Pushti Kirtan

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  1. हमारे बसन देहो | Hamare Basan Deho

    Ramakali · रामकली · Vratacharya Ke Pad · वृत्तचर्या के पद

    हमारे बसन देहो गिरधारी ईतनि दया तुमे नही आवत हम जल माझ ऊधारी ॥१॥ तुम ब्रजराज कुमार को डर कांपत हे अत

  2. केसे बने जमुना | Kese Bane Jamuna

    Ramakali · रामकली · Vratacharya Ke Pad · वृत्तचर्या के पद

    केसे बने जमुना असनान ॥ नंदको सुत तीर बेठ्यो बड़ो चतुर सुजान ॥१॥ हारतोरे चीर फारे नेन चले चुराय ॥ काल

  3. अब कहा करि | Ab Kaha Kari

    Ramakali · रामकली · Vratacharya Ke Pad · वृत्तचर्या के पद

    अब कहा करि हे सुनि मेरी सजनी लालन खेल अनोखो पायो ॥ रूप भर्यो ईत रात चपल अति अंग अंग मनमथ निरखि लजायो

  4. गौरी पति पूजत | Gauri Pati Pujat

    Ramakali · रामकली · Vratacharya Ke Pad · वृत्तचर्या के पद

    गौरी पति पूजत व्रजनारि ॥ नेमधरम सों रहंत क्रिया जुत बहुत करत मनुहारी ॥१॥ यह कहेंत पति उमापति गिरिधर

  5. ब्रजललनार विसोंकर जोरें | Brajlalanar Visonkar Joren

    Ramakali · रामकली · Vratacharya Ke Pad · वृत्तचर्या के पद

    ब्रजललनार विसोंकर जोरें ॥ सीततन ही करत छेहोरितु त्रिविध काल जमुना जल खोरें ॥१॥ गौरी पति पूजन तप साधत

  6. मंजन कर कंचन | Manjan Kar Kanchan

    Todi · टोडी · Abhyang Aur Shringar Darshan Ke Pad · अभ्यंग और शृंगार दर्शन के पद

    मंजन कर कंचन चोकी पर बेठी बांधत केशन झरोरी रुचिर भुजन की उपमा अनोपम ललित करन विच झलकत चूरोरी ॥१॥ लाल

  7. सोधें न्हाय बेठी | Sodhen Nhay Bethi

    Todi · टोडी · Abhyang Aur Shringar Darshan Ke Pad · अभ्यंग और शृंगार दर्शन के पद

    सोंधें न्हाय बेठी पेहेरिपर भूषन जहां फूलवारी तहां सुकवत अलकें ॥ सो मास कलकरनख केससंभारत मानो उडगन मे

  8. मंजन करि चित्र | Manjan Kari Chitra

    Todi · टोडी · Abhyang Aur Shringar Darshan Ke Pad · अभ्यंग और शृंगार दर्शन के पद

    मंज्जन करि चित्र चौकी वेगी प्यारी जू सहचरी चित्र विचित्र शृंगार करावत रतन जटित मनिन कें आभूषन सोहत त

  9. आज अति शोभित | Aaj Ati Shobhit

    Todi · टोडी · Kulhe Tiparo Ke Pad · कुल्हे टीपारो के पद

    आज अति शोभित नंदकिशोर ॥ सिरपर कुल्हे टिपारो राजत बनीहे चन्द्रिका मोर ॥१॥ मल्लकाछ कटि बांध प्रीतपट अं

  10. नाचत गोविंद संग | Nachat Govind Sang

    Todi · टोडी · Tiparo Ke Pad · टीपारो के पद

    नाचत गोविंद संग सखा मिल आवत नंदन आनंद हीये । उडपति निरख नयन छब लाज्यो पाय पयोध स्वरूप किये ॥१॥ कोउ म

  11. कटि बरनी के | Kati Barani Ke

    Todi · टोडी · Tiparo Ke Pad · टीपारो के पद

    कटि बरनी के लटपटात पीत पट ॥ शीश टिपारो मोर चंदसो मिल धात प्रवाल विचित्र भेख नट ॥१॥ पचरंग छींट उदार ओ

  12. निर्तत रस दोऊ | Nirtat Ras Dou

    Todaी · टोड़ी · Tiparo Ke Pad · टीपारो के पद

    निर्तत रस दोऊ माई रंग ॥ सुलप संच गतिभेद ग्रस्तकिट धिकिट ध्रुमधुम धाजत मृदंग ॥१॥ कनक वरण टिपारो सिर क

  13. छबीलो लाल दुहत | Chhabilo Lal Duhat

    Sarang · सारंग · Tiparo Ke Pad · टीपारो के पद

    छबीलो लाल दुहत धेनु धोरी ॥ माथे कमलवरणको टिपारो ओढे पीतपिछोरी ॥१॥ कहारी कहूं कछु कहत न आवे डारी कठिन

  14. हीं बलिहारी आजकी | Hin Balihari Aajki

    Sarang · सारंग · Tiparo Ke Pad · टीपारो के पद

    हौं बलिहारी आजकी बानिक पर । श्वेत काछ काछे नंदनंदन श्वेत टिपारो सोहत सिर पर ॥१॥ नख सीख लौं सिंगार कह

  15. अखियां काहूकी न | Akhiyan Kahuki Na

    Sarang · सारंग · Paga Ke Pad · पगा के पद

    अखियां काहूकी न लगो ॥ सांवरो सो ढोरा काहुको ता सिर ग्वाल पगो ॥१॥ रूप रंग्यो मेरो मन वाके रोमरोम प्रत

  16. सुन्दर श्याम छबिलो | Sundar Shyam Chhabilo

    Todi · टोडी · Paga Ke Pad · पगा के पद

    सुन्दर श्याम छबिलो ढोटा डार गयो मोपे मदन ठगोरी । निर्तत गावत वेनु बजावत संग सखा हलधर की जोरी । कबहुं

  17. अरि ये कोन | Ari Ye Kon

    Gori · गोरी · Paga Ke Pad · पगा के पद

    अरि ये कोन छबीलो याके शीश पगा । सांवरे वरन अंग अंग सुंदर धर्यो हे शीश पगा ॥१॥ कुटिल अलक बदन पर राजत

  18. बनतें बने माई | Banten Bane Mai

    Gori · गोरी · Paga Ke Pad · पगा के पद

    बनतें बने माई आवत नंदनंदन शीश पगका । ओरे पीत पिछोई रूप रात जदुपति जगवंदन संध्या समें खिरकके द्वारे अ

  19. गोपके भेख गोपाल | Gopke Bhekh Gopal

    Bilaval · बिलावल · Phenta Shringar Ke Pad · फेंटा शृंगार के पद

    गोपके भेख गोपाल गायन हेटा दुगन सुख देत । शिर सुभग फेंटा सखि परच रह्यो भ्रों पर पेच पचभास ढर लागत सोह

  20. फूग्यो फेंटा सखि | Phugyo Phenta Sakhi

    Bilaval · बिलावल · Phenta Shringar Ke Pad · फेंटा शृंगार के पद

    फूग्यो फेंटा सखि ललित लाल के शिश पर निरखी छबि माधुरी अखियां सिरातरी प्रेमकी बावरी हों सखी व्हे रही स

  21. लालके फेंटाअँटा अमेटा | Lalke Phentaatta Ameta

    Gori · गोरी · Phenta Shringar Ke Pad · फेंटा शृंगार के पद

    लालके फेंटा अेंठा अमेठा बन्यो फब्यो भ्रगुटीभाल पर नवल नंदलाल के आवत बनते बने सांझ सुरभिन मांझ । अटक

  22. पूत महेरको खिरक | Put Maherko Khirak

    Hamir · हमीर · Phenta Shringar Ke Pad · फेंटा शृंगार के पद

    पूत महेरको खिरक दोहावत गैया । संध्या समें बांधे फेंटा गरे गुंजमाल पहेरे तनिया ठाडे हें अधपैया ॥१॥ को

  23. आज पिय नैनबान | Aaj Piy Nainban

    Malakos · मालकोस · Dumala Ke Pad · दुमाला के पद

    आज पिय नैनबान सज मारी । दृष्टि परी तबतें नंदनंदन सुरत सुध न रही हमारी । भूषन बिचित्र बन्ये सब अंग अं

  24. अधिक रजनी मानी | Adhik Rajani Mani

    Asavari · आसावरी · Dumala Ke Pad · दुमाला के पद

    अधिक रजनी मानी हो नंदलाल । दुलहनि संग बिराजत चित्रसारी सुंदर नेन विसाल ॥१॥ पीत दुमालो सुखद गुनमें दर

  25. ए दोऊ एक | E Dou Ek

    Asavari · आसावरी · Dumala Ke Pad · दुमाला के पद

    ए दोऊ एक रंग रंग गहरे रंग मजीठ । हौं वाके मन वे मेरे मन बस रहे आली री कहां करेगो बसीठ ॥१॥ पीत दुमालो