalin Mangat Basan

ग्वालिन मांगत बसन आपने ॥ सीतकाल जलभीतरठाडी आवतनहीं दयाने ॥१॥ तुम व्रजराज कुमार प्रबल अतिकोन परी यहबाने ॥ हम सब दासी तिह...

ग्वालिनि आपनेचीरलेहो

Gvalini Aapnechirleho

ग्वालिनि आपनेचीरलेहो ॥ जलतेनिकसनिहार नेकव्हैदोऊकरजोर आसीसलेहो ॥१॥ कितहुंसीतसहत ब्रजसुंदरिहोत असित- कृशगात सबे ॥ मेरे कह...

तुमहरि हरे केवलचीर

Tumhari Hare Kevalchir

तुमहरि हरे केवलचीर ॥ करत मुरलीवसनभूषणपराक्रमकुलधीर ॥१॥ तुम आपजाय मनायलावत चतुरहलधरवीर ॥ मुरलीकाध्वनि सुनत व्रजपति मनहिं...

मोहन देहो वसन

Mohan Deho Vasan

मोहन देहो वसन हमारे ॥ जाय कहों व्रजपतिजूके आगें आगें करतअनीतललारे ॥१॥ तुम व्रजराजकुमारलाडिले औरसबहिनके प्राण पियारे ॥ ग...

अहो हरि हमहारी

Aho Hari Hamhari

अहो हरि हमहारी तुमजीते ॥ नागरनटपट देहो हमारे कांपतहै तनसीते ॥१॥ कानन कुंडल मुकुट बिराजत कान्हकुंवरकेहौंवारी ॥ हाहाखातपै...