Char Paher Rasarangabhare
चार पहेर रसरंगभरे
चार पहेर रसरंगभरे रंगभीनेहो ॥ अरुन नेन अतिरसमसे लाल रंगभीनेहो ॥१॥ अधरन रंग लागत फीको लाल रंगभीनेहो ॥ मिटगयो तिलक लिलार...
Raag
Read 18 Pushtimargiya kirtans in Kaphi · काफी with original Braj Bhasha text and English meanings.
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चार पहेर रसरंगभरे
चार पहेर रसरंगभरे रंगभीनेहो ॥ अरुन नेन अतिरसमसे लाल रंगभीनेहो ॥१॥ अधरन रंग लागत फीको लाल रंगभीनेहो ॥ मिटगयो तिलक लिलार...
रसिक शिरोमनि नंदलाल
रसिक शिरोमनि नंदलाल रंगभीनेहो ॥ लाड लडयाये नवल बाल लाल रंगभीनेहो ॥१॥ भले मनाये भूरि भाग रंगभीनेहो ॥ रूपछके लोचन घुमात ल...
आये भोर जिस
आये भोर जिस कहाँ रहे रंगभीनेहो ॥ भली किनी भले आये प्रातः बाल रंगभीनेहो ॥१॥ बाकी पाग पेंच ऊरझे प्रीत ॥ भई कामगड़ जीत लाल...
एरी सखी संभरवारे
एरी सखी संभरवारे दामोदरदास तुलसा आये प्रेमसों रंग रस छाय रह्यो। एरी सखी रघुनाथदास सुहावने आये जु लाये निज वधु रंग रस छा...
नमो देवी यमुने
नमो देवी यमुने नमो देवी यमुने हर कृष्ण मिलनांतरायं ॥ निजनाथ मार्ग दायिनि कुमारी काम पूरिके कुरु भक्तिरायं ॥ध्रु. ॥ मधुप...
हेरी सखी शरद चांदनी
हेरी सखी शरद चांदनी रात ॥ घटा छटक रही लटकसों ॥ रंग सावन मास हिंडोरना ॥ हेरी सखी स्वेत हिंडोरो सोभादेत नटवर झूलत उमंगसों...
श्रीयमुना पुलिन हिंडोरो रोप्यो
श्रीयमुना पुलिन हिंडोरो रोप्यो कन्हाइ हें ॥ झूलनको व्रजबाल सबें मिल आई हैं ॥१॥ ललिता चंद्रावली ओर राधागोरी हें ॥ साजें...
झूलत मोहन रंगभरेहो सखीरी
झूलत मोहन रंगभरेहो सखीरी नंदनृपतिके द्वार ॥धृ० ॥ कंचन खंभ रच्योहे हिंडोरो विद्रुम डांडीचार ॥ तापर मोरकलासी शोभित अति मर...
झुले हिंडोरें सांवरों वाकीशोभा
झुले हिंडोरें सांवरों वाकीशोभा बरनी न जाय ललना ॥ यमुनातीर सुभग कुंजनमें रच्योहेहिंडोरो आय ॥ ललना ॥१॥ कंचनके द्वे खंभ बि...
ए री आज नीको बन्यो
ए री आज नीको बन्यो हैं हिंडोरो ॥ कंचन खंभ जटित हीरा डांडी चोकी बनी हैं चकोरो ॥१॥ वाम भाग वृषभानु नंदिनी घन दामिनी को जो...
एरी सखी झुलत नवल
एरी सखी झुलत नवल किशोर ॥ संग लीयें नवनागरी ॥ रंग श्रावन मास हींडोरनां ॥ धु. ॥ एरी सखी देखन सब मिलि जाँय ॥ चलीहें जूथ मि...
मेरा नवरंग बिहारी
मेरा नवरंग बिहारी ॥ बलबल जाऊं तिहारी ॥१॥ बाजे बहु भांत बजावें ॥ गाना रसरंग बढावें ॥२॥ गावें गुण गीत रसाला ॥ भावे मोहि न...
राधावर खेलत होरी
राधावर खेलत होरी ॥ नंद गाम के ग्वाल इते उत बरसाने की गोरी ॥ डफ करताल बजावत गावत केशर कुंकुम घोरी ॥ परस्पर रंग मेंवोरी ॥...
सांवरे मोहि रंग में बोरी
सांवरे मोहि रंग में बोरी ॥ बैयां पकर मेरी सिर की गगरीया छीनकें सिरतें ढोरी ॥ रंगमें लालन रसबस कीनो डारी गुलाल की झोंरी...
ब्रज में हरि होरी मचाई
ब्रज में हरि होरी मचाई ॥ टेक ॥ इतते आई सुघर राधिका उततें कुंवर कन्हाई ॥ हिलमिल फाग परस्पर खेलें शोभा वरणी न जाई ॥ नंदघर...
नेह लग्यो मेरो स्याम सुंदरसों
नेह लग्यो मेरो स्याम सुंदरसों ॥ टेक ॥ आयो वसंत सबी बन फूले खेतन फूलीहै सरसों ॥ में पीरी पियाके विरह सें निकसत प्राण अधर...
माहि सब विधि रंगन रंगी
माहि सब विधि रंगन रंगी निपट निडर व्है कें ॥ तकि मारी पिचकारी मो तन उर में आँन लगी ॥१॥ नयौ फागु खेलि नवीनौं नब रँग पीत प...
मेरे पलकनसो मग
मेरे पलकनसो मग झारूं ॥ या मग में प्यारो मेरो आवत हे तन मन जोबन वारूं ॥१॥ सेज सँवारूं चमर ढुरावुं मधुर स्वर गाउं ॥ रसिक...