Search kirtans
-
कदंबचढ कान्ह बुलावत | Kadambchadh Kanh Bulavat
Purvi · पूर्वी · Sandhya Aarti Ke Pad Ath Gai Bulayave Ke Pad · संध्या आरती के पद अथ गाय बुलायवेके पद
कदंबचढ कान्ह बुलावत गैयां ॥ मोहनमुरलीको शब्दसुनतही जहाँतहों ते उठ धैयाँ ॥१॥ आवोआवो सखा संगके पाई है
-
टेरहो टेर कदंब | Teraho Ter Kadamb
Purvi · पूर्वी · Sandhya Aarti Ke Pad Ath Gai Bulayave Ke Pad · संध्या आरती के पद अथ गाय बुलायवेके पद
टेरहो टेर कदंब चढ दूरजातहें गैयां ॥ तुह्मारी टेर सुनत बगदेंगी पाछें पीजे धैयाँ ॥१॥ झटकत रई पतूखी फार
-
आगे गाय पाछें गाय | Aage Gai Pachhen Gai
Purvi · पूर्वी · Avani Ke Pad · आवनीके पद
आगे गाय पाछें गाय इत गाय उत गाय गोविंद को गायन में वसवोई भावे ॥ गायन के संग धावे गायनमें सचुपावे गाय
-
हाकें हटक हटक | Haken Hatak Hatak
Purvi · पूर्वी · Avani Ke Pad · आवनीके पद
हाकें हटक हटक गाय ठटक ठटक रही गोकुलकी गली सब सांकरी ॥ जारी अटारी झरोखन मोखन झांकत दुरदुर ठोरठोरते पर
-
धरे टेढी पाग | Dhare Tedhi Pag
Purvi · पूर्वी · Avani Ke Pad · आवनीके पद
धरे टेढी पाग टेढी चंद्रिका टेढे त्रिभंगीलाल ॥ कुंडलकिरण मानों कोटि रवि उदय होत उर राजत वनमाल ॥१॥ सां
-
धरें बांकी पाग | Dharen Banki Pag
Purvi · पूर्वी · Avani Ke Pad · आवनीके पद
धरें बांकी पाग बांकी चंद्रिका बांके विहारीलाल ॥ बांकी चाल चलत बांकी गति बांके बचन रसाल ॥१॥ बांको तिल
-
मोसो क्यों न | Moso Kyon Na
Purvi · पूर्वी · Avani Ke Pad · आवनीके पद
मोसो क्यों न बोलेरे नंदके लाल तेरो कहा लिये जात ॥ छांडदे अंचलहोतहेगहरूजानतहो ऐसी बाल ॥१॥ बनते आवत कम
-
जान्यो प्रीतको मरम | Janyo Pritko Maram
Naiki · नाईकी · Shitakal Shayan Darshan Ke Pad · शीतकालशयन दर्शन के पद
जान्यो प्रीतको मरम ॥ मुख कीमोसोजियकी औरनसों पायो है तिहारो भरम ॥१॥ ऐसीहै जो कोन बाल जिन रस वस कर लीन
-
लोचन लालची भये | Lochan Lalachi Bhaye
Naiki · नाईकी · Shitakal Shayan Darshan Ke Pad · शीतकालशयन दर्शन के पद
लोचन लालची भये ॥ रोके न रहत प्रेमके माते पलक कपाट दये ॥१॥ ले मनदूत पवनव्हे निकसे बहुर्यो स्यामपें गय
-
प्यारे पैया परन | Pyare Paiya Paran
Naiki · नाईकी · Shitakal Shayan Darshan Ke Pad · शीतकालशयन दर्शन के पद
प्यारे पैया परन नदीनी ॥ जोईजोई व्यथा हुती मेरे मनमें छिन एक में दूरकीनी ॥१॥ जो सोतिन मोसो अनख कर तही
-
मिलेकी फूल नयनाही | Mileki Phul Nayanahi
Naiki · नाइकी · Shitakal Shayan Darshan Ke Pad · शीतकालशयन दर्शन के पद
मिलेकी फूल नयनाही कहे देत तेरे ॥ स्यामसुंदर मुखचुंबनपरसे नाचत मुदित अनेरे ॥१॥ नंदनंदनपें गयो चाहत है
-
चले अनत धोखे | Chale Anat Dhokhe
Naiki · नाइकी · Shitakal Shayan Darshan Ke Pad · शीतकालशयन दर्शन के पद
चले अनत धोखे आये मेरेंसो तो सकुच रहेही बनेगी ॥ तिहारे मिलेकी फूलपीर आवे वांकी मोहि अवधि आस तारे भोरल
-
आजबनी वृषभानकुंवरिदूती | Aajbani Vrishabhankunvariduti
Kanharo · कान्हरो · Maan Ke Pad · मान के पद
आजबनी वृषभानकुंवरिदूती अंचलवारत तृणतोरत कहैत भलेजु भलें भामा ॥ वदनजोति कंठपोति छोटी छोटी लरमोतिन की
-
मानिनी मान निहोरो | Manini Man Nihoro
Kanharo · कान्हरो · Maan Ke Pad · मान के पद
मानिनी मान निहोरो ॥ हों पठई तोहि लेन सांवरे चलरी गर्व कर थोरो ॥१॥ कुंजमहल ठाढे मनमोहन चितवत चंदचकोरो
-
चढबढ विडर गई | Chadhbadh Vidar Gai
Kanharo · कान्हरो · Maan Ke Pad · मान के पद
चढबढ विडर गई अंगअंग मानवेली तेरें सयानी ॥ हृदय आलवाल मध्य प्रकटभईरी आली प्रीतिपालीनीके कर छिन छिन रू
-
अरी तू काहे | Ari Tu Kahe
Kanharo · कान्हरो · Maan Ke Pad · मान के पद
अरी तू काहे अनमनी बोलतनाहिं बुलायें ॥ अवलोंतो तू हसत खेलतही कहाभयो मोहिं आये ॥१॥ नयन नीचेंकियें चितव
-
हरिहोंते हारीहों | Harihonte Harihon
Kanharo · कान्हरो · Maan Ke Pad · मान के पद
हरिहोंते हारीहों लालतिहारी प्यारीके पायंन परपर ॥ रही सिरधरचरणन बडीबारभई लीजिये मनाय रूठी मानत मानिह
-
आज में देखे | Aaj Men Dekhe
Kedaro · केदारो · Podhave Ke Pad · पोढवे के पद
आज में देखे आलीरी सो दोऊ मिल पोढे बातें करत ॥ वदननिहारत परस कपोलन हँसहँस आंको भरत ॥१॥ कबहुक रतिकी सु
-
पोढेमाई ललन | Podhemai Lalan
Kedaro · केदारो · Podhave Ke Pad · पोढवे के पद
पोढेमाई ललन सेज सुखकारी ॥ मणिगण खचित रंगमहल में संग श्रीराधाप्यारी ॥१॥ सहचरी गानकरत मधुरेस्वर श्रवणस
-
सखियन रुचिरुचि | Sakhiyan Ruchiruchi
Kedaro · केदारो · Podhave Ke Pad · पोढवे के पद
सखियन रुचिरुचि सेज बनाई ॥ रंगमहलमें पेरेहें परदा धरी अंगीठी सुखदाई ॥१॥ सीतसमें ग्रीष्म ऋतुकीनी अतिसु
-
सोवत नींद आय | Sovat Neend Aay
Kedaro · केदारो · Podhave Ke Pad · पोढवे के पद
सोवत नींद आय गई स्यामहीं ॥ महरि उठ पोढाय दुहनको आपन लगी गृहकामही ॥१॥ वरजतहें घर के लोगनकों हरी ये ले
-
देखत नंदकान्ह | Dekhat Nandkanh
Kedaro · केदारो · Podhave Ke Pad · पोढवे के पद
देखत नंदकान्ह अतिसोवत ॥ भूखेभये आप वन भीतर यह कहि कहि मुख जोवत ॥१॥ कह्यो नहीं मानत काहूको आप हठीले द
-
जाग उठे तब | Jaag Uthe Tab
Kedaro · केदारो · Podhave Ke Pad · पोढवे के पद
जाग उठे तब कुंवर कन्हाई ॥ मैया कहांगई मो ढिंगते संगसोवत जान्यो बलभाई ॥१॥ जागे नंद यशोदा जागी बोललिये
-
मंगल मंगलम् ब्रज भुवि मंगलम् | Mangal Mangalam Braj Bhuvi Mangalam
Bhairav · भैरव · Ushnakal Mangala Aarti Ke Pad · उष्णकाल मंगला आरती के पद
मंगल मंगलम् ब्रज भुवि मंगलम् ॥ मंगलमिह श्रीनंदयशोदा नाम स्वकीर्तनमे तद्रूचिरोत्संग सुलालित पालित रूप
-
मंगल माधो नाम उच्चार | Mangal Madho Naam Ucchar
Bhairav · भैरव · Ushnakal Mangala Aarti Ke Pad · उष्णकाल मंगला आरती के पद
मंगल माधो नाम उच्चार ॥ मंगल वदन कमल कर मंगल मंगल जनकी सदा संभार ॥१॥ देखत मंगल पूजत मंगल गावत मंगल चर