Surraj Aaj Panyan
सुरराज आज पांयन
सुरराज आज पांयन पर्यो गिरिधरन आपुनो कर्यो ॥ तज गज व्रजरजलोटत आयो सुरभी उपहार लायो वदन निरख मगन भयो कनक दंडलों धरनी ढर्य...
Raag
Read 17 Pushtimargiya kirtans in Adano · अडानो with original Braj Bhasha text and English meanings.
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सुरराज आज पांयन
सुरराज आज पांयन पर्यो गिरिधरन आपुनो कर्यो ॥ तज गज व्रजरजलोटत आयो सुरभी उपहार लायो वदन निरख मगन भयो कनक दंडलों धरनी ढर्य...
केसे केसे गाय
केसें केसें गाय चराई गिरिधर ॥ गोरज मुखतें झार जसोदा लेत बलैयां फेरकर ॥१॥ कहां रहे तुम घाम छांह मध्य घन बरख्यो बल समेत स...
हमारे जीवन उत्सव
हमारे जीवन उत्सव आयो। अगहन सुदि सातें यह करो मनोरथ अपने चितये श्रीवल्लभलाल मन भायो ॥१॥ जे जे इच्छित बोहोत दिननके सो यह...
कान्ह अटा चढि
कान्ह अटा चढि चंग उडावत हों अपुने आंगन हू ते हेरो। लोचन चार भये नंदनंदन काम कटाक्ष भयो भटु मेरो ॥१॥ कितो रही समुझाय सखी...
कान्ह अटा पर
कान्ह अटा पर चंग उडावत मैं इतने उत आंगन हेर्यो । नैन भये विभिचारी नारायन भाजत लाज किधों भट मेरो ॥१॥ मोहि तो यह जक लगी र...
उडी उडावन लागे
उडी उडावन लागे लाल । सुंदर पथक बांध मनमोहन बाजत मोरनके ताल ॥१॥ काऊ पकरत कोऊ एंचत कोऊ देखत नैन विशाल । कोऊ न कोऊ करत कुल...
सुंदर बदनरी सुख
सुंदर बदनरी सुख सदन श्यामको निरखि नेन मन थाक्यो ॥ हो ठाडी विथन व्हे निकस्यो उझकि झरोका झांक्यो ॥१॥ लालन एक चतुराई किनी...
अबहीहों आई लाई राधेकों
अबहीहों आई लाई राधेकों मनाय लाल झुलो झुलावो दोऊ रीझ रीझावो गावो ॥ पावस पुनीत ऋतु उमग्यो हुलास अति चिते चेनकर निकट बुलाव...
झूलत दोऊ रंग भरे
झूलत दोऊ रंग भरे हो । अब हाहा हौ सुन्दर यमुना के तीर ॥ कंचन के दे खंभ मनोहर दाडी चार सोहाई ॥१॥ पटुली सुरंग जडाव बनी है...
आज लाल झूलत रंग
आज लाल झूलत रंग भरे हो ॥ मणि कंचनको सुरंग हिंडोरो लटकन मोती लरेहो ॥१ ॥ मोर मुकुट गुंजामणि भूषण पीतवसन वनमाल गरेंहो ॥ वि...
झूलत अरुझी वनमाल गरें
झूलत अरुझी वनमाल गरें ग्रीव गांठ गहि जोरी ॥ हँसत झूलत जो झुलावन हारी कहो केसें कर छोरी ॥१॥ जो छोडोतो अधिक सयाने तो न वद...
सांवरकी पून्यो मन भावन
सांवरकी पून्यों मन भावन हरि आये घर झूलूंगी पंचरंग डोरी बांध हिंडोरें ॥ पहरोंगी सुरंगसारी कंचुकी कसबांधो कारी हीराके आभू...
आली श्रावनकी पून्यो हरि
आली श्रावनकी पून्यो हरि हरियारी भूमि सोहत पिया संग झूलूंगी हों नवल हिंडोरे ॥ वरसत मेह भटू लागत प्यारो मोहे सखी आपुने प्...
सुघर रावरे की गोपकुमारि
सुघर रावरे की गोपकुमारि गोकुल की राखी बाँधे हरि राधा हिंडोरे झूलनि नंदसदन आई। प्रफुल्लित मुख सोभित अलक चपल नैना पट भूषन...
गोपीजन गावे गीत
गोपीजन गावे गीत राखी को है दिन पुनीत स्यामास्याम झूले दोऊ रंग हिंडोरे। रमकि-झमकि झोटा देत नैननि कों सुख देत निरखि-निरखि...
कुंज महल के
कुंज महल के अंगन बैठे श्रीराधा अरु गिरिवर धारी ॥ जल बीरा चंदन वनमाला सखी कर लै ढोरत बीजना री ॥१॥ छूटत हैं चहुँ और फुहार...
खंजन नयन रूपरसमाते
खंजन नयन रूपरसमाते ॥ अतिशय चारू चपल अनियारे पलपिंजरा न समाते ॥१॥ उडउड जात निकट श्रवणनके उलट फिरत ताटंक फंदाते ॥ सूरदास...