लटपटी पाग बनी
Latpati Pag Bani
लटपटी पाग बनी सिर आज । टेढी धरी चंद्रिका सुन्दर भई मन्मथ मन लाज ॥१॥ नखसिख बानिक कहत न आवे लटपटे भूषन साज । परमानंददासको...
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Read 5 Pushtimargiya kirtans for Pag Chandrika / पाग चंद्रिका with original Braj Bhasha text and English meanings.
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Latpati Pag Bani
लटपटी पाग बनी सिर आज । टेढी धरी चंद्रिका सुन्दर भई मन्मथ मन लाज ॥१॥ नखसिख बानिक कहत न आवे लटपटे भूषन साज । परमानंददासको...
Puchhat Janani Kahan
पूछत जननी कहां ते आये । आज गयो श्रीवल्लभ के घर बहोतक लाड लडाये ॥१॥ विविध भांति पट भूषन ले ले सरस सिंगार बनाये । सीस पाग...
Aaj Bane Mohan
आज बने मोहन रंग भीने । केसरी पाग सिथिल अलकावलि सीस चन्द्रिका दीने ॥१॥ केसरी वागो अति ही राजे हरी इजार चरनन में दीने । ह...
Dhare Banki Pag
धरे बांकी पाग बांकी चन्द्रिका बांक बिहारीलाल ॥ बांकी चाल बांकी गति बांके वचना रसाल ॥१॥ बांको तिलक बांकी भ्रूरेख बांकी प...
Ve Dekho Aavat
वे देखो आवत हैं गिरिधारी । कछुक गाय आगे अरु पाछे सोभित संग सखा री ॥१॥ खस रही पाग लटपटी सुन्दर अपने हाथ सँवारी । मोतिनकी...