Khelanhi Chale Vrajrai
खेलनही चले व्रजराई
खेलनही चले व्रजराई ॥ करतल वेणु लकुटिया कांधे कटिमेखला बनाई ॥१॥ द्वार द्वार प्रति सखा बुलाये बछरा ढिलवो भाई ॥ भोर भये अब...
Raag
Read 20 Pushtimargiya kirtans in Bibhas · बिभास with original Braj Bhasha text and English meanings.
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खेलनही चले व्रजराई
खेलनही चले व्रजराई ॥ करतल वेणु लकुटिया कांधे कटिमेखला बनाई ॥१॥ द्वार द्वार प्रति सखा बुलाये बछरा ढिलवो भाई ॥ भोर भये अब...
चिरैयनको चुंहचुहाट
चिरैयनको चुंहचुहाट सुन प्रात उठी दुलही ॥ रेनको सुख लूटलूट कनिकबेलि उलही ॥१॥ सास ननदकी त्रास जान बडे भोर जागी ॥ हरें हरे...
श्री विट्ठलगृह मंगलचार
श्री विट्ठलगृह मंगलचार ॥ माता रुक्मिणी कूखि प्रकट भये श्रीयदुनाथ छठे सकुमार ॥१॥ जयजयकार भयो भुवि उपर बजत बीन मुरली करता...
तरणि तनया तीर
तरणि तनया तीर आवतहें प्रातसमें गेंद खेलत देख्योरी आनंदो कंदवा ।। काछिनी किंकणी कटि पीतांबर कस बांधे लाल उपरेना शिरमोरनक...
श्रीगंगा जगतारण को
श्रीगंगा जगतारण को आई ॥ भगीरथ तपस्या कीनी शिवले सीस चढाई ॥१॥ पापी दुष्ट अजामिल गणिका पतित परम गति पाई ॥ परम पुनीत प्रीत...
जे जन गंगा गंगा
जे जन गंगा गंगा कहे ॥ जन्म जन्मके कोटिक दुष्कृत छिनहीं मांझ दहे ॥१ ॥ स्नान करत तें मन वांछित फल ततछिन सर्व लहे ॥ व्रजपत...
परमेश्वरी देवमुनि वंदत
परमेश्वरी देवमुनि वंदत पावन देवी गंगे ॥ पावन चरण कमल नखरंजित सीतलबाहु तरंगे ॥१ ॥ मज्जनपान करत जे प्राणी त्रिविध ताप दुः...
खिलावन आवेंगी ब्रजनारी
खिलावन आवेंगी ब्रजनारी ॥ जागो लाल चिरैयां बोलीं कहे जसुमति महतारी ॥१॥ ओट्यो दूधपान करि मोहन बेगि करो स्नान गुपाल ॥ करिश...
जागि कहौ जनुनी सों
जागि कह्यौ जनुनी सौं मोहन ॥ आजु कहा मोहे बेनि जगायों सों कारज सब कहिए सोहन ॥ तब जसुमति कह्यों आजु पूरन दिन पून्यों सुख...
जागो कृष्ण खेलो रंग
जागो कृष्ण खेलो रंग होरी ॥ अबीर गुलाल लियो भरि झोरी ॥ ब्रज नव वधू खेलन कों निकसी घोषराई जु की पौरी ॥१॥ कछु खाओ और सुगंध...
भारे भये मेरे लाल
भोर भये मेरे लाल होरी खेलो गोप बाल उठो गुपाल लाल दुहो धोरी गैया ॥ उस्नोदक अभ्यंग स्नान करि हो कलेउ कान्ह सजो बिबिधि बान...
करि हो कलेऊ बलराम
करि हो कलेऊ बलराम कृष्ण तुम मिल ब्रज की नारी सिमिट सब आई ॥ चोबा चंदन अगर कुमकुमा साज फाग कौं सब लाई ॥१॥ कछु खायो कछु धर...
जागोलाल बसंत बधावन
जागोलाल बसंत बधावन आवेगी ब्रजनार ॥ उठ हो लाल तुम करहो कलेऊ खेलनको होत अवार ॥१॥ माखन मिश्री दधि मलाई भर भर राखे कंचन थार...
भोर भयो जागो
भोर भयो जागो नंदनन्द ॥ संग सखा ठाढे जगवंद ॥१॥ सुरभिन पय हित वत्स पिवाये ॥ पंछी यूथ दसोदिश धाये ॥२॥ मुनि सर तके तमचर स्व...
दधिके मतवारे कान्ह
दधिके मतवारे कान्ह खोलो क्यों न पलकें ॥ शिश मुकुटकी लटा छुटि और छुटि अलकें ॥१॥ सुरनरमुनि द्वार ठाडे दरस कारन कीलकें ॥ न...
ग्वालिन मांगत बसन
ग्वालिन मांगत बसन आपने ॥ सीतकाल जलभीतरठाडी आवतनहीं दयाने ॥१॥ तुम व्रजराज कुमार प्रबल अतिकोन परी यहबाने ॥ हम सब दासी तिह...
ग्वालिनि आपनेचीरलेहो
ग्वालिनि आपनेचीरलेहो ॥ जलतेनिकसनिहार नेकव्हैदोऊकरजोर आसीसलेहो ॥१॥ कितहुंसीतसहत ब्रजसुंदरिहोत असित- कृशगात सबे ॥ मेरे कह...
बांकी भौंह टेढ़ी
बांकी भौंह टेढ़ी पागपियरे अनुराग पियरे पिछोर मध्य झलकत तनियां ॥ निसके उनीदे नयन तोतरात मीठेबेन काजर की रेख माल छूटी लरम...
श्री वृंदावन नवनिकुंज
श्री वृंदावन नवनिकुंज ठाढे उठभोर ॥ बाहें जोर बदन भोर हसत सुरत रतिसकुचत पुनकछु लजात नयन कोर ॥१॥ कबहुं करत वेणु नाद पायो...
स्यामसिंधुअंग चंदनादिगंध
स्यामसिंधुअंग चंदनादिगंध पूजत पटपीत मदन लजावत सुभगतरंगमा ॥ युवती सरिता अनंत मिलत शोभा समंत गुणसहित गरिष्टभाव भावसलिल सं...