Arati Gopikarman Giridharanki
आरती गोपिकारमण गिरिधरनकी
आरती गोपिकारमण गिरिधरनकी निरख व्रजयुवति आनंदभीनी ॥ मणि खचित थार घनसार वाती बरें ललित ललितादि सखी हाथलीनी ॥१॥ बिहरत श्री...
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Read 5 Pushtimargiya kirtans for Rajabhog Aarti Ke Pad · राजभोग आरती के पद with original Braj Bhasha text and English meanings.
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आरती गोपिकारमण गिरिधरनकी
आरती गोपिकारमण गिरिधरनकी निरख व्रजयुवति आनंदभीनी ॥ मणि खचित थार घनसार वाती बरें ललित ललितादि सखी हाथलीनी ॥१॥ बिहरत श्री...
आरती वारत राधिका
आरती वारत राधिका नागरी ॥ तन कनकथार भूषणरत्नदीपक कियें कमलमुक्तावली मंगल उजागरी ॥१॥ रुणित कटिमेखला सुभग घंटावली झालर शंख...
आरती करत यसोदा
आरती करत यसोदा प्रमुदित फूली अंग न समात ॥ बलबल कहि दुलरावत आनंदमग्न भई पुलकात ॥१॥ कनक थार रत्नदीपावली चित्रत घृत भीनी ब...
रानीजू करत सिंगार
रानीजू करत सिंगार आरती ॥ नखसिख अंग अंग छबि अनुपम निरख नैन पलक नहीं पारती ॥१॥ कनक कुसुम अरु मनिगन मुक्ता ले वार कुंवरपर...
मोहन मदन गोपाल की आरती
मोहन मदन गोपाल की आरती । आरती और न जाऊं लाल हों तुम पर सर्वस्व वारती ॥१॥ घंटा ताल मृदंग झालरी, बेनु रवाव बजावति ॥ कृष्ण...