Pushti Kirtan

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  1. पावस ऋतुनीकी लागत हिंडोरें | Pavas Rituniki Lagat Hindoren

    Malhar · मल्हार · Hindora Malhar · हिंडोरा मल्हार

    पावस ऋतुनीकी लागत हिंडोरें हरिसंग झूलत व्रजनारी ॥ सावन मास फुहीं थोरी थोरी तेसीये भूमि हरियारी ॥१॥ न

  2. आज बन उमगि रही | Aj Ban Umagi Rahi

    Malhar · मल्हार · Hindora Malhar · हिंडोरा मल्हार

    आज बन उमगि रही व्रजनारी ॥ फुलीफिरत निशंक गुणगावत झुलवत प्राण पियारी ॥१॥ एक कुसुम ले डारत ऊपर एक चितव

  3. छबीलो गोपाल झूले छबीले | Chhabilo Gopal Jhule Chhabile

    Nat · नट · Hindora Ke Pad · हिंडोरा के पद

    छबीलो गोपाल झूले छबीले हिंडोलना ॥ छबीलेसे खंभ दोऊ डांडी चार छबीली छबीले जराय हीरा हेम अमोलना ॥१॥ छबी

  4. व्रजयुवति संग लाल झूलत | Vrajayuvati Sang Lal Jhoolat

    Nat · नट · Hindora Ke Pad · हिंडोरा के पद

    व्रजयुवति संग लाल झूलत वृन्दावन मध्य पचरंग सोहत सुरंग हिंडोरें ॥ नट अलाप लेत सुघर राग रंग विहंसविहंस

  5. आज सखी नव कुंजमहल | Aj Sakhi Nav Kunjamahal

    Nat · नट · Hindora Ke Pad · हिंडोरा के पद

    आज सखी नव कुंजमहल में झूलत सुरंग हिंडोरे हैं। स्यामा स्याम चित चोरे हैं दोउ अरसपरस दग जोरे हैं ॥१॥ न

  6. झूलत व्रजराज कुंवर संजूत | Jhoolat Vrajaraj Kunvar Sanjut

    Nat · नट · Hindora Ke Pad · हिंडोरा के पद

    झूलत व्रजराज कुंवर संजूत वृषभानु सुता कुंज सदन में हिंडोरनां बिराज हीं ॥ अंग अंग सोहत सिंगार पीतांबर

  7. हिंडोरे झूलत रंग रंगीले | Hindore Jhoolat Rang Rangile

    Nat · नट · Hindora Ke Pad · हिंडोरा के पद

    हिंडोरे झूलत रंग रंगीले ॥ नव निकुंज रस पुंज सदन में छबि सौं छबीले ॥१ ॥ नव भूषन नव बसन अंग अंग नव नव

  8. सुरंग हिंडोरनाहो माई झूलत | Surang Hindoranaho Mai Jhoolat

    Nat · नट · Hindora Ke Pad · हिंडोरा के पद

    सुरंग हिंडोरनाहो माई झूलत रंग भरे ॥ तेसीये पियप्यारी पहेरें पीयरो पट कसुंभी सारी ऋतु पावसघन चहूंदिशा

  9. आईं आईं सकल व्रजनारी | Ain Ain Sakal Vrajanari

    Malav · मालव · Hindora Ke Pad · हिंडोरा के पद

    आंईं आंईं सकल व्रजनारी झूलन हरिके हिंडोरनां ॥ नवसत साज कुरंग नयनी आभूषण तन आछे सुरंगवसन अमोलनां ॥१॥

  10. झूलत गोकुलचंद हिंडोरें | Jhoolat Gokulachand Hindoren

    Malav · मालव · Hindora Ke Pad · हिंडोरा के पद

    झूलत गोकुलचंद हिंडोरें झुलावत सब व्रजनारी ॥ संगशोभित वृषभाननंदिनी पहेरें कसुंभी सारी ॥१॥ पचरंगी डोरी

  11. हिंडोरें माई झूलतरंग रह्यो | Hindore Mai Jhoolatarang Rahyo

    Malhar · मल्हार · Hindora Jhuli Utarave · हिंडोरा झूलि उतरवे

    हिंडोरें माई झूलतरंग रह्यो ॥ व्रजसुन्दरि मिलि देखन आई मंगलचार ठयो ॥१॥ मातयशोदा करत आरती मोतिनथार लिय

  12. झुकी झुकी झूलत लाल | Jhuki Jhuki Jhoolat Lal

    Khamayachi · खमायची · Hindora Jhuli Utarave · हिंडोरा झूलि उतरवे

    झुकी झुकी झूलत लाल विहारी । संग झूलत वृषभाननंदिनी पहरें कसुंभी सारी ॥१॥ ललितादिक मिल बेनु बजावत गावत

  13. हिंडोरें उतरे लाल विहारी | Hindore Utare Lal Vihari

    Khamayachi · खमायची · Hindora Jhuli Utarave · हिंडोरा झूलि उतरवे

    हिंडोरेतें उतरे लाल विहारी । रमकनि ठमकनि उतरि राधिका कोटि चन्द उजियारी ॥१॥ गोपीजन सब पाय परत हैं राई

  14. पवित्रा पहरत गिरिधरलाल | Pavitra Paharat Giridharalal

    Sarang · सारंग · Pavitra Dharayave Ke Pad · पवित्रा धरायवे के पद

    पवित्रा पहरत गिरिधरलाल ॥ रुचिर पाटके फोंदना करि करि पहरावत सब बाल ॥१॥ आसपास सब सखा मंडली मानो कमल अल

  15. पवित्रा पहरत राजकुमार | Pavitra Paharat Rajakumar

    Sarang · सारंग · Pavitra Dharayave Ke Pad · पवित्रा धरायवे के पद

    पवित्रा पहरत राजकुमार ॥ तीन्यो लोक पवित्र कियेंहें श्रीविट्ठल गिरिधार ॥१॥ अतिही पवित्र प्रिया बहु बि

  16. पवित्रा पहरत श्रीगोकुल भूप | Pavitra Paharat Shrigokul Bhup

    Sarang · सारंग · Pavitra Dharayave Ke Pad · पवित्रा धरायवे के पद

    पवित्रा पहरत श्रीगोकुल भूप ॥ श्रावण शुक्लपक्ष एकादशी मंगलको निजरूप ॥१ ॥ आनंद चारु रसिकवर सुन्दर परमा

  17. पवित्रा पहरत गिरिधरलाल | Pavitra Paharat Giridharalal

    Sarang · सारंग · Pavitra Dharayave Ke Pad · पवित्रा धरायवे के पद

    पवित्रा पहरत गिरिधरलाल ॥ तीन्यो लोक पवित्र कियेंहें श्रीविट्ठल नयन विशाल ॥१ ॥ कहा कहों अंग अंगकी बान

  18. पवित्रा पेहरन को दिन | Pavitra Peharan Ko Din

    Sarang · सारंग · Pavitra Dharayave Ke Pad · पवित्रा धरायवे के पद

    पवित्रा पेहरन को दिन आयो ॥ केसर कुंकुम रसरंग वागो कुंदनहार बनायो ॥१ ॥ जयजयकार होत वसुधापर सुरमुनि मं

  19. पवित्रा पहेरत विठ्ठलनाथ | Pavitra Peherat Vitthalnath

    Sarang · सारंग · Pavitra Dharayave Ke Pad Shri Acharyaji Ke · पवित्रा धरायवे के पद श्री आचार्यजी के

    पवित्रा पहेरत विठ्ठलनाथ ॥ सुंदर शुभ पाटके रचेहें सातों बालक साथ ॥१॥ श्रीगिरिधर गोविंद मोदभरे गोकुलेश

  20. पवित्रा पहरें श्रीगोकुलनाथ | Pavitra Paharen Shrigokulnath

    Sarang · सारंग · Pavitra Dharayave Ke Pad Shri Acharyaji Ke · पवित्रा धरायवे के पद श्री आचार्यजी के

    पवित्रा पहरें श्रीगोकुलनाथ ॥ विप्र सबे मिल वेद उच्चारत निरखत सुरनर साथ ॥१॥ शिव ब्रह्मादिक कौतुक देखे

  21. राखी बांधत यशोदा मैया | Rakhi Bandhat Yashoda Maiya

    Sarang · सारंग · Rakhi Ke Pad · राखी के पद

    राखी बांधत यशोदा मैया ॥ बहु शृंगार सजे आभूषण गिरिधर भैया ॥१॥ रत्नखचित राखी बांधि कर पुनपुन लेत बलैया

  22. बहेन सुभद्रा राखी बांधत | Bahen Subhadra Rakhi Bandhat

    Sarang · सारंग · Rakhi Ke Pad · राखी के पद

    बहेन सुभद्रा राखी बांधत बल ओर श्रीगोपालकें ॥ कनकथार अक्षतभर कुंकुम तिलक करत नंदलालकें ॥१॥ आरती करत द

  23. राखी बांधतहे नंदरानी | Rakhi Bandhatahe Nandarani

    Sarang · सारंग · Rakhi Ke Pad · राखी के पद

    राखी बांधतहे नंदरानी ॥ लालपाटकी डोरी राजत लालनके मनमानी ॥१॥ दक्षिणा दीनी बहुत द्विजनकों धन खरचत न अघ

  24. राखी बांधत यशोदा मैया | Rakhi Bandhat Yashoda Maiya

    Sarang · सारंग · Rakhi Ke Pad · राखी के पद

    राखी बांधत यशोदा मैया बलऔर श्रीगोपालकें ॥ सावनसुदी पून्योंको शुभदिन तिलक करत मध्यभालकें ॥ विप्र बुला

  25. मात यशोदा राखी बांधत | Mat Yashoda Rakhi Bandhat

    Sarang · सारंग · Rakhi Ke Pad · राखी के पद

    मात यशोदा राखी बांधत बलि अरु श्रीगोपालकें ॥ कंचनथारमे अक्षत कुंकुम तिलक कियो नंदलालकें ॥१ ॥ आरती करत