Pushti Kirtan

Occasion

Nitya Ashray Ke Pad / नित्य आश्रय के पद

Read 7 Pushtimargiya kirtans for Nitya Ashray Ke Pad / नित्य आश्रय के पद with original Braj Bhasha text and English meanings.

Open this collection in search

हरिरस तबहीं तो

Hariras Tabahin To

हरिरस तबहीं तो जाय पैये ॥ स्वाद विवाद हर्ष आतुरता इतने दंडजो सहिये ॥१॥ कोमलवचन दीनता सबसों सदां प्रफुल्लित रहिये ॥ गए न...

जोलों हरि अपुनपो

Jolon Hari Apunapo

जोलों हरि अपुनपो न जनावे ॥ तोलों सकलसिद्धान्त मारगको पढ़ें सुनें नहिं आवे ॥१॥ सुनब्रह्मा नारायण मुखतें नारदकूँ सिखदीनी...

रे मन चिंता

Re Man Chinta

रे मन चिंता न कर पेटकी ॥ हलन चलन यामें कछुनाहिन कलम लिखीजो ठेटकी ॥१॥ जीवजंतु जेते जलथलके तिन निधि कहा समेटकी ॥ समे पाए...

तुम तज कौन

Tum Taj Kaun

तुम तज कौन सनेही कीजे ॥ सदा एकरसको निबहतहै जाकी चरणरज लीजे ॥१॥ यह नहोय अपनी जननीते पिताकरत नहीं ऐसी ॥ बंधुसहोदर सेवन कर...

दृढ इन चरणन

Dridh In Charanan

दृढ इन चरणन केरो भरोसो ॥ श्रीवल्लभनख चंद्रछटाबिन सब जग मांझ अंधेरो ॥१॥ साधन और नहीं या कलिमें जासों होय निवेरो ॥ सूर कह...

धनि धनि वृंदावन

Dhani Dhani Vrindavan

धनि धनि वृंदावन के वासी ॥। निशिदिन चरणकमल अनुरागी स्यामास्याम उपासी ॥१॥। अष्टमहासिद्धि द्वारे ठाडी रमाचरणकी दासी ।। या...