Pushti Kirtan

Raag

Dhanashri · धनाश्री

Read 30 Pushtimargiya kirtans in Dhanashri · धनाश्री with original Braj Bhasha text and English meanings.

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Hariko Vaman Rup

हरिको वामन रूप

हरिको वामन रूप बनायौ ॥ नंदराय यह रूप बनायौ ॥ नंदराय यह मानी जयंति उबटि सुगंध न्हवायौ ॥१॥ शिर किरीट पीतांबर काछनी आभूषन...

Vaman Aaye Balipain

वामन आये बलिपैं

वामन आये बलिपैं माँगन ॥ अति अनूप रूप कहा कहिये ठाढ़े पौरके आँगन ॥१॥ पढ़त वेद धुनि कहत सुकंठन गावत मधुरे रागन ॥ सुनत राग...

Nand Ke Lal

नंद के लाल

नंद के लाल गोवर्धन धार्यो । इन्द्र कोप कियो हम ऊपर पठए सीसाई मेघ सब हंकार्यो ॥१॥ सात घोस मूसलधारा बरस्यो एक छिन बीच न प...

Jhule Shriviththalnath Manimay

झूलें श्रीविठ्ठलनाथ मणिमय

झूलें श्रीविठ्ठलनाथ मणिमय पालने ॥ निजजन किये सनाथ लालन लालने ॥ ध्रुव ॥ रमकि झमकि घुंघरु घंटावलि कनक जटित मनिहीर ॥ रत्न...

Gopal Mai Khelat

गोपाल माई खेलत

गोपाल माई खेलत हें चोगान ॥ व्रज कुमार बालक संग लीने वृन्दावन मैदान ॥१॥ चंचल बाजि नचावत आवत होड लगावत आन ॥ सबही हस्त ले...

Gopi Nainasom Nain

गोपी नेनसों नेन

गोपी नेनसों नेन मिलावत ॥ मदन गोपाल छांड ग्वालनसों सन्मुख गेंद चलावत ॥१॥ लेय उठाय राधिका तिहिछिन गोपीजन मुसक्यावत ॥ लीनी...

Hindoranaho Ropyo Nand Avas

हिंडोरनाहो रोप्यो नंद अवास

हिंडोरनाहो रोप्यो नंद अवास ॥ हिंडोरनाहो मणिमय भूमि सुवास ॥ हिंडोरनाहो विश्वकर्मा सूत्रधार ॥ हिंडोरनाहो कंचन खंभ सुढार ॥...

Shrivrindavipin Suhavanon Rang

श्रीवृन्दाविपिन सुहावनों रंग

श्रीवृन्दाविपिन सुहावनों रंग छायो आज ॥ झूलत गिरिधरलाल सुरंग हिंडोरना ॥ रंग छायो आज ॥धु० ॥ श्रीयमुना पुलिन सुहावनो ॥रंग॥...

Lalhi Lal Ke

लालही लाल के

लालही लाल के लालही लोचन लालही के मुख लालही बीरा ॥ लाल बनी कटि काछनी लाल की लाल के शीश मुकेसी चीरा ॥१॥ लालही बागो सोहत स...

Aaj Gopal Pahune

आज गोपाल पाहुने

आज गोपाल पाहुने आये निरखे नयन अघायरी ॥ सुंदरवदन कमलकी शोभा मोमन रह्योहे लुभायरी ॥१॥ के निरखूं के टहलकरूं एको नहिं बनत उ...

Bhojan Bhali Bhant

भोजन भली भांत

भोजन भली भांत हरि कीनो ॥ खट रस व्यंजन मठा सलोना मांगमांग हरि लीनो ॥१॥ हसत लसत परोसत नंदरानी बालकेलि रस भीनो ॥ परमानंद उ...

Bhojankar Uthe Dou

भोजनकर उठे दोऊ

भोजनकर उठे दोऊ भैया ॥ हस्त पखार सुद्ध अचमन कर बीरी लेहु कन्हैया ॥१॥ मातयशोदा करत आरती पुनपुन लेत बलैया ॥ परमानंददासको ठ...

Achaman Kijiye Kripanidhan

अचमन कीजिये कृपानिधान

अचमन कीजिये कृपानिधान ॥ यमुनोदक कंचन झारी भरलाई चंद्रावली सुजान ॥१॥ पनवारों भक्तनकोंदीजे नारद तुंबरगान ॥ जेंवत युगल उठे...