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स्यामतन प्रिया भूख | Syamtan Priya Bhukh
Bilaval · बिलावल · Mugat Shringar Ke Pad · मुगट शृंगार के पद
स्यामतन प्रिया भूख न बिराजे। कनक मनिमुकुट कुंडल श्रवन वनमाल अधरमधुरी धरे नाहि छाजे ॥१॥ निरख अब परस्प
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सुंदर वदन देख्यो | Sundar Vadan Dekhyo
Bilaval · बिलावल · Kirit Mugat · कीरीट मुगट
सुंदर वदन देख्यो आज क्रीट मुगट सुहावनो । मन भावनो ब्रजराज । लीयो मन आकर मुरली रही अधर पर साज ॥१॥ कलक
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आज अति शोभित | Aaj Ati Shobhit
Asavari · आसावरी · Kirit Mugat · कीरीट मुगट
आज अति शोभित हैं नंदलाल । क्रीट मुकुट सिर सुभग विराजत गरे फुलनकी माल ॥१॥ ठाडे कुंजद्वार राधा संग बेन
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देखो सखी राजत | Dekho Sakhi Rajat
Sarang · सारंग · Kirit Mugat · कीरीट मुगट
देखो सखी राजत है नंदलाल । सीस किरीट सवन मनि कुंडल उर राजत वनमाल ॥१॥ वागो सरस जरकसी सोहे फेंटा जोर रस
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आज अतिशोभित है | Aaj Atishobhit Hai
Sarang · सारंग · Dumala Shringar Ke Pad · दुमाला शृंगार के पद
आज अतिशोभित है नंदलाल ॥ कोर केसरी धोति पहेरे अरु उपरना लाल ॥१॥ चंदन अंग लगाय सांवरो उर राजत बनमाल ॥
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अति छबी देत | Ati Chhabi Det
Sarang · सारंग · Dumala Shringar Ke Pad · दुमाला शृंगार के पद
अति छबी देत दुमालो सीस ॥ मन्मथ मान हरत हसि चितवत बने गोकुलके ईस ॥१॥ ठाडे सिंध पोर मध्यराजत संग सखा द
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आई हो अबही | Aai Ho Abahi
Sarang · सारंग · Dumala Shringar Ke Pad · दुमाला शृंगार के पद
आई हो अबही देख सुधर सुंदर भेख ठाडोरी लरिका एक रूपको बावरो ॥ परदनी फबत पटुका कंठ फरहरतहे करत उनमान मै
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देख सखी नव | Dekh Sakhi Nav
Sarang · सारंग · Dumala Shringar Ke Pad · दुमाला शृंगार के पद
देख सखी नव छेल छबिलो । लियो मेरो चित चोरी । अरविलो आनत एंडानो ओर आक्रत नैन ही की चोर । शोभा अंग प्री
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गिरधर गिरवरधर नंदलाल | Giridhar Girvardhar Nandlal
Gauri · गौरी · Dumala Shringar Ke Pad · दुमाला शृंगार के पद
गिरधर गिरवरधर नंदलाल ॥ देखत गंग बुलाई धुमर कूजत बेनु रसाल ॥१॥ लाल इजार ताफताकी झगुली पीत दुमालो उर म
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दुहुंदिश छोर दुमालो | Duhundish Chhor Dumalo
Gauri · गौरी · Dumala Shringar Ke Pad · दुमाला शृंगार के पद
दुहुंदिश छोर दुमालो की अति नीकी परम सुहाई ॥ गोधन संग बनते व्रज आवत नागर कुंवर कन्हाई ॥१॥ मुरली अधर ध
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बनते बने माई | Bante Bane Mai
Gori · गोरी · Dumala Shringar Ke Pad · दुमाला शृंगार के पद
बनतें बने माई गिरिधर आवत ॥ सीसदुमालो अति छबिपावत मनमथ कोटि लजावत ॥१॥ गायनके पाछे चले आवत भ्रोंहन भै
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लाल के केसर | Lal Ke Kesar
Sarang · सारंग · Dumala Shringar Ke Pad · दुमाला शृंगार के पद
लाल के केसर भोर सुहाई ॥ शीश बन्यो है पीत दुमालो छबि निरख सुख पाई ॥१॥ धोती उपरना पीतरंग के उर मुक्ताम
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तू चल नंद | Tu Chal Nand
Sarang · सारंग · Dumala Shringar Ke Pad · दुमाला शृंगार के पद
तू चल नंद नंदनको देखन । सीस धर्यो है दुमालो लाल रंग सोहत मन अब लेखन ॥१॥ रहे ब्रज जन सब मिल गावत निरख
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देयशुमति नैक अपनीरई | Deyashumati Naik Apnirai
Bhairav · भैरव · Dadhi Manthan Ke Pad · दधि मंथन के पद
देयशुमति नेंक अपनीरई योंहीपरयो है बिनामथनकीये दई ॥ अपनी हौढूँढआई उठ अंधियारेमाँझपाई न भवनमें कहांधों
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आछेवजके खरिकरवाने | Aachhebrajke Kharikarvane
Asavari · आसावरी · Dadhi Manthan Ke Pad · दधि मंथन के पद
आछेवजके खरिकरवाने वडडेवगर ॥ नवतरुणी नवतरलितमंडित अगणितसुरभी हूंकडगर ॥१॥ जहांतहांदधिमथन घमरके प्रमुदि
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प्रातसमैदधिमथतयशोदा | Pratsamaidadhimathatyashoda
Bilaval · बिलावल · Dadhi Manthan Ke Pad · दधि मंथन के पद
प्रातसमेंदधिमथतयशोदा प्रमुदित कमलनयन गुणगावत ॥ अतिहीमधुरगति कंठसुघर अतिनंद सुवनचित हितहिबढावत ॥१॥ नी
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नेकरहोमांखनदेऊंतुमको | Nekrahomankhandeeuntumko
Bilaval · बिलावल · Dadhi Manthan Ke Pad · दधि मंथन के पद
नेंकरहोमांखनदेऊंतुमको ठाडीमथतजननी दधिआतुरलोनी नंदसुवनको ॥१॥ मैबलजाऊं स्यामघनसुंदर भूखलगी तुम्हें भार
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बात नहीं सुतलायलियो | Baat Nahin Sutlayliyo
Bilaval · बिलावल · Dadhi Manthan Ke Pad · दधि मंथन के पद
बात नहीं सुतलायलियो ॥ तबलोंदधिमथजननी यशोदामाखनकर हरिहाथदियो ॥१॥ लैलैअधरपरसकर जेंवतदेखत फूल्योमातहियो
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आजभोरही राधिकायशुमति | Aajbhorahi Radhikayashumati
Bilaval · बिलावल · Dadhi Manthan Ke Pad · दधि मंथन के पद
आजभोरही राधिकायशुमति गृहआई ॥ महरिकह्योहँस दधिमथो-वृषभानदुहाई ॥१॥ सुनआयुस ठाडीभई करनेतिसुहाई ॥ रीतेमा
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नंदगाम नीकोलागतरी | Nandgam Nikolagatri
Bilaval · बिलावल · Dadhi Manthan Ke Pad · दधि मंथन के पद
नंदगाम नीकोलागतरी ॥ प्रातसमैदधिमथत ग्वालिनी सुनत मधुर ध्वनि गाजतरी ॥१॥ धन्ययेगोपी धन्ययेग्वाल जिनकेम
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दधिमथतगवालगरवीलीरी | Dadhimathatgvalgarviliri
Bilaval · बिलावल · Dadhi Manthan Ke Pad · दधि मंथन के पद
दधिमथतगवालगरवीलीरी ॥ रुनकझुनक कटिकिंकिणी बाजत बाह झूलावतढीलीरी ॥१॥ कमलनयन दधिमांखनमांगत नाहिनदेतहठील
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याविलोवने ऊपर वारोरीमाई | Yavilovane Upar Varorimai
Bilaval · बिलावल · Dadhi Manthan Ke Pad · दधि मंथन के पद
याविलोवने ऊपर वारोंरीमाई कोटिनाँच ॥ छबिसोंडूलत कटिपरवेनी दधिकी घुमड और क्वणितवलयक्षुद्रघंटिका ध्वनिस
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मथतदधिमथनीटेकअरें | Mathatdadhimathanitekaaren
Bilaval · बिलावल · Dadhi Manthan Ke Pad · दधि मंथन के पद
मथतदधिमथनीटेकअरें ॥ आरकरोजिन स्याममनोहर वासुकी शंभुडरे ॥१॥ मंदरडरत सिंधुतनकांप्यो अबबलकहाकरें ॥ तीनल
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यशुमतिदधिमंथनकरत बैठीवडधाम | Yashumatidadhimathanakarat Baithivadadham
Bilaval · बिलावल · Dadhi Manthan Ke Pad · दधि मंथन के पद
यशुमतिदधिमंथनकरत बैठीवडधाम अजिरठाढेहरिहँसतनेन्ही दँतियानछबिछाजें ॥ चितवतचित रह्योलुभाय शोभाकछुकहीनजा
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नंदजूकेबारे कान्ह | Nandjukebare Kanh
Bilaval · बिलावल · Dadhi Manthan Ke Pad · दधि मंथन के पद
नंदजूकेबारे कान्ह छांडदेमथनियां ॥ बारंबारकहे मातयशोमति नंदरनियां ॥१॥ नेंकरहो माखनदेहों मेरेप्राणधनिय