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आनंद भूतल परमहे | Anand Bhutal Paramhe
Sarang · सारंग · Shri Balkrishnaji Ki Badhai · श्रीबालकृष्णजी की बधाई
आनंद भूतल परमहे आज ॥ श्रीविठ्ठलजुके गृह प्रकटे श्रीबालकृष्ण महाराज ॥१॥ आश्र्विन वदी तेरसदिन शुभ अति
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सुनो सखी गोकुल | Suno Sakhi Gokul
Sarang · सारंग · Shri Balkrishnaji Ki Badhai · श्रीबालकृष्णजी की बधाई
सुनो सखी गोकुल बजत बधाई ॥ श्रीविठ्ठल गृह प्रकट भये श्रीबालकृष्ण सुखदाई ॥१॥ सुंदर स्वरूप कोन गुण वरने
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प्रकटे श्रीगोकुलनाथजी श्रीविट्टुलनाथके | Prakate Shrigokulnathji Shrivittulnathke
Lalit · ललित · Shri Gokulnathji Ki Badhai · श्री गोकुलनाथजी की बधाई
प्रकटे श्रीगोकुलनाथजी श्रीविट्ठलनाथके धाम बधाई ॥ उग्र कियो यश या भूतल पर माला तिलक दृढाई ॥१॥ गुण लाव
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भयो श्रीविठ्ठलके मन | Bhayo Shriviththalke Man
Devagandhar · देवगंधार · Shri Gokulnathji Ki Badhai · श्री गोकुलनाथजी की बधाई
भयो श्रीविठ्ठलके मन मोद ॥ परम पुन्य फल श्रीगोकुलेश सुत धाय लिये जब गोद ॥१॥ बारबार बिधु बदन विलोकत फु
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यह सुख कयों | Yah Sukh Kyon
Devagandhar · देवगंधार · Shri Gokulnathji Ki Badhai · श्री गोकुलनाथजी की बधाई
यह सुख कयों हु कहत न आवे ॥ सुखनिधि रससों न्हात रसही रस भाग्य रास जो न्हावे ॥१॥ निज जन निरखि निरखि सु
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उत्सव अलौकिक कह्यो | Utsav Alaukik Kahyo
Bilaval · बिलावल · Shri Gokulnathji Ki Badhai · श्री गोकुलनाथजी की बधाई
उत्सव अलौकिक कह्यो न जाई ॥ भक्तनके उर सदा बसत प्रभु प्रगट भये सुखदाई ॥१॥ श्रीगोकुलेश प्रागट्य सर्वोप
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आज आनंद भरी | Aaj Anand Bhari
Bilaval · बिलावल · Shri Gokulnathji Ki Badhai · श्री गोकुलनाथजी की बधाई
आज आनंद भरी डोलत जुवती जन वीथन मंगल गावे ॥ विविध भांत भूखन पहरे तन नव सिंगार बनावे ॥१॥ गृह गृहतें नि
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रंग बधावनोरी व्रजमें | Rang Badhavanori Vrajmen
Nayaki · नायकी · Shri Gusainji Ke Saat Lalaji Ki Badhai · श्री गुसाईंजी के सात लालजी की बधाई
रंग बधावनोरी व्रजमें श्री विठ्ठलजूके धाम॥ कृष्ण कमलदल नेन प्रगट भयो मोहन मुरति काम ॥१॥ नाचक गावत होत
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प्रगट ब्रह्म पूरन | Pragat Brahm Puran
Nayaki · नायकी · Shri Gusainji Ke Saat Lalaji Ki Badhai · श्री गुसाईंजी के सात लालजी की बधाई
प्रगट ब्रह्म पूरन या कलिमें प्रगटे श्रीगोकुलनाथ॥ पतित पावन मन भावनये जे पग परही धरत हस्त कमल ताके दे
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तेरी गति तोहीपें | Teri Gati Tohipen
Nayaki · नायकी · Shri Gusainji Ke Saat Lalaji Ki Badhai · श्री गुसाईंजी के सात लालजी की बधाई
तेरी गति तोहीपें बनी आवे। जेसेको तेसेई जान्यो ज्यों आरसी दिखावे ॥१॥ जोग जाग जप तप तीर्थ व्रत योंही ह
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आज आनंद हे | Aaj Anand He
Nayaki · नायकी · Shri Gusainji Ke Saat Lalaji Ki Badhai · श्री गुसाईंजी के सात लालजी की बधाई
आज आनंद हे माई अब हां भये मनके भाये। परमानंद स्वरूप श्रीवल्लभ प्रगट भये तें घर घर होत बधाये ॥१॥ गावो
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हमारे जीवन उत्सव | Hamare Jivan Utsav
Adano · अडानो · Shri Gusainji Ke Saat Lalaji Ki Badhai · श्री गुसाईंजी के सात लालजी की बधाई
हमारे जीवन उत्सव आयो। अगहन सुदि सातें यह करो मनोरथ अपने चितये श्रीवल्लभलाल मन भायो ॥१॥ जे जे इच्छित
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जयति धन्य विठ्ठलसुवन | Jayati Dhanya Viththalsuvan
Maru · मारू · Shri Gokulnathji Mala Tilak Prasang · श्री गोकुलनाथजी माला तिलक प्रसंग
जयति धन्य विठ्ठलसुवन प्रकट वल्लभ बली प्रबल पनकरि तिलक माल राखी ॥ खंड पाखंड दंडी विमुख दूर कर हन्यो क
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श्रीवल्लभ सुरंग पालने | Shrivallabh Surang Palane
Ramakali · रामकली · Shri Gokulnathji Palna · श्री गोकुलनाथजी पलना क
श्रीवल्लभ सुरंग पालने झूले ॥ झोटा देत रुक्मिनी करगही निरखि नेन मन फूले ॥१॥ कबहुंक चुटकी देत मगन मन ल
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श्रीरुक्मिनी पालने झुलावे | Shrirukmini Palane Jhulave
Ramakali · रामकली · Shri Gokulnathji Palna · श्री गोकुलनाथजी पलना क
श्रीरुक्मिनी पालने झुलावे ॥ बार बार वल्लभ वल्लभ गुन अपने सुतके गावे ॥१॥ चुंबति मुख आनंद आनन पर ले बल
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रुक्मिनि चलन शीखावत | Rukmini Chalan Sikhavat
Ramakali · रामकली · Shri Gokulnathji Ki Bal Lila · श्रीगोकुलनाथजी की बाललीला
रुक्मिनि चलन शीखावत पायन। सुतकी गहे अंगुलियाँ डोलत शोभा कोटिक भायन ॥१॥ मणिमय जडित घूंघरू बांधे नाचत
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बाल विनोद करत | Bal Vinod Karat
Ramakali · रामकली · Shri Gokulnathji Ki Bal Lila · श्रीगोकुलनाथजी की बाललीला
बाल विनोद करत वल्लभ वर हरखत सबको मन माई। रुक्मिनी गोदतें उतारी घुंटुरवन जब चलत छबी बरनी न जाई ॥१॥ की
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ठुमकी ठुमकी चरन | Tumki Tumki Charan
Ramakali · रामकली · Shri Gokulnathji Ki Bal Lila · श्रीगोकुलनाथजी की बाललीला
ठुमकी ठुमकी चरन धरतरी मन हरत श्रीवल्लभलाल। रुनुझुनु रुनुझुनु पग नूपुर बाजे तब चाय चाय चलत चंचल चाल ॥
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रुनझुन रुनझुन बाजत | Runjhun Runjhun Bajat
Bilaval · बिलावल · Shri Gokulnathji Ki Bal Lila · श्रीगोकुलनाथजी की बाललीला
रुनझुन रुनझुन बाजत घुघरियां। पग धरनी धरत करत मातसों अरियां चंचल कर चरन चंचल मन चलत सुकुमार सुंदर नेन
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व्रजपति तुम बिन | Vrajpati Tum Bin
Bilaval · बिलावल · Shri Gokulnathji Ki Bal Lila · श्रीगोकुलनाथजी की बाललीला
व्रजपति तुम बिन कोन करे। उत मघवा को मान भंग कर इत व्रज गोपिन गोप भरे ॥१॥ वेणु बजावत कर पर गिरिवर वाम
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श्रीविट्ठलनाथकें आज आनंद | Shrivittalnathken Aaj Anand
Devagandhar · देवगंधार · Shri Raghunathji Ki Badhai · श्रीरघुनाथजी की बधाई
श्रीविट्ठलनाथकें आज आनंद ॥ पंचम पुत्र भये श्रीरघुपति पूरण परमानंद ॥१॥ मोतिन चोक पुराये घरघर छिरकत अत
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श्रीवल्लभ सुतकें सुत | Shrivallabh Sutken Sut
Asavari · आसावरी · Shri Raghunathji Ki Badhai · श्रीरघुनाथजी की बधाई
श्रीवल्लभ सुतकें सुत प्रकटे श्रीरघुपति रस रूपरी ॥ श्रीस्वरूप मुख शोभा अद्भुत व्रजपति पूरण रूपरी ॥१॥
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जयति रघुनाथ गुणगाथ | Jayati Raghunath Gungath
Sarang · सारंग · Shri Raghunathji Ki Badhai · श्रीरघुनाथजी की बधाई
जयति रघुनाथ गुणगाथ विख्यात व्रज जीत पंडितकों शरण लीने ॥ शास्त्र सब जानि अभिमान करि वादीजन आये मद गर्
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श्रीविट्ठलनाथ धाम अति | Shrivittalnath Dham Ati
Maru · मारू · Shri Raghunathji Ki Badhai · श्रीरघुनाथजी की बधाई
श्रीविट्ठलनाथ धाम अति आनंद प्रकटे श्रीरघुनाथ हो ॥ सुन धाये नर नारि मुदित मन ले समाज सब साथ हो ॥१॥ गा
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श्रीविट्ठलके धाम श्रवण | Shrivittalke Dham Shravan
Bihagaro · बिहागरो · Shri Raghunathji Ki Badhai · श्रीरघुनाथजी की बधाई
श्रीविट्ठलके धाम श्रवण सुनि बाजत आज बधाई ॥ पंचम श्री रघुपति सुत प्रकटे लागत परम सुहाई ॥१॥ बाजत ढोल भ