Pushti Kirtan

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  1. श्रीवल्लभलाल आंगन मध्य | Shrivallabhlal Angan Madhya

    Asavari · आसावरी · Shri Mahaprabhuji Ki Bal Lila · श्री महाप्रभुजी की बाललीला

    श्रीवल्लभलाल आंगन मध्य खेलन ॥ पहले प्रगट श्रीयशोदा नंदन गोपीनकों रस देनन ॥१॥ अबही प्रगट श्रीलक्ष्मण

  2. भई सात बरसकी दुलारी | Bhai Sat Baraski Dulari

    Bilaval · बिलावल · Shri Mahaprabhuji Ke Vivah Khel · श्री महाप्रभुजी के विवाह खेल

    भई सात बरसकी दुलारी मनमें ब्याहकी बात विचारी। महालक्ष्मी रजो जु कुमारी दोऊ मिल गंगा तीर सिधारी ॥१॥ द

  3. आशा कर रही है | Asha Kar Rahi Hai

    Asavari · आसावरी · Shri Mahaprabhuji Ke Vivah Khel · श्री महाप्रभुजी के विवाह खेल

    आशा कर रही है कुमारी विरह व्यथा तन भारी। विनवे चंद्रावली प्यारी करो सहाय ललिता सुकुमारी ॥१॥ समुझावत

  4. चन्द्रावली कहत नाथ | Chandravali Kahat Nath

    Todi · टोडी · Shri Mahaprabhuji Ke Vivah Khel · श्री महाप्रभुजी के विवाह खेल

    चन्द्रावली कहत नाथ राधाजूको गहो हाथ काहेको दुरावो प्यारे जगत उजियारे। करो ब्याह लाल आप मेटो त्रिविध

  5. कियो जु लाल विचार | Kiyo Ju Lal Vichar

    Madhumati Sarang · मधुमाती सारंग · Shri Mahaprabhuji Ke Vivah Khel · श्री महाप्रभुजी के विवाह खेल

    कियो जु लाल विचार फिर कासी जु आये। दुलह श्री नंदलाल सखा संग जु सब आये ॥टेक॥ सखा सबै बराती बना श्री व

  6. एरी सखी संभरवारे | Eri Sakhi Sambharvare

    Kaphi · काफी · Shri Mahaprabhuji Ke Vivah Khel · श्री महाप्रभुजी के विवाह खेल

    एरी सखी संभरवारे दामोदरदास तुलसा आये प्रेमसों रंग रस छाय रह्यो। एरी सखी रघुनाथदास सुहावने आये जु लाय

  7. बराती सब पर जाऊं | Barati Sab Par Jaun

    Hori · होरी · Shri Mahaprabhuji Ke Vivah Khel · श्री महाप्रभुजी के विवाह खेल

    बराती सब पर जाऊं वारी ॥ध्रुव॥ राजघाटसों पुरुषोत्तम आये सेरगढसों त्रिपुरारी । जेवल पूरणमल्ल सोभित हैं

  8. तिहारी ढाढी श्रीलछमनराज | Tihari Dhadhi Shrilachhmanraj

    Maru · मारू · Shri Mahaprabhuji Ki Dhadhi Lila · श्री महाप्रभुजी की ढाढी लीला

    तिहारी ढाढी श्रीलछमनराज। तिहारे पूत भये पुरुषोत्तम सुफल भये मेरे काज ॥१॥ तिहारे पितर भये जे पहेले मह

  9. तिहारो ढाढी आयो | Tiharo Dhadhi Ayo

    Maru · मारू · Shri Mahaprabhuji Ki Dhadhi Lila · श्री महाप्रभुजी की ढाढी लीला

    तिहारो ढाढी आयो हो हौं बलि वल्लभ राज । प्रगट भये तैलंग कुलदीपक लीने सब सुख साज ॥१॥ एक बार प्रगटे जसु

  10. यह व्रत माधो प्रथमलीयो | Yah Vrat Madho Prathamliyo

    Kanharo · कान्हरो · Shri Nrisimhaji Ke Pad · श्री नृसिंहजी के पद

    यह व्रत माधो प्रथमलीयो ॥ जो मेरे भक्तनकों दुखदे ताकोफारूं नखनहीयो ॥१॥ जो भक्तनसों वैरकरतहे परमेश्वरस

  11. तोलों हो वैकुंठ न | Tolon Ho Vaikunth Na

    Kanharo · कान्हरो · Shri Nrisimhaji Ke Pad · श्री नृसिंहजी के पद

    तोलों हो वैकुंठ न जेहों ॥ सुन प्रल्हाद प्रतिज्ञा मेरी जोलों तो शिरछत्र न देहों ॥१॥ मनकर्म वचन मानजिय

  12. जाकों तुम अंगीकार कियो | Jakon Tum Angikar Kiyo

    Kanharo · कान्हरो · Shri Nrisimhaji Ke Pad · श्री नृसिंहजी के पद

    जाकों तुम अंगीकार कियो तिनके कोटि विघ्न हरिटारे अभयदान भक्तनकों दियो ॥१॥ बहु सनमान दियो प्रल्हादे सब

  13. हरिराखे ताहि डर काको | Harirakhe Tahi Dar Kako

    Kanharo · कान्हरो · Shri Nrisimhaji Ke Pad · श्री नृसिंहजी के पद

    हरिराखे ताहि डर काको ॥ महापुरुष समर्थ कमलापति नरहरीसो ईशहे जाको ॥१ ॥ अनेक शासना करकर देखी निष्फल भई

  14. श्रीनरसिंह भक्त भय | Shrinarasinh Bhakt Bhay

    Kanharo · कान्हरो · Shri Nrisimhaji Ke Pad · श्री नृसिंहजी के पद

    श्रीनरसिंह भक्त भय भंजन जन रंजन मन सुखकारी ॥ भूत प्रेत पिशाच डाकिनी यंत्र मंत्र भव भय हारी ॥१ ॥ सबे

  15. श्रीगंगा जगतारण को | Shriganga Jagataran Ko

    Bibhas · बिभास · Ganga Dashami · गंगा दसमी के पद

    श्रीगंगा जगतारण को आई ॥ भगीरथ तपस्या कीनी शिवले सीस चढाई ॥१॥ पापी दुष्ट अजामिल गणिका पतित परम गति पा

  16. जे जन गंगा गंगा | Je Jan Ganga Ganga

    Bibhas · बिभास · Ganga Dashami · गंगा दसमी के पद

    जे जन गंगा गंगा कहे ॥ जन्म जन्मके कोटिक दुष्कृत छिनहीं मांझ दहे ॥१ ॥ स्नान करत तें मन वांछित फल ततछि

  17. परमेश्वरी देवमुनि वंदत | Parmeshvari Devmuni Vandat

    Bibhas · बिभास · Ganga Dashami · गंगा दसमी के पद

    परमेश्वरी देवमुनि वंदत पावन देवी गंगे ॥ पावन चरण कमल नखरंजित सीतलबाहु तरंगे ॥१ ॥ मज्जनपान करत जे प्र

  18. आगे आगे भाज्यो जात | Age Age Bhajyo Jat

    Bilaval · बिलावल · Ganga Dashami · गंगा दसमी के पद

    आगे आगे भाज्यो जात भगीरथ को रथ पाछें पाछें आवत रंग भरी गंग ॥ झलमलात अति उज्ज्वल जल ज्योति अब निरखत म

  19. गंगा पतितन कोसुखदेनी | Ganga Patitan Kosukhdeni

    Bilaval · बिलावल · Ganga Dashami · गंगा दसमी के पद

    गंगा पतितन कोसुखदेनी ॥ सेवाकरभगीरथ लाये पापकाटनको पैनी ॥१ ॥ सकल ब्रह्मांड फोरकेआवत चलत चाल गजगयनी ॥

  20. नमो देवी यमुने | Namo Devi Yamune

    Kaphi · काफी · Snan Yatra · स्नान यात्रा

    नमो देवी यमुने नमो देवी यमुने हर कृष्ण मिलनांतरायं ॥ निजनाथ मार्ग दायिनि कुमारी काम पूरिके कुरु भक्त

  21. नंदको मनवांछित दिन | Nandko Manvanchhit Din

    Bilaval · बिलावल · Snan Yatra · स्नान यात्रा

    नंदको मनवांछित दिन आयो ॥ फुलीफिरत यशोदा रोहिनी उरआनंद न समायो ॥१॥ गाम गामतें जाति बुलाई मोतिन चोक पु

  22. मंगलजेष्ठ जेष्ठा पूज्यो | Mangaljeth Jetha Pujyo

    Bilaval · बिलावल · Snan Yatra · स्नान यात्रा

    मंगलजेष्ठ जेष्ठा पूज्यो करत स्नान गोवर्धनधारी ॥ दधि ओर दूब मधुले सखीरी केसरघट जल डारत प्यारी ॥१॥ चोव

  23. जमुना जल क्रीडत | Jamuna Jal Kridat

    Bilaval · बिलावल · Snan Yatra · स्नान यात्रा

    जमुना जल क्रीडत नंद नंदन ॥ गोपी वृंद मनोहर चहुँदिस मधि अरिष्ट निकंदन ॥१॥ छिरकति पान परसपर सोभित सिथि

  24. यमुना देवी कोन भलाई | Yamuna Devi Kon Bhalai

    Bilaval · बिलावल · Snan Yatra · स्नान यात्रा

    यमुना देवी कोन भलाई ॥ नाम रूप गुन लहरि जू को न्यारी अपनी चाल चलाई ॥१॥ उजर देस कीयो भ्राता को तुम परस

  25. आज हों अधिक हँसी | Aj Hon Adhik Hansi

    Suh · सुहा · Khandita · खंडिता

    आज हों अधिक हँसी री माई ॥ काम विवस मों सौं रति बाढ़ी अवलोकत समझाई ॥ १ ॥ रवि ससि काँति भई जू सखी री क