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झूलत दोऊ कुंजकुटीर | Jhoolat Dou Kunjakutir
Kedaro · केदारो · Hindora Darshan Bagicha · हिंडोरा दर्शन बगीचा
झूलत दोऊ कुंजकुटीर ॥ कंचन खंभ हिंडोरें बिराजत तरणि तनयातीर ॥१॥ मुकुलित कुसुम मल्लिका प्रफुल्लित रुचि
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लालमुनिनके झुंडन झूलन आईं | Lalamuninke Jhundan Jhoolan Ain
Kedaro · केदारो · Hindora Pichhe Bhitar Men Jhule Tab · हिंडोरा पीछे भीतर में झुले तब
लालमुनिनके झुंडन झूलन आईं एहो हिंडोरें ॥ एक रंग सरस कसुंभी सारी पहेरें कंचुकी सोंधे बोरें ॥१॥ सबे एक
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नवल लालके संग झूलन | Naval Lalke Sang Jhoolan
Kedaro · केदारो · Hindora Pichhe Bhitar Men Jhule Tab · हिंडोरा पीछे भीतर में झुले तब
नवल लालके संग झूलन आईं एहो हिंडोरें ॥ लटपटात पाटकी चुंनरि बदलपरी कछुभोरें ॥१॥ सगबगात गिरिधर पियके सं
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झूलत अरुझी वनमाल गरें | Jhoolat Arujhi Vanamal Garen
Adano · अडानो · Hindora Rakhi Ke · हिंडोरा राखी के
झूलत अरुझी वनमाल गरें ग्रीव गांठ गहि जोरी ॥ हँसत झूलत जो झुलावन हारी कहो केसें कर छोरी ॥१॥ जो छोडोतो
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भली करि आये भलि | Bhali Kari Aye Bhali
Bihag · बिहाग · Hindora Rakhi Ke · हिंडोरा राखी के
भली करि आये भलि करी आये पर्व मनायो सलूनो ॥ झुमझुम झुलवत रंगरंगन रस वरखत व्रजदूनो ॥१॥ एकवेष एकरूप एकग
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सांवरकी पून्यो मन भावन | Sanvarki Punyo Man Bhavan
Adano · अडानो · Hindora Rakhi Ke · हिंडोरा राखी के
सांवरकी पून्यों मन भावन हरि आये घर झूलूंगी पंचरंग डोरी बांध हिंडोरें ॥ पहरोंगी सुरंगसारी कंचुकी कसबा
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आली श्रावनकी पून्यो हरि | Ali Shravanaki Punyo Hari
Adano · अडानो · Hindora Rakhi Ke · हिंडोरा राखी के
आली श्रावनकी पून्यो हरि हरियारी भूमि सोहत पिया संग झूलूंगी हों नवल हिंडोरे ॥ वरसत मेह भटू लागत प्यार
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आज वृषभानकी ललीके वदन | Aj Vrishabhanaki Lalike Vadan
Kedaro · केदारो · Hindora Rakhi Ke · हिंडोरा राखी के
आज वृषभानकी ललीके वदन पर दूनी छबि रही फबि ॥ यशोदाको लाल वीर सहोद्राको राखी बांधि झुलतहें अति बाढी छब
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सुघर रावरे की गोपकुमारि | Sughar Ravare Ki Gopakumari
Adano · अडानो · Hindora Rakhi Ke · हिंडोरा राखी के
सुघर रावरे की गोपकुमारि गोकुल की राखी बाँधे हरि राधा हिंडोरे झूलनि नंदसदन आई। प्रफुल्लित मुख सोभित अ
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गोपीजन गावे गीत | Gopijan Gave Git
Adano · अडानो · Hindora Rakhi Ke · हिंडोरा राखी के
गोपीजन गावे गीत राखी को है दिन पुनीत स्यामास्याम झूले दोऊ रंग हिंडोरे। रमकि-झमकि झोटा देत नैननि कों
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सुघर रावलकी गोप कुंवर | Sughar Ravalaki Gop Kunvar
Malhar · मल्हार · Hindora Rakhi Ke · हिंडोरा राखी के
सुघर रावलकी गोप कुंवर गोकुल की राखी बांध ही हरि राधा हिंडोरे झूलन नंद सदन आईं ॥ प्रफुलित मुख सोभित अ
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पहेर पवित्रा बैठे हिंडोरें | Paher Pavitra Baithe Hindoren
Sarang · सारंग · Hindora Pavitra Ke · हिंडोरा पवित्रा के
पहेर पवित्रा बैठे हिंडोरें दोऊ निरखत नेन सिराने ॥ नवनिकुंज महलमें राजत कोटिक काम लजाने ॥१॥ हास विलास
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पवित्रा पेहेरें नंद कुमार | Pavitra Peheren Nand Kumar
Sarang · सारंग · Hindora Pavitra Ke · हिंडोरा पवित्रा के
पवित्रा पेहेरें नंद कुमार ॥ पेहेर पवित्रा झूलन लागे अतिसे परम उदार ॥१॥ चंचल चपल मनोहर मूरत अति शोभा
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पवित्रा पेहेरें परमानंद | Pavitra Peheren Paramanand
Sarang · सारंग · Hindora Pavitra Ke · हिंडोरा पवित्रा के
पवित्रा पेहेरें परमानंद ॥ श्रावन सुदि एकादशीके दिन गिरिधर गोकुलचंद ॥१॥ श्रीवृषभाननंदनी निजकर ग्रथित
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पवित्रा पेहेरि हिंडोरें झूलें | Pavitra Peheri Hindoren Jhoolen
Sarang · सारंग · Hindora Pavitra Ke · हिंडोरा पवित्रा के
पवित्रा पेहेरि हिंडोरें झूलें ॥ श्यामा स्याम बराबर बैठे निरखतही समतूलें ॥१॥ ललितादिक झुलावत ठाडी खंभ
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हिंडोरो नवरंग्यो सजनी | Hindoro Navarangyo Sajani
Malav · मालव · Hindora Shri Gusainji Ke · हिंडोरा श्री गुसाईजी के
हिंडोरो नवरंग्यो सजनी तहां झुले श्रीविट्टलेशराय ॥ चलो सखी देखनकूं जैयें यह सुख शोभा कही न जाय ॥१॥ नव
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श्रीविट्ठलराय लालगिरिधरन झुलावत | Shrivitthalray Lalagiridharan Jhulavat
Malav · मालव · Hindora Shri Gusainji Ke · हिंडोरा श्री गुसाईजी के
श्रीविट्ठलराय लालगिरिधरन झुलावत सुरंगहिंडोरें ॥ सुन्दरवदन निहारत फिरफिर चितवत नयना जोरें ॥१॥ अतिशोभि
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हिंडोरें राजत श्रीगोकुलाधीश | Hindoren Rajat Shrigokuladhish
Maru · मारु · Hindora Shri Gusainji Ke · हिंडोरा श्री गुसाईजी के
हिंडोरें राजत श्रीगोकुलाधीश ॥ धोती अरु कसुंभी उपरेना कसुंभी पाग सोहे शीश ॥१॥ झोटा देत सखी जन प्रफुल्
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झुले श्रीवल्लभनंदन हिंडोरें | Jhule Shrivallabhanandan Hindoren
Sorath · सोरठ · Hindora Shri Gusainji Ke · हिंडोरा श्री गुसाईजी के
झुले श्रीवल्लभनंदन हिंडोरें माई ॥ मणि कंचनके खंभ मनोहर चोकी जडित सुचन्दन ॥१॥ नाना विधके हार कुसुमनके
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झुलत वल्लभवर सुखदाई | Jhultat Vallabhavar Sukhadayi
Kanharo · कान्हरो · Hindora Shri Gusainji Ke · हिंडोरा श्री गुसाईजी के
झुलत वल्लभवर सुखदाई ॥ रसना एक कहां लों अंगअंग सुंदरताई ॥१॥ व्रजजन नयन चकोर चंद्रमुख पीवत रूप सुधाई ॥
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सरस हिंडोरना माई झूले | Saras Hindorana Mai Jhule
Malhar · मल्हार · Hindora Shri Gusainji Ke · हिंडोरा श्री गुसाईजी के
सरस हिंडोरना माई झूले श्रीगोकुलचन्द ॥ध्रुव ॥ द्वै खंभ कंचनके मनोहर रतनजटित सुरंग । चार डांडी सरल सुन
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हिंडोरे माई झुले श्रीविट्टुलनाथ | Hindore Mai Jhule Shrivittulanath
Kedaro · केदारो · Hindora Shri Gusainji Ke · हिंडोरा श्री गुसाईजी के
हिंडोरे माई झुले श्रीविठ्ठलनाथ। सब भक्तन मिल प्रेम झुलावत आनंद उर न समात ॥१॥ श्रीगिरिधर गोविंद संग झ
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झूलत अति आनंदभरे | Jhoolat Ati Anandabhare
Malhar · मल्हार · Hindora Malhar · हिंडोरा मल्हार
झूलत अति आनंदभरे ॥ इतश्यामा उतलाल लाडिलो बैयां कंठधरें ॥१॥ बोलतमोर कोकिला अलिकुल गरजतहें घन घोर ॥ गा
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हिंडोरे माई झूलत बनेहें | Hindore Mai Jhoolat Banehen
Malhar · मल्हार · Hindora Malhar · हिंडोरा मल्हार
हिंडोरे माई झूलत बनेहें बिहारी ॥ आनंदभर दोउ गान-करतहें संग सकल व्रजनारी ॥१॥ कुंजकुंजमें बन्यो हिंडोर
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हरिसंग झूलतहें व्रजनारी | Harisang Jhoolatahen Vrajanari
Malhar · मल्हार · Hindora Malhar · हिंडोरा मल्हार
हरिसंग झूलतहें व्रजनारी ॥ सावन मास फुहीं थोरी थोरी तेसीये भूमि हरियारी ॥१॥ नव घन नव वन नवचातिक पिक न