Pushti Kirtan

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  1. आनंद भूतल परमहे | Anand Bhutal Paramhe

    Sarang · सारंग · Shri Balkrishnaji Ki Badhai · श्रीबालकृष्णजी की बधाई

    आनंद भूतल परमहे आज ॥ श्रीविठ्ठलजुके गृह प्रकटे श्रीबालकृष्ण महाराज ॥१॥ आश्र्विन वदी तेरसदिन शुभ अति

  2. सुनो सखी गोकुल | Suno Sakhi Gokul

    Sarang · सारंग · Shri Balkrishnaji Ki Badhai · श्रीबालकृष्णजी की बधाई

    सुनो सखी गोकुल बजत बधाई ॥ श्रीविठ्ठल गृह प्रकट भये श्रीबालकृष्ण सुखदाई ॥१॥ सुंदर स्वरूप कोन गुण वरने

  3. प्रकटे श्रीगोकुलनाथजी श्रीविट्टुलनाथके | Prakate Shrigokulnathji Shrivittulnathke

    Lalit · ललित · Shri Gokulnathji Ki Badhai · श्री गोकुलनाथजी की बधाई

    प्रकटे श्रीगोकुलनाथजी श्रीविट्ठलनाथके धाम बधाई ॥ उग्र कियो यश या भूतल पर माला तिलक दृढाई ॥१॥ गुण लाव

  4. भयो श्रीविठ्ठलके मन | Bhayo Shriviththalke Man

    Devagandhar · देवगंधार · Shri Gokulnathji Ki Badhai · श्री गोकुलनाथजी की बधाई

    भयो श्रीविठ्ठलके मन मोद ॥ परम पुन्य फल श्रीगोकुलेश सुत धाय लिये जब गोद ॥१॥ बारबार बिधु बदन विलोकत फु

  5. यह सुख कयों | Yah Sukh Kyon

    Devagandhar · देवगंधार · Shri Gokulnathji Ki Badhai · श्री गोकुलनाथजी की बधाई

    यह सुख कयों हु कहत न आवे ॥ सुखनिधि रससों न्हात रसही रस भाग्य रास जो न्हावे ॥१॥ निज जन निरखि निरखि सु

  6. उत्सव अलौकिक कह्यो | Utsav Alaukik Kahyo

    Bilaval · बिलावल · Shri Gokulnathji Ki Badhai · श्री गोकुलनाथजी की बधाई

    उत्सव अलौकिक कह्यो न जाई ॥ भक्तनके उर सदा बसत प्रभु प्रगट भये सुखदाई ॥१॥ श्रीगोकुलेश प्रागट्य सर्वोप

  7. आज आनंद भरी | Aaj Anand Bhari

    Bilaval · बिलावल · Shri Gokulnathji Ki Badhai · श्री गोकुलनाथजी की बधाई

    आज आनंद भरी डोलत जुवती जन वीथन मंगल गावे ॥ विविध भांत भूखन पहरे तन नव सिंगार बनावे ॥१॥ गृह गृहतें नि

  8. रंग बधावनोरी व्रजमें | Rang Badhavanori Vrajmen

    Nayaki · नायकी · Shri Gusainji Ke Saat Lalaji Ki Badhai · श्री गुसाईंजी के सात लालजी की बधाई

    रंग बधावनोरी व्रजमें श्री विठ्ठलजूके धाम॥ कृष्ण कमलदल नेन प्रगट भयो मोहन मुरति काम ॥१॥ नाचक गावत होत

  9. प्रगट ब्रह्म पूरन | Pragat Brahm Puran

    Nayaki · नायकी · Shri Gusainji Ke Saat Lalaji Ki Badhai · श्री गुसाईंजी के सात लालजी की बधाई

    प्रगट ब्रह्म पूरन या कलिमें प्रगटे श्रीगोकुलनाथ॥ पतित पावन मन भावनये जे पग परही धरत हस्त कमल ताके दे

  10. तेरी गति तोहीपें | Teri Gati Tohipen

    Nayaki · नायकी · Shri Gusainji Ke Saat Lalaji Ki Badhai · श्री गुसाईंजी के सात लालजी की बधाई

    तेरी गति तोहीपें बनी आवे। जेसेको तेसेई जान्यो ज्यों आरसी दिखावे ॥१॥ जोग जाग जप तप तीर्थ व्रत योंही ह

  11. आज आनंद हे | Aaj Anand He

    Nayaki · नायकी · Shri Gusainji Ke Saat Lalaji Ki Badhai · श्री गुसाईंजी के सात लालजी की बधाई

    आज आनंद हे माई अब हां भये मनके भाये। परमानंद स्वरूप श्रीवल्लभ प्रगट भये तें घर घर होत बधाये ॥१॥ गावो

  12. हमारे जीवन उत्सव | Hamare Jivan Utsav

    Adano · अडानो · Shri Gusainji Ke Saat Lalaji Ki Badhai · श्री गुसाईंजी के सात लालजी की बधाई

    हमारे जीवन उत्सव आयो। अगहन सुदि सातें यह करो मनोरथ अपने चितये श्रीवल्लभलाल मन भायो ॥१॥ जे जे इच्छित

  13. जयति धन्य विठ्ठलसुवन | Jayati Dhanya Viththalsuvan

    Maru · मारू · Shri Gokulnathji Mala Tilak Prasang · श्री गोकुलनाथजी माला तिलक प्रसंग

    जयति धन्य विठ्ठलसुवन प्रकट वल्लभ बली प्रबल पनकरि तिलक माल राखी ॥ खंड पाखंड दंडी विमुख दूर कर हन्यो क

  14. श्रीवल्लभ सुरंग पालने | Shrivallabh Surang Palane

    Ramakali · रामकली · Shri Gokulnathji Palna · श्री गोकुलनाथजी पलना क

    श्रीवल्लभ सुरंग पालने झूले ॥ झोटा देत रुक्मिनी करगही निरखि नेन मन फूले ॥१॥ कबहुंक चुटकी देत मगन मन ल

  15. श्रीरुक्मिनी पालने झुलावे | Shrirukmini Palane Jhulave

    Ramakali · रामकली · Shri Gokulnathji Palna · श्री गोकुलनाथजी पलना क

    श्रीरुक्मिनी पालने झुलावे ॥ बार बार वल्लभ वल्लभ गुन अपने सुतके गावे ॥१॥ चुंबति मुख आनंद आनन पर ले बल

  16. रुक्मिनि चलन शीखावत | Rukmini Chalan Sikhavat

    Ramakali · रामकली · Shri Gokulnathji Ki Bal Lila · श्रीगोकुलनाथजी की बाललीला

    रुक्मिनि चलन शीखावत पायन। सुतकी गहे अंगुलियाँ डोलत शोभा कोटिक भायन ॥१॥ मणिमय जडित घूंघरू बांधे नाचत

  17. बाल विनोद करत | Bal Vinod Karat

    Ramakali · रामकली · Shri Gokulnathji Ki Bal Lila · श्रीगोकुलनाथजी की बाललीला

    बाल विनोद करत वल्लभ वर हरखत सबको मन माई। रुक्मिनी गोदतें उतारी घुंटुरवन जब चलत छबी बरनी न जाई ॥१॥ की

  18. ठुमकी ठुमकी चरन | Tumki Tumki Charan

    Ramakali · रामकली · Shri Gokulnathji Ki Bal Lila · श्रीगोकुलनाथजी की बाललीला

    ठुमकी ठुमकी चरन धरतरी मन हरत श्रीवल्लभलाल। रुनुझुनु रुनुझुनु पग नूपुर बाजे तब चाय चाय चलत चंचल चाल ॥

  19. रुनझुन रुनझुन बाजत | Runjhun Runjhun Bajat

    Bilaval · बिलावल · Shri Gokulnathji Ki Bal Lila · श्रीगोकुलनाथजी की बाललीला

    रुनझुन रुनझुन बाजत घुघरियां। पग धरनी धरत करत मातसों अरियां चंचल कर चरन चंचल मन चलत सुकुमार सुंदर नेन

  20. व्रजपति तुम बिन | Vrajpati Tum Bin

    Bilaval · बिलावल · Shri Gokulnathji Ki Bal Lila · श्रीगोकुलनाथजी की बाललीला

    व्रजपति तुम बिन कोन करे। उत मघवा को मान भंग कर इत व्रज गोपिन गोप भरे ॥१॥ वेणु बजावत कर पर गिरिवर वाम

  21. श्रीविट्ठलनाथकें आज आनंद | Shrivittalnathken Aaj Anand

    Devagandhar · देवगंधार · Shri Raghunathji Ki Badhai · श्रीरघुनाथजी की बधाई

    श्रीविट्ठलनाथकें आज आनंद ॥ पंचम पुत्र भये श्रीरघुपति पूरण परमानंद ॥१॥ मोतिन चोक पुराये घरघर छिरकत अत

  22. श्रीवल्लभ सुतकें सुत | Shrivallabh Sutken Sut

    Asavari · आसावरी · Shri Raghunathji Ki Badhai · श्रीरघुनाथजी की बधाई

    श्रीवल्लभ सुतकें सुत प्रकटे श्रीरघुपति रस रूपरी ॥ श्रीस्वरूप मुख शोभा अद्भुत व्रजपति पूरण रूपरी ॥१॥

  23. जयति रघुनाथ गुणगाथ | Jayati Raghunath Gungath

    Sarang · सारंग · Shri Raghunathji Ki Badhai · श्रीरघुनाथजी की बधाई

    जयति रघुनाथ गुणगाथ विख्यात व्रज जीत पंडितकों शरण लीने ॥ शास्त्र सब जानि अभिमान करि वादीजन आये मद गर्

  24. श्रीविट्ठलनाथ धाम अति | Shrivittalnath Dham Ati

    Maru · मारू · Shri Raghunathji Ki Badhai · श्रीरघुनाथजी की बधाई

    श्रीविट्ठलनाथ धाम अति आनंद प्रकटे श्रीरघुनाथ हो ॥ सुन धाये नर नारि मुदित मन ले समाज सब साथ हो ॥१॥ गा

  25. श्रीविट्ठलके धाम श्रवण | Shrivittalke Dham Shravan

    Bihagaro · बिहागरो · Shri Raghunathji Ki Badhai · श्रीरघुनाथजी की बधाई

    श्रीविट्ठलके धाम श्रवण सुनि बाजत आज बधाई ॥ पंचम श्री रघुपति सुत प्रकटे लागत परम सुहाई ॥१॥ बाजत ढोल भ