हरिरस तबहीं तो
Hariras Tabahin To
हरिरस तबहीं तो जाय पैये ॥ स्वाद विवाद हर्ष आतुरता इतने दंडजो सहिये ॥१॥ कोमलवचन दीनता सबसों सदां प्रफुल्लित रहिये ॥ गए न...
Occasion
Read 7 Pushtimargiya kirtans for Nitya Ashray Ke Pad / नित्य आश्रय के पद with original Braj Bhasha text and English meanings.
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Hariras Tabahin To
हरिरस तबहीं तो जाय पैये ॥ स्वाद विवाद हर्ष आतुरता इतने दंडजो सहिये ॥१॥ कोमलवचन दीनता सबसों सदां प्रफुल्लित रहिये ॥ गए न...
Lagejo Shrivrindavanako Rang
लगेजो श्रीवृंदावनको रंग ॥ मनके मैल सबे छुट जैहे अरु विषयनकों संग ॥१॥ राधावर सेवत अरु सुमरत उपजत लहर तरंग ॥ सखीभाव सहज ह...
Jolon Hari Apunapo
जोलों हरि अपुनपो न जनावे ॥ तोलों सकलसिद्धान्त मारगको पढ़ें सुनें नहिं आवे ॥१॥ सुनब्रह्मा नारायण मुखतें नारदकूँ सिखदीनी...
Re Man Chinta
रे मन चिंता न कर पेटकी ॥ हलन चलन यामें कछुनाहिन कलम लिखीजो ठेटकी ॥१॥ जीवजंतु जेते जलथलके तिन निधि कहा समेटकी ॥ समे पाए...
Tum Taj Kaun
तुम तज कौन सनेही कीजे ॥ सदा एकरसको निबहतहै जाकी चरणरज लीजे ॥१॥ यह नहोय अपनी जननीते पिताकरत नहीं ऐसी ॥ बंधुसहोदर सेवन कर...
Dridh In Charanan
दृढ इन चरणन केरो भरोसो ॥ श्रीवल्लभनख चंद्रछटाबिन सब जग मांझ अंधेरो ॥१॥ साधन और नहीं या कलिमें जासों होय निवेरो ॥ सूर कह...
Dhani Dhani Vrindavan
धनि धनि वृंदावन के वासी ॥। निशिदिन चरणकमल अनुरागी स्यामास्याम उपासी ॥१॥। अष्टमहासिद्धि द्वारे ठाडी रमाचरणकी दासी ।। या...