Pushti Kirtan

Raag

Kanharo · कान्हरो

Read 53 Pushtimargiya kirtans in Kanharo · कान्हरो with original Braj Bhasha text and English meanings.

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Aajbani Vrishabhankunvariduti

आजबनी वृषभानकुंवरिदूती

आजबनी वृषभानकुंवरिदूती अंचलवारत तृणतोरत कहैत भलेजु भलें भामा ॥ वदनजोति कंठपोति छोटी छोटी लरमोतिन की सादाशृंगारहार कुचवि...

Manini Man Nihoro

मानिनी मान निहोरो

मानिनी मान निहोरो ॥ हों पठई तोहि लेन सांवरे चलरी गर्व कर थोरो ॥१॥ कुंजमहल ठाढे मनमोहन चितवत चंदचकोरो ॥ हरी दासके स्वामी...

Chadhbadh Vidar Gai

चढबढ विडर गई

चढबढ विडर गई अंगअंग मानवेली तेरें सयानी ॥ हृदय आलवाल मध्य प्रकटभईरी आली प्रीतिपालीनीके कर छिन छिन रूसबो भयोपानी ॥१॥ कोन...

Ari Tu Kahe

अरी तू काहे

अरी तू काहे अनमनी बोलतनाहिं बुलायें ॥ अवलोंतो तू हसत खेलतही कहाभयो मोहिं आये ॥१॥ नयन नीचेंकियें चितवन रुखदियें तिरछिभ्र...

Harihonte Harihon

हरिहोंते हारीहों

हरिहोंते हारीहों लालतिहारी प्यारीके पायंन परपर ॥ रही सिरधरचरणन बडीबारभई लीजिये मनाय रूठी मानत मानिह क्योंहूं कर ॥१॥ जेस...

Le Radhe Giridhar

ले राधे गिरिधर

ले राधे गिरिधर दें पठई अपने मुखकी सुंदर बीरी ॥ सुनोहो संदेशो प्राणपियारेको कित सँकुचित आवो किननीरी ॥१॥ घूंघट खोल नयन भर...

Le Radhe Pritam

ले राधे प्रीतम

ले राधे प्रीतम दे पठई श्री मुखकी आधी बीरी ॥ वेगि बुलाई तू छैलछबीली नागर तजि तनमन भोरी ॥१॥ तव लगी निस गिरिधर नवरंगको जब...

Beni Sundar Shyam

बेनी सुन्दर श्याम

बेनी सुन्दर श्याम गुही री ॥ राजत रुचिर शीश श्यामा के चम्पक और जुही री ॥१॥ नख शिख कर सिंगार श्यामा को बीरी मुख में दई री...

Biri Det Banay

बीरी देत बनाय

बीरी देत बनाय बनाय ॥ पीरे पीरे पान सोपारी लोंगन कील लगाय ॥१॥ लेत लाल कर जोर देत वे मुख मेलत मुसकाय ॥ दासन देत उगार गोवि...

Lalko Biri Det

लालको बीरी देत

लालको बीरी देत बनाय ॥ अपनेकर राधा मृगनेनिः अतआनंद मन मांय ॥१॥ निरखत बदन कमल प्रीतम को चितवत मुरमुसक्याय ॥ रसिक प्रीतम क...

Pyari Tohi Shyam

प्यारी तोही श्याम

प्यारी तोही श्याम बुलावे झमक चल राधे ॥ तोविन मोहन पान न खातहें कोन मंत्र पठ साधे ॥१॥ निशवासर तेरो ध्यान धरतहें विरह अग्...

Tahikon Sir Naiye

ताहीकों सिर नाइये

ताहीकों सिर नाइये जो श्रीवल्लभसुत पदरज रति होहि ॥ कीजे कहा आन ऊंचेपद तिनसो कहासगाई मोहि ॥१॥ जाके मनमें उग्रभरमहै श्रीवि...

Uttamakul Avatar Kaha

उत्तमकुल अवतार कहा

उत्तमकुल अवतार कहा जो श्रीवल्लभकुमार न जान्यो ॥ चरचा न कीनी वरवल्लभकी रचि पाखंडकियो बहुबानो ॥१॥ रसिक कथासुनीनहीं श्रवणन...