सुमिरि मन गोपाललाल
Sumiri Man Gopallal
सुमिरि मन गोपाललाल सुंदर अति रूप-जाल । मिटि है जंजाल सकल निरखत सँग गोप-बाल ॥१॥ मोर-मुकुट सीस धरैं बनमाला सुभग गरैं । सब...
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Read 5 Pushtimargiya kirtans for Mugat Shringar Ke Pad / मुगट शृंगार के पद with original Braj Bhasha text and English meanings.
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Sumiri Man Gopallal
सुमिरि मन गोपाललाल सुंदर अति रूप-जाल । मिटि है जंजाल सकल निरखत सँग गोप-बाल ॥१॥ मोर-मुकुट सीस धरैं बनमाला सुभग गरैं । सब...
Dekhri Dekh Navkunj
देखरी देख नवकुंज घन सघन तर ठाडे गिरिवरधरन रंग भीने। मुकुट सिर लाल कटि काछिनी बेनु कर राधिका संग भुज अंस दीने ॥१॥ मकरकुं...
Meri Akhiyan Dekhyo
मेरी अखियन देख्यो गिरिधरभावे ॥ कहा कहूं तोसों सुन सजनी उतहीं क्यों उठि धावे ॥१॥ मोर मुकुट काननकुंडल सखी तन गति सबें बिस...
Sakhi Nandko Nandan
सखी नंदको नंदन सांवरो मेरो चित चोर जायरी ॥ रूप अनुप दिखायके सखी गयो है अचानक आयरी ॥१॥ टेढी चलनि मधुर चंचल गति टेढे नेन...
Syamtan Priya Bhukh
स्यामतन प्रिया भूख न बिराजे। कनक मनिमुकुट कुंडल श्रवन वनमाल अधरमधुरी धरे नाहि छाजे ॥१॥ निरख अब परस्पर रीझे दोऊनार बर गय...