Search kirtans
-
श्रीवल्लभलाल आंगन मध्य | Shrivallabhlal Angan Madhya
Asavari · आसावरी · Shri Mahaprabhuji Ki Bal Lila · श्री महाप्रभुजी की बाललीला
श्रीवल्लभलाल आंगन मध्य खेलन ॥ पहले प्रगट श्रीयशोदा नंदन गोपीनकों रस देनन ॥१॥ अबही प्रगट श्रीलक्ष्मण
-
भई सात बरसकी दुलारी | Bhai Sat Baraski Dulari
Bilaval · बिलावल · Shri Mahaprabhuji Ke Vivah Khel · श्री महाप्रभुजी के विवाह खेल
भई सात बरसकी दुलारी मनमें ब्याहकी बात विचारी। महालक्ष्मी रजो जु कुमारी दोऊ मिल गंगा तीर सिधारी ॥१॥ द
-
आशा कर रही है | Asha Kar Rahi Hai
Asavari · आसावरी · Shri Mahaprabhuji Ke Vivah Khel · श्री महाप्रभुजी के विवाह खेल
आशा कर रही है कुमारी विरह व्यथा तन भारी। विनवे चंद्रावली प्यारी करो सहाय ललिता सुकुमारी ॥१॥ समुझावत
-
चन्द्रावली कहत नाथ | Chandravali Kahat Nath
Todi · टोडी · Shri Mahaprabhuji Ke Vivah Khel · श्री महाप्रभुजी के विवाह खेल
चन्द्रावली कहत नाथ राधाजूको गहो हाथ काहेको दुरावो प्यारे जगत उजियारे। करो ब्याह लाल आप मेटो त्रिविध
-
कियो जु लाल विचार | Kiyo Ju Lal Vichar
Madhumati Sarang · मधुमाती सारंग · Shri Mahaprabhuji Ke Vivah Khel · श्री महाप्रभुजी के विवाह खेल
कियो जु लाल विचार फिर कासी जु आये। दुलह श्री नंदलाल सखा संग जु सब आये ॥टेक॥ सखा सबै बराती बना श्री व
-
एरी सखी संभरवारे | Eri Sakhi Sambharvare
Kaphi · काफी · Shri Mahaprabhuji Ke Vivah Khel · श्री महाप्रभुजी के विवाह खेल
एरी सखी संभरवारे दामोदरदास तुलसा आये प्रेमसों रंग रस छाय रह्यो। एरी सखी रघुनाथदास सुहावने आये जु लाय
-
बराती सब पर जाऊं | Barati Sab Par Jaun
Hori · होरी · Shri Mahaprabhuji Ke Vivah Khel · श्री महाप्रभुजी के विवाह खेल
बराती सब पर जाऊं वारी ॥ध्रुव॥ राजघाटसों पुरुषोत्तम आये सेरगढसों त्रिपुरारी । जेवल पूरणमल्ल सोभित हैं
-
तिहारी ढाढी श्रीलछमनराज | Tihari Dhadhi Shrilachhmanraj
Maru · मारू · Shri Mahaprabhuji Ki Dhadhi Lila · श्री महाप्रभुजी की ढाढी लीला
तिहारी ढाढी श्रीलछमनराज। तिहारे पूत भये पुरुषोत्तम सुफल भये मेरे काज ॥१॥ तिहारे पितर भये जे पहेले मह
-
तिहारो ढाढी आयो | Tiharo Dhadhi Ayo
Maru · मारू · Shri Mahaprabhuji Ki Dhadhi Lila · श्री महाप्रभुजी की ढाढी लीला
तिहारो ढाढी आयो हो हौं बलि वल्लभ राज । प्रगट भये तैलंग कुलदीपक लीने सब सुख साज ॥१॥ एक बार प्रगटे जसु
-
यह व्रत माधो प्रथमलीयो | Yah Vrat Madho Prathamliyo
Kanharo · कान्हरो · Shri Nrisimhaji Ke Pad · श्री नृसिंहजी के पद
यह व्रत माधो प्रथमलीयो ॥ जो मेरे भक्तनकों दुखदे ताकोफारूं नखनहीयो ॥१॥ जो भक्तनसों वैरकरतहे परमेश्वरस
-
तोलों हो वैकुंठ न | Tolon Ho Vaikunth Na
Kanharo · कान्हरो · Shri Nrisimhaji Ke Pad · श्री नृसिंहजी के पद
तोलों हो वैकुंठ न जेहों ॥ सुन प्रल्हाद प्रतिज्ञा मेरी जोलों तो शिरछत्र न देहों ॥१॥ मनकर्म वचन मानजिय
-
जाकों तुम अंगीकार कियो | Jakon Tum Angikar Kiyo
Kanharo · कान्हरो · Shri Nrisimhaji Ke Pad · श्री नृसिंहजी के पद
जाकों तुम अंगीकार कियो तिनके कोटि विघ्न हरिटारे अभयदान भक्तनकों दियो ॥१॥ बहु सनमान दियो प्रल्हादे सब
-
हरिराखे ताहि डर काको | Harirakhe Tahi Dar Kako
Kanharo · कान्हरो · Shri Nrisimhaji Ke Pad · श्री नृसिंहजी के पद
हरिराखे ताहि डर काको ॥ महापुरुष समर्थ कमलापति नरहरीसो ईशहे जाको ॥१ ॥ अनेक शासना करकर देखी निष्फल भई
-
श्रीनरसिंह भक्त भय | Shrinarasinh Bhakt Bhay
Kanharo · कान्हरो · Shri Nrisimhaji Ke Pad · श्री नृसिंहजी के पद
श्रीनरसिंह भक्त भय भंजन जन रंजन मन सुखकारी ॥ भूत प्रेत पिशाच डाकिनी यंत्र मंत्र भव भय हारी ॥१ ॥ सबे
-
श्रीगंगा जगतारण को | Shriganga Jagataran Ko
Bibhas · बिभास · Ganga Dashami · गंगा दसमी के पद
श्रीगंगा जगतारण को आई ॥ भगीरथ तपस्या कीनी शिवले सीस चढाई ॥१॥ पापी दुष्ट अजामिल गणिका पतित परम गति पा
-
जे जन गंगा गंगा | Je Jan Ganga Ganga
Bibhas · बिभास · Ganga Dashami · गंगा दसमी के पद
जे जन गंगा गंगा कहे ॥ जन्म जन्मके कोटिक दुष्कृत छिनहीं मांझ दहे ॥१ ॥ स्नान करत तें मन वांछित फल ततछि
-
परमेश्वरी देवमुनि वंदत | Parmeshvari Devmuni Vandat
Bibhas · बिभास · Ganga Dashami · गंगा दसमी के पद
परमेश्वरी देवमुनि वंदत पावन देवी गंगे ॥ पावन चरण कमल नखरंजित सीतलबाहु तरंगे ॥१ ॥ मज्जनपान करत जे प्र
-
आगे आगे भाज्यो जात | Age Age Bhajyo Jat
Bilaval · बिलावल · Ganga Dashami · गंगा दसमी के पद
आगे आगे भाज्यो जात भगीरथ को रथ पाछें पाछें आवत रंग भरी गंग ॥ झलमलात अति उज्ज्वल जल ज्योति अब निरखत म
-
गंगा पतितन कोसुखदेनी | Ganga Patitan Kosukhdeni
Bilaval · बिलावल · Ganga Dashami · गंगा दसमी के पद
गंगा पतितन कोसुखदेनी ॥ सेवाकरभगीरथ लाये पापकाटनको पैनी ॥१ ॥ सकल ब्रह्मांड फोरकेआवत चलत चाल गजगयनी ॥
-
नमो देवी यमुने | Namo Devi Yamune
Kaphi · काफी · Snan Yatra · स्नान यात्रा
नमो देवी यमुने नमो देवी यमुने हर कृष्ण मिलनांतरायं ॥ निजनाथ मार्ग दायिनि कुमारी काम पूरिके कुरु भक्त
-
नंदको मनवांछित दिन | Nandko Manvanchhit Din
Bilaval · बिलावल · Snan Yatra · स्नान यात्रा
नंदको मनवांछित दिन आयो ॥ फुलीफिरत यशोदा रोहिनी उरआनंद न समायो ॥१॥ गाम गामतें जाति बुलाई मोतिन चोक पु
-
मंगलजेष्ठ जेष्ठा पूज्यो | Mangaljeth Jetha Pujyo
Bilaval · बिलावल · Snan Yatra · स्नान यात्रा
मंगलजेष्ठ जेष्ठा पूज्यो करत स्नान गोवर्धनधारी ॥ दधि ओर दूब मधुले सखीरी केसरघट जल डारत प्यारी ॥१॥ चोव
-
जमुना जल क्रीडत | Jamuna Jal Kridat
Bilaval · बिलावल · Snan Yatra · स्नान यात्रा
जमुना जल क्रीडत नंद नंदन ॥ गोपी वृंद मनोहर चहुँदिस मधि अरिष्ट निकंदन ॥१॥ छिरकति पान परसपर सोभित सिथि
-
यमुना देवी कोन भलाई | Yamuna Devi Kon Bhalai
Bilaval · बिलावल · Snan Yatra · स्नान यात्रा
यमुना देवी कोन भलाई ॥ नाम रूप गुन लहरि जू को न्यारी अपनी चाल चलाई ॥१॥ उजर देस कीयो भ्राता को तुम परस
-
आज हों अधिक हँसी | Aj Hon Adhik Hansi
Suh · सुहा · Khandita · खंडिता
आज हों अधिक हँसी री माई ॥ काम विवस मों सौं रति बाढ़ी अवलोकत समझाई ॥ १ ॥ रवि ससि काँति भई जू सखी री क