Pushti Kirtan

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  1. मंगल रूप यशोदानंद | Mangal Roop Yashodanand

    Bhairav · भैरव · Ushnakal Mangala Aarti Ke Pad · उष्णकाल मंगला आरती के पद

    मंगल रूप यशोदानंद ॥ मंगल मुकुट कानन में कुंडल मंगल तिलक विराजत चंद ॥१॥ मंगल भूषण सब अंग सोहत मंगल मू

  2. मंगल आरती गोपालकी माई | Mangal Aarti Gopalki Maai

    Bhairav · भैरव · Ushnakal Mangala Aarti Ke Pad · उष्णकाल मंगला आरती के पद

    मंगल आरती गोपालकी माई ॥ नित्यप्रति मंगल होत निरख मुख चितवन नयन विशालकी ॥१॥ मंगल रूप स्याम सुंदरको मं

  3. भोर भये देखो | Bhor Bhaye Dekho

    Bhairav · भैरव · Ushnakal Mangala Aarti Ke Pad · उष्णकाल मंगला आरती के पद

    भोर भये देखो श्रीगिरिधरको कमलमुख ॥ मंगल आरती करो प्रातही नयन निरखत होत परम सुख ॥१॥ लोचयन विशाल छबि

  4. सुमरो नटनागर वर | Sumaro Natnagar Var

    Bhairav · भैरव · Mangala Darshan Ke Pad · मंगला दर्शन के पद

    सुमरो नटनागर वर सुंदर गोपाललाल ॥ सबदुख मिटजैहें बे चिंतित लोचन विशाल ॥१॥ अलकन की झलकन लख पलकन गति भू

  5. नागरी नंदलाल संग | Nagari Nandlal Sang

    Bhairav · भैरव · Mangala Darshan Ke Pad · मंगला दर्शन के पद

    नागरी नंदलाल संग रंग भरीराजें ॥ स्यामअंस बाहुदिये कुंवरि पुलक पुलकहिये मंदमंद हसन प्रिये कोटिमदन लाज

  6. बांकी भौंह टेढ़ी | Banki Bhaunh Tedhi

    Bibhas · बिभास · Mangala Darshan Ke Pad · मंगला दर्शन के पद

    बांकी भौंह टेढ़ी पागपियरे अनुराग पियरे पिछोर मध्य झलकत तनियां ॥ निसके उनीदे नयन तोतरात मीठेबेन काजर

  7. श्री वृंदावन नवनिकुंज | Shri Vrindavan Navnikunj

    Bibhas · बिभास · Mangala Darshan Ke Pad · मंगला दर्शन के पद

    श्री वृंदावन नवनिकुंज ठाढे उठभोर ॥ बाहें जोर बदन भोर हसत सुरत रतिसकुचत पुनकछु लजात नयन कोर ॥१॥ कबहुं

  8. स्यामसिंधुअंग चंदनादिगंध | Syamsindhuang Chandanadigandh

    Bibhas · बिभास · Mangala Darshan Ke Pad · मंगला दर्शन के पद

    स्यामसिंधुअंग चंदनादिगंध पूजत पटपीत मदन लजावत सुभगतरंगमा ॥ युवती सरिता अनंत मिलत शोभा समंत गुणसहित ग

  9. प्रातकाल प्यारेलाल आवनी | Pratkal Pyarelal Aavani

    Bhairav · भैरव · Khandita Ke Pad · खण्डिता के पद

    प्रातकाल प्यारेलाल आवनी बनी ॥ उरसोहे मरगजीमाल डगमगी सुदेशचालचरण कंज मदनजीत करतगामिनी ॥१॥ प्रियाप्रेम

  10. भोरही डगमगत जीत | Bhorahi Dagmagat Jit

    Bhairav · भैरव · Khandita Ke Pad · खण्डिता के पद

    भोरही डगमगत जीत मन्मथ चले ॥ सकल रजनी जगे नेक नहीं पल लगे अरुण आलस वलित नयन लागत भले ॥१॥ कितव नागरनटच

  11. करमोदकमाखनमिश्रीले | Karmodakmakhanmishrile

    Devagandhar · देवगंधार · Abhyang Ke Pad · अभ्यंग के पद

    करमोदकमाखनमिश्रीले कुवरकेसंग डोलत नंदरानी ॥ मिसकर पकर न्हवायोचाहतबोलत मधुरी बानी ॥१॥ कनकपथ आंगनमें र

  12. प्रातसमेंउठ यशोमतिजननी | Pratasmenuth Yashomatijanani

    Devagandhar · देवगंधार · Abhyang Ke Pad · अभ्यंग के पद

    प्रातसमेंउठ यशोमतिजननी गिरीधरसुत को उबटन्हवावे ॥ करतशुंगार वसन भूषणले फूलन रुचिरुचिपागबनावे ॥१॥ छूटे

  13. कहा ओछीहवैजैहैजात | Kaha Ochhihavaijaihaijat

    Devagandhar · देवगंधार · Abhyang Ke Pad · अभ्यंग के पद

    कहा ओछीह्वैजैहैजात ॥ सुनयशुमति तुमबडरन आगेंजोछिन एक बितात ॥१॥ अतिनीको सतभावभलाई जो यातनतेकीजे ॥ मायब

  14. यशुमति जबही कहो | Yashumati Jabahi Kaho

    Devagandhar · देवगंधार · Abhyang Ke Pad · अभ्यंग के पद

    यशुमति जबही कह्यो न्हवावनरोय गयेहरि लोटतरी ॥ तेलउबटनोंले आगेंधर लालहीचोटीपोततरी ॥१॥ मैंबलजाऊ इनमोहनक

  15. मंजनकरत गोपालचौकीपर | Manjankarat Gopalchaukipar

    Devagandhar · देवगंधार · Abhyang Ke Pad · अभ्यंग के पद

    मंजनकरत गोपालचौकीपर ॥ अतिसुगंधफुलेलउबटनो विविधभांत कीसोंझराखीधर ॥१॥ प्रथमन्हवाय फिरकेसरचर्चत शोभित अ

  16. करतशृंगार मैयामनभावत | Karatshringar Maiyamanbhavat

    Devagandhar · देवगंधार · Abhyang Ke Pad · अभ्यंग के पद

    करतशृंगार मैयामनभावत ॥ सीतलजल उष्ण करराख्यो लेलालन को बैठ न्हवावत ॥१॥ अंगअंगोछ चौकीबैठारत प्रथमहीले

  17. आज मोही आगम | Aaj Mohi Aagam

    Bilaval · बिलावल · Abhyang Ke Pad · अभ्यंग के पद

    आज मोही आगम अगम जनायो ॥ सोंधों छानी अरगजा चंदन आंगन भवन लीपायों ॥१॥ आगम आवन जान प्रीतम कों गोपीजन मं

  18. आवो गोपाल शृंगार बनाऊं | Aavo Gopal Shringar Banau

    Bilaval · बिलावल · Shringar Dharayave Ke Aur Darshan Ke Pad · शृंगार धरायवेके और दर्शन के पद

    आवो गोपाल शृंगार बनाऊं ॥ विविधसुगंधन करो उबटनो पाछे उष्णजल लेजु न्हवाऊं ॥१॥ अंगअगोछ गुहूं तेरी बेनी

  19. माईरी प्रातकाल नंदलाल | Mairi Pratkal Nandlal

    Bilaval · बिलावल · Shringar Dharayave Ke Aur Darshan Ke Pad · शृंगार धरायवेके और दर्शन के पद

    माईरी प्रातकाल नंदलाल पागबंधावत बालदिखावत दर्पण भालरह्योलसि ॥ सुंदर नवकरनबीच मंजुमुकरकीछबि रहीफबिमान

  20. भोगशृंगारयशोदामैया | Bhogshringaryashodamaiya

    Bilaval · बिलावल · Shringar Dharayave Ke Aur Darshan Ke Pad · शृंगार धरायवेके और दर्शन के पद

    भोगशृंगारयशोदामैया श्रीविट्ठलनाथके हाथ को भावें ॥ नीकेंन्हायशृंगारकरतहै आछीरुचिसों मोहिपागबंधावें ॥१

  21. खुल्योहेमुकेसीचीरा | Khulyohemukesichira

    Bilaval · बिलावल · Shringar Dharayave Ke Aur Darshan Ke Pad · शृंगार धरायवेके और दर्शन के पद

    खुल्योहेमुकेसीचीरा कलगीनगजटितहीरा दिंगसिरपेचललित संभार्योहै ॥ जंघाऊपर कमलकाछिनी कंचन के विविधरंगएकछो

  22. पीतांबर को चोलना | Pitambar Ko Cholna

    Bilaval · बिलावल · Shringar Dharayave Ke Aur Darshan Ke Pad · शृंगार धरायवेके और दर्शन के पद

    पीतांबर को चोलना पहरावतमैया ॥ कनकछाप तापरधरी झीनी एक तनैया ॥१॥ लालइजारचुनायकी औरजरकसी चीरा ॥ पहुँचीर

  23. सुंदरमुख पर वारो | Sundarmukh Par Varo

    Bilaval · बिलावल · Shringar Sanmukh Ke Pad · शृंगारसन्मुख के पद

    सुंदरमुख पर वारो टोंना ॥ बेनीबारनकीमुदुवेना ॥१॥ खंजननयनन अंजसोहे भ्रोंहनलोयन लोना ॥ तिरछीचितवनयोंछबि

  24. ये दोऊनागर ढोटा | Ye Dou Nagar Dhota

    Bilaval · बिलावल · Shringar Sanmukh Ke Pad · शृंगारसन्मुख के पद

    ये दोऊनागर ढोटा माईकौनगोपकेबेटा ॥ इनकीबात कहा कहों तोसों गुणनबड़े देखन के छोटा ॥१॥ अग्रज अनुजसहोदरजो

  25. आजबन्योनवरंग पियारो | Aajbanyonvarang Piyaro

    Bilaval · बिलावल · Shringar Sanmukh Ke Pad · शृंगारसन्मुख के पद

    आजबन्योनवरंग पियारो ॥ व्रजवनितामिल क्योंननिहारो ॥१॥ लटपटीपाग महावरपागे ॥ कुंवरमनावत अतिबडभागे ॥२॥ नी