Aaj Hon Rajakaj Kari
आज हों राजकाज करी
आज हों राजकाज करी आँऊँ । बेग संघारूँ सकल घोष शिशु जो मुख आइसो पाऊँ ॥१॥ मोहन मूर्छन बसीकरन पढ़ि अगनित देह बढाऊँ। अंग सुभ...
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Read 24 Pushtimargiya kirtans in Todi · टोडी with original Braj Bhasha text and English meanings.
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आज हों राजकाज करी
आज हों राजकाज करी आँऊँ । बेग संघारूँ सकल घोष शिशु जो मुख आइसो पाऊँ ॥१॥ मोहन मूर्छन बसीकरन पढ़ि अगनित देह बढाऊँ। अंग सुभ...
देत गजदान आज
देत गजदान आज व्रजराज विराजत गोपनके सिरताज ॥ देशदेश तें खट दर्शन आवत मन ईच्छा फल पावत किरत समुद्रपार पहोंची चढ दान जहाज...
मो भोरी को
मो भोरी को मन भोर्यो है । मन भावन बिन ही गुन मन दोर्यो है । जुरि जुरि आई व्रजकी अथाई चितवत ही चीत चोर्यो है ॥१॥ आये चतु...
बन्यो रास मंडलमें
बनयौ रास मंडलमें माधौ गतिमें गत उपजावें हो ॥ कर कंकण झनकार मनोहर प्रमुदित वेणु बजावै हो ॥१॥ श्याम सुभग तन पर दक्षिण कर...
रुचिर रमित रचि
रुचिर रमित रचि रासं ॥ कुसुमित कानन सम द्रुमवेली निजकृत उडुप प्रकाश ॥१॥ युवती युगल युगल प्रति माधौ करत विनोद विलासं ॥ वे...
वधावनो हेली भानके
वधावनो हेली भानके आज जन्मीहे जीवन मूल ॥ध्रु०॥ धन्य धन्य संजा कूंख सजनी धन्य धन्य दिन ए जाम ॥ प्रकटी श्रीयमुना जगतारण सफ...
चन्द्रावली कहत नाथ
चन्द्रावली कहत नाथ राधाजूको गहो हाथ काहेको दुरावो प्यारे जगत उजियारे। करो ब्याह लाल आप मेटो त्रिविध तनके ताप हरो दुख कर...
पियकों हिंडोरे झूलावन आई
पियकों हिंडोरे झूलावन आई । रंग-रंग सारी साज सजे सब सुन्दरी झुलवत कुँवर कन्हाई ॥१॥ सघन लता घन बरसत भारी तामें दामिनी अति...
मंजन कर कंचन
मंजन कर कंचन चोकी पर बेठी बांधत केशन झरोरी रुचिर भुजन की उपमा अनोपम ललित करन विच झलकत चूरोरी ॥१॥ लाल जटित बेंदीमाल विरा...
सोधें न्हाय बेठी
सोंधें न्हाय बेठी पेहेरिपर भूषन जहां फूलवारी तहां सुकवत अलकें ॥ सो मास कलकरनख केससंभारत मानो उडगन में उडपति झलके ॥१॥ वि...
मंजन करि चित्र
मंज्जन करि चित्र चौकी वेगी प्यारी जू सहचरी चित्र विचित्र शृंगार करावत रतन जटित मनिन कें आभूषन सोहत तापर सुहा सारी चुनि...
आज अति शोभित
आज अति शोभित नंदकिशोर ॥ सिरपर कुल्हे टिपारो राजत बनीहे चन्द्रिका मोर ॥१॥ मल्लकाछ कटि बांध प्रीतपट अंग अंग छब छारे ॥ सुं...
नाचत गोविंद संग
नाचत गोविंद संग सखा मिल आवत नंदन आनंद हीये । उडपति निरख नयन छब लाज्यो पाय पयोध स्वरूप किये ॥१॥ कोउ मृदंग कोउ ताल कोउ जं...
कटि बरनी के
कटि बरनी के लटपटात पीत पट ॥ शीश टिपारो मोर चंदसो मिल धात प्रवाल विचित्र भेख नट ॥१॥ पचरंग छींट उदार ओढनी लटकत चलत तरनि त...
सुन्दर श्याम छबिलो
सुन्दर श्याम छबिलो ढोटा डार गयो मोपे मदन ठगोरी । निर्तत गावत वेनु बजावत संग सखा हलधर की जोरी । कबहुंक गेंदन मार मचावत ग...
देखो सखि ठाडो
देखो सखि ठाडो मदन गोपाल। पहेर कवाय धरे सिर टोपा फल गुल ओढे लाल ॥१॥ बागो सरस तासको सोहे सुथन मोजलाल। किशोरी दास प्रभु की...
लाल लालके लाल
लाल लालके लाल जु लोचन लाल ही के मुख लाल जु बीरा। लाल बनी काछनी अति सुन्दर लालके सीस लाल ही चीरा ॥१॥ लालही पाग सोहे अति...
जामो बन्यो जरतासको
जामो बन्यो जरतासको सुन्दरलाल बन्द अरु जरद किनारी । झालरदार बन्यो पटुका झटक्यो दिल ता बीच जात कहां री ॥१॥ बांकी चाल करै...
बंकचितवन चिते
बंकचितवन चिते रसिकतन गुमप्रीतिको भेद जनायो ॥ मुखकी रुखाई मिटत नहीं कबहू हृदयको प्रेम कैसे जात दुरायो ॥१॥ सगमगी अलक वदनप...
भलें पाउधारें मेरे
भलें पाउधारें मेरे अंगना यशोदाके छगनमगना ॥ जो पगधरो मेरी अखियन पर हों बलबलजाऊ न्योछावरकरो हारचीर कंगना ॥१॥ कंठमाल सोहे...
आधो मुखनीलाम्बरसो
आधो मुखनीलाम्बरसो ढांप्योविथुरी अलके सोहे ॥ एक दिशामानों मकरचांदनी एकदिशा घनबिजरी कोंधत हसे हरें मनमोहे ॥१॥ कबहूं करपल्...
बहुत प्रसन्न भये
बहुत प्रसन्न भये पियप्यारी टोडीराग वेणुधरगायो ॥ सुरसंगीत बधानमधुरस्वर ऐसो अद्भुत भेद बनायो ॥१॥ बीन तरंग उपजत नानारंग प्...
चित्र सराहत चितवत
चित्र सराहत चितवत मुरमुर गोपी बहुत सयानी ॥ टक झकमें झुक वदन निहारत अलक संवारत पलक नमारत जान गई नंदरानी ॥१॥ परगये परदा ल...
खंभकी ओझल ठाढो
खंभकी ओझल ठाढो सुबल प्रवीण सखा करमें जटितडबा वीरासों भर्यो जेमतहेंरी मोहन ॥ परदापरे तिवारी तीन्यो तामध्य झलकत अंग अंग र...