Pushti Kirtan

Occasion

Shitakal Shri Vraj Bhaktan Ke Bhojan Ke Pad / शीतकाल के श्री व्रज भक्तन के भोजन के पद

Read 5 Pushtimargiya kirtans for Shitakal Shri Vraj Bhaktan Ke Bhojan Ke Pad / शीतकाल के श्री व्रज भक्तन के भोजन के पद with original Braj Bhasha text and English meanings.

Open this collection in search

आज गोपाल पाहुने

Aaj Gopal Pahune

आज गोपाल पाहुने आये निरखे नयन अघायरी ॥ सुंदरवदन कमलकी शोभा मोमन रह्योहे लुभायरी ॥१॥ के निरखूं के टहलकरूं एको नहिं बनत उ...

कछु भूलगईहों परोसत

Kachhu Bhulgaihon Parosat

कछु भूलगईहों परोसत फिरलाई मुसकाई ॥ झूठे मिसकर आयो चाहत सोतो सांची भईहो लालरी झरहेत केंहभाई ॥१॥ जो भूलीसो लाई अधिक छबि अ...

चित्र सराहत चितवत

Chitra Sarahat Chitavat

चित्र सराहत चितवत मुरमुर गोपी बहुत सयानी ॥ टक झकमें झुक वदन निहारत अलक संवारत पलक नमारत जान गई नंदरानी ॥१॥ परगये परदा ल...

आज हमारे भोजन

Aaj Hamare Bhojan

आज हमारे भोजन कीजे ॥ बहुत भांत पकवान मिठाई षटरस व्यंजन लीजे ॥१॥ सद्य घी खिचरी और खोवा स्याम सलोने लीजे ॥ उरदके वरा दहीम...