Lalan Baithe Kunjsthali
लालन बैठे कुंजस्थली
लालन बैठे कुंजस्थली कुसुमित वनपरिमल आमोद तहां कूजत कोकिला रहे रसमत्त अली ॥१॥ कुवलयदल कोमल शय्या रची मृदुल सुहस्त वेणीग्...
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Read 5 Pushtimargiya kirtans for Maan Kunj Ke Pad · मानकुंज के पद with original Braj Bhasha text and English meanings.
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लालन बैठे कुंजस्थली
लालन बैठे कुंजस्थली कुसुमित वनपरिमल आमोद तहां कूजत कोकिला रहे रसमत्त अली ॥१॥ कुवलयदल कोमल शय्या रची मृदुल सुहस्त वेणीग्...
चिते मसकानी हो
चिते मसकानी हो वृषभान दुलारी ॥ खसत मुरलीकर नंदनंदनके लियौहे लालमनुहारी ॥१॥ गजगति चाल चलत व्रजसुंदर लटकत स्यामरस मतपियार...
पिय जो करत मनुहारी
पिय जो करत मनुहारी समझ देखरी पियप्यारी ॥ कुंजके द्वार कबके ठाढेहैं मनमोहन ललनए तू खरी निठुर वृषभानदुलारी ॥१॥ अलक सवारनक...
जाहि तन मन
जाहि तन मन धन दीजे आली तासों रूसनो कैसे बनि आवे ॥ घोष नृपति सुत एते पर बहु नायक ताते कहतहों समुझ चितें अनखन कैसे पिय पा...
जपत स्याम तेरे
जपत स्याम तेरे गुण बैठे कदम्ब की छैयां ॥ उन तो विनती बहुत कर पठई तू जो करत है नैयां ॥१॥ नेंक जो दृष्टि परत नकरखी वह छवि...