Pushti Kirtan

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  1. तुम नंदमेहेरके लाल | Tum Nandameherake Lal

    Bilaval · बिलावल · Daan Lila · दान लीला

    तुम नंदमेहेरके लाल मोहन जान दै ॥ रानी जसुमति प्रान आधार ॥ मोहन जान दै ॥धृ.॥ श्रीगोवर्धनकी शिखरतें मो

  2. ठाढ़े लाल सखन मधि | Thadhe Lal Sakhan Madhi

    Bilaval · बिलावल · Daan Lila · दान लीला

    ठाढ़े लाल सखन मधि छबिसों दान केलि ब्रजवीथनि ठानी ॥ गोरस लै लै आवति सुंदरि बात करत सबहिन मनमानी ॥१॥ क

  3. दानही दान करी | Danahi Dan Kari

    Bilaval · बिलावल · Daan Lila · दान लीला

    दानही दान करी नकमानी कहा पर्यौ मेरे ख्याल लालरे । जो हम यह व्योहार छाँड़िदें दही महीकौ भये कहाँके दा

  4. मील पाच सात | Mil Pach Sat

    Bilaval · बिलावल · Daan Lila · दान लीला

    मील पाच सात निकसी दधि बेचन बीच मीले नंद नंदनरी॥ मुखचार तंबोल बड़ी अँखियाँ अलके भँवरे मन फंदनरी ॥१॥ म

  5. गोवर्धन गिरिधारी ठाढ़े | Govardhan Giridhari Thadhe

    Asavari · आसावरी · Daan Lila · दान लीला

    गोवर्धन गिरिधारी ठाढ़े दान हमारौ दीजै भामिनि ॥ साँमल पीतपट ओढ़ें ज्यों घनमें चमकत दामिनि ॥१॥ बग पंगत

  6. नवल किशोर नवल | Naval Kishor Naval

    Bihag · बिहाग · Daan Ke Dinan Men Maan · दान के दिनन में मान

    नवल किशोर नवल मृगनयनी नवल नेह तेरौ लाग रह्यौरी ॥ चल चलरी तोय स्याम बुलावत काहे न करत तू मेरौ कहौ री

  7. नंदनंदन दान निवेरत | Nandanandan Dan Niverat

    Bilaval · बिलावल · Daan Ke Dinan Men Maan · दान के दिनन में मान

    नंदनंदन दान निवेरत री ॥ राखै रोकि दधि समेत ग्वालिनी सखावृंद प्रति टेरत ॥१॥ जब उठि चलत प्रबल गोपीजन त

  8. जीती हो चंद्रावलि | Jiti Ho Chandravali

    Sarang · सारंग · Daan Ke Dinan Men Maan · दान के दिनन में मान

    जीती हो चंद्रावलि नारि जीती हैं ब्रजमंगल राधे जीती सुंदरि गोपकुमारि ॥१॥ हारे हैं व्रजराज लड़ैते रहे

  9. जमुना घाट रोकीहो | Jamuna Ghat Rokiho

    Sarang · सारंग · Daan Ke Dinan Men Maan · दान के दिनन में मान

    जमुना घाट रोकीहो रसिक चंद्रावलि ॥ हँसि मुसिक्याय कहति ब्रजसुंदरि छबीले छैल छाँड़ौ अंचल ॥१॥ दान निबेर

  10. सूधे न बोल | Sudhe Na Bol

    Dhanashri · धनाश्री · Daan Ke Dinan Men Maan · दान के दिनन में मान

    सूधे न बोल कहा इतरानो ॥ या ब्रज में कौन तें कौन बड़ो कहा रंक कहा रानो ॥१॥ कोन टेव दिन दिन नित प्रति

  11. आई हूँ अकेली | Ai Hum Akeli

    Purvi · पूर्वी · Sanjhi · साँझी

    आई हूँ अकेली साँझ साँझीके कुसुम लेंन भलौ मिल गयौ तू जात घर गायलै ॥ आयौ घनघोर मेह सूझत नहीं कछु गेह च

  12. पूजन चली री | Pujan Chali Ri

    Hamir · हमीर · Sanjhi · साँझी

    पूजन चली री साँझी शुभधरी शुभदिन शुभ महुरत रात ॥ चंचल चपल चपलासी डोलत चंपे जैसौ गात ॥१॥ अपने अपने मंद

  13. फुलवा बीनन हों | Phulava Binan Hom

    Jangalo · जंगलो · Sanjhi · साँझी

    फुलवा बीनन हों गईरी जमनाकूल कुसुमन की भीर ॥ उरझ रह्यो अरनी की डरीयाँ तिहिं छिन मेरौ अंचल चीर ॥१॥ तब

  14. री कोऊ स्याम | Ri Kou Syam

    Jangalo · जंगलो · Sanjhi · साँझी

    री कोऊ स्याम सखी री सांझी पूजन आवे री ॥ कर सिंगार चोली आभुखन डलियन कमल धरावे ॥१॥ भान भुवन राधाजूके ग

  15. रहेरी दोऊ वदन | Raheri Dou Vadan

    Jangalo · जंगलो · Sanjhi · साँझी

    रहेरी दोऊ वदन निहार निहार ॥ सांझी पूजत स्याम सखी इत उत राधा सकुमार ॥१॥ लता सघन में ह्वै गई इत उत सके

  16. अरी सखी सांमरी | Ari Sakhi Sammari

    Jangalo · जंगलो · Kotki Aarti · कोटकी आरती

    अरी सखी सांमरी हो, अकेली यह वन कहां ते आई ॥ तरुन तरुन तेरो तन प्यारी श्री राधे के मन भाई ॥१॥ नंदगाव

  17. हो राधे फूलन | Ho Radhe Phulan

    Jangalo · जंगलो · Kotki Aarti · कोटकी आरती

    हो राधे, फूलन मत ले । तूँ तो मेरी मदन सुखदा कुंज फूलन मत ले ॥ नित्य नित्य कलियां बीन जातहो अब वश परी

  18. जान्यौ जान्यौ री | Janyau Janyau Ri

    Bhairav · भैरव · Murali · मुरली

    जान्यौ जान्यौ री सयान तें प्रानेश्वर सों कीयौ मान भयौ है बिहान ॥ पियकों तेरौ ही ध्यान मेरी सीख सुनलै

  19. मुरली हरि तें | Murali Hari Tem

    Bhairav · भैरव · Murali · मुरली

    मुरली हरि तें न छूटतहै ॥ वाहीके वश भये निरंतर वह अधरन रसलूटतहै ॥१॥ तुमतें निठुर भई वह बोलत तन तें मन

  20. याके गुन मैं | Yake Gun Main

    Bhairav · भैरव · Murali · मुरली

    याके गुन मैं जानत हूँ ॥ अबतौ आय भई यहाँ मुरली वौ ही नातौ मानत हूँ ॥१॥ हरिकी कान करत वह को है कहा करो

  21. ये बंसी नाद | Ye Vamsi Nad

    Bhairav · भैरव · Murali · मुरली

    ये बंसी नाद सुर साधिकें बजाई प्रवीन कान्ह सात सुर सोधकें मधुर धुनि ॥ घरी घरी घूमत सुध न रही कछु कल न

  22. मुरली हमसों बैर | Murali Hamasom Bair

    Ramakali · रामकली · Murali · मुरली

    मुरली हमसों बैर दृढ़ायौ ॥ चली निपट इतराय नेंकही हरि अधरन परसायौ ॥१॥ फूली फिरत श्याम कर बैठी योंही गर

  23. परदेसनि नारि अकेली | Paradesani Nari Akeli

    Maru · मारु · Shri Ramji Ke Karakha · श्री रामजी के करखा

    परदेसनि नारि अकेली ॥ बिन रघुनाथ और नहीं कोऊ मात पिता न सहेली ॥१॥ रावण रूप धर्यौ तपसीकौ कितमें भिक्षा

  24. हो लक्ष्मण सीता | Ho Lakshman Sita

    Maru · मारु · Shri Ramji Ke Karakha · श्री रामजी के करखा

    हो लक्ष्मण सीता कौनें हरी ॥ यह जु मढी बैरिन भई हम कौं कंचन मृग जो छरी ॥१॥ जो पै सीता होय मढ़ी में झा

  25. जोपै राम रजा | Jopai Ram Raja

    Maru · मारू · Shri Ramji Ke Karakha · श्री रामजी के करखा

    जोपै राम रजा हौं पाऊँ ॥ न करौं शंक लंक गढ़ की कछु सायर खोद बहाऊँ ॥१॥ बढ़ूँ शरीर पैठ परमित कर सकल कटक