Teri Gati Agadh Mope
तेरी गति अगाध मोपे
तेरी गति अगाध मोपे बरनी न जाय निरंजन निराकार नारायण सप्त द्वीप सप्त खंड अष्टकुल पर्वत को मेरु रच्यो सप्त धारायन ॥१॥ तू...
Raag
Read 10 Pushtimargiya kirtans in Lalit · ललित with original Braj Bhasha text and English meanings.
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तेरी गति अगाध मोपे
तेरी गति अगाध मोपे बरनी न जाय निरंजन निराकार नारायण सप्त द्वीप सप्त खंड अष्टकुल पर्वत को मेरु रच्यो सप्त धारायन ॥१॥ तू...
प्रकटे श्रीगोकुलनाथजी श्रीविट्टुलनाथके
प्रकटे श्रीगोकुलनाथजी श्रीविट्ठलनाथके धाम बधाई ॥ उग्र कियो यश या भूतल पर माला तिलक दृढाई ॥१॥ गुण लावण्य माधुरी मुख छबि...
गिरिधर गेंद मांगत
गिरिधर गेंद मांगत आय । सेजतें उठ झांकत इत उत बैठे जहां नंदराय ।।१।। मधुर वानी सुन सयानी आई रोहिनी धाय । 'कृष्णदास' के प...
कुंज भवन में झूले
कुंज भवन में झूले हिंडोरना राधा हो नंदलाल। जागे हो अनुरागे पागे संग लिये व्रजबाल ॥१॥ नैना अरुन बरन भये प्यारे झपकत खुलत...
हिंडोरे भोर ही झूलन
हिंडोरे भोर ही झूलन आये। मग जोवत चितवत सब रतियाँ कौन वाम विरमाये ॥१॥ कहाँ पियरो पट लाये हो नील पट ताको क्यों बिसराये। न...
झूलन हिंडोरनामें आये री
झूलन हिंडोरनामें आये री भोर। मैं अबला अज्ञान मूढ मति मत्त चराइके चोर ॥१॥ जागत रेन जोवत मग चितवत बरसे अनत नही ठोर। पीरी...
हिंडोरे झूलन आये मेरे
हिंडोरे झूलन आये मेरे भोर। लटपटी पाग उनीदे से लागत नेना भए हैं चकोर ॥१॥ तडफ तडफ मोहे चार जाम बीती बोलत है तमचोर। लाल गो...
बैठ लाल फूलनकी
बैठ लाल फूलनकी चौखंडी ॥ चंपक बकुल गुलाब निवारो रायवेलि श्रीखंडी ॥१॥ जाई जुई केवरो कुंजो कनक कणेर सुरंगी ॥ चतुर्भुजप्रभु...
बैठे लाल फूलनके
बैठे लाल फूलनके चोबारे ॥ कुर्बक बकुल मालती चंपो केतकी नवल निवारे ॥१॥ जाई जुई केवरो कुंज रायवेलि म्हेकारे ॥ मंद समीर कीर...
अति विचित्र फूलनकी
अति विचित्र फूलनकी चौखंडी बैठ जहां रसिक गिरिधारी ॥ रायवेलि मालती माधवी चंपक बकुल गुलाब निवारी ॥१॥ जाई जुई केवरो केतकी स...