Jayati Abhir Nagari
जयति आभीर नागरी
जयति आभीर नागरी प्राणनाथे ॥ जयति व्रजराज भूषण यशोमति ललन देत नवनीत मिश्री सुहाथे ॥१॥ जयति पातपर भात दधि खात श्रीदामा सं...
Raag
Read 64 Pushtimargiya kirtans in Ramakali · रामकली with original Braj Bhasha text and English meanings.
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जयति आभीर नागरी
जयति आभीर नागरी प्राणनाथे ॥ जयति व्रजराज भूषण यशोमति ललन देत नवनीत मिश्री सुहाथे ॥१॥ जयति पातपर भात दधि खात श्रीदामा सं...
मैया मोहि माखन
मैया मोहि माखन मिश्री भावे ॥ मीठो दधि मिठाई मधु घृत अपनो करसों क्यों न खवावे ॥१॥ कनक दोहनी दे कर मेरे गौदोहन क्यों न सि...
तुमहरि हरे केवलचीर
तुमहरि हरे केवलचीर ॥ करत मुरलीवसनभूषणपराक्रमकुलधीर ॥१॥ तुम आपजाय मनायलावत चतुरहलधरवीर ॥ मुरलीकाध्वनि सुनत व्रजपति मनहिं...
मोहन देहो वसन
मोहन देहो वसन हमारे ॥ जाय कहों व्रजपतिजूके आगें आगें करतअनीतललारे ॥१॥ तुम व्रजराजकुमारलाडिले औरसबहिनके प्राण पियारे ॥ ग...
अहो हरि हमहारी
अहो हरि हमहारी तुमजीते ॥ नागरनटपट देहो हमारे कांपतहै तनसीते ॥१॥ कानन कुंडल मुकुट बिराजत कान्हकुंवरकेहौंवारी ॥ हाहाखातपै...
तिहारे बसन लेहो
तिहारे बसन लेहो सुकुमारी तुम जल मांझ ऊधारी न्हाँई दोस लग्यो हे भारी ॥१॥ जलतें न्यारी होओ सबें तुम दोंऊ कर करो जुहारी ॥...
हमारे बसन देहो
हमारे बसन देहो गिरधारी ईतनि दया तुमे नही आवत हम जल माझ ऊधारी ॥१॥ तुम ब्रजराज कुमार को डर कांपत हे अति भारी ॥ सुरदास प्र...
केसे बने जमुना
केसे बने जमुना असनान ॥ नंदको सुत तीर बेठ्यो बड़ो चतुर सुजान ॥१॥ हारतोरे चीर फारे नेन चले चुराय ॥ काल धोकें कान मेरी पीठ...
अब कहा करि
अब कहा करि हे सुनि मेरी सजनी लालन खेल अनोखो पायो ॥ रूप भर्यो ईत रात चपल अति अंग अंग मनमथ निरखि लजायो ॥१॥ दीजे वसन प्रान...
गौरी पति पूजत
गौरी पति पूजत व्रजनारि ॥ नेमधरम सों रहंत क्रिया जुत बहुत करत मनुहारी ॥१॥ यह कहेंत पति उमापति गिरिधर नंददुलार सरण राखिली...
ब्रजललनार विसोंकर जोरें
ब्रजललनार विसोंकर जोरें ॥ सीततन ही करत छेहोरितु त्रिविध काल जमुना जल खोरें ॥१॥ गौरी पति पूजन तप साधत करतर हेंत नित नेम...
किहिं मिस यशोमतिहीकें
किहिं मिस यशोमतिहीकें जाऊं ॥ सकलसुखनिधि-मुखअवलोकूं नयननतृषा बुझाऊं ॥१॥ द्वारआरज सभाजुरीहे निकसवेनहिंपाऊं विनागयेपतिव्रत...
तुमकुटेरतहैजू कान्ह
तुमकुंटेरतहैजू कान्ह ॥ गोरीसी भोरीथोरे दिननकी कछुएकवेसउठान ॥१॥ छूटी अलकलालपट ओढेंनागरीचतुरसुजान ॥ कहाकहूंमुखअंबुजशोभा म...
सखीरी मोहि हरिदरशन
सखीरी मोहि हरिदरशन की चाय ॥ सांवरेसोंप्रीति बाढीलाखलोगरिसाय ॥१॥ स्यामसुंदरलोललोचन देख मन ललचाय ॥ सूरहरिके रंगराची सीसरह...
नंदसदनगुरुजनकी भीरतामें
नंदसदनगुरुजनकी भीरतामें मोहनवदन नीकेदेखननपाऊं ॥ विन-देखें जिय अकुलायजाय दुःखपाययद्यपि बडरेछिनछिन उठधाऊ ॥१॥ ले चलरी सखीम...
हिलगन कठिन हे
हिलगन कठिन हे यामनकी ॥ जाके लियें सुनों मेरीसजनी लाजगईसबतनकी ॥१॥ लोकहसो परलोकहिजाओ ओर देओ कुलगारी ॥ सोक्योंरहे ताहि विन...
अहोदधिमथत घोखकी
अहोदधिमथत घोखकी रानी ॥ दिव्यचीर पहरे दक्षिण केकटिकिंकिणी रुनझुनबानी ॥१॥ सुतकेकर्मगावत आनंदभर बालचरित्र जियजानी ॥ श्रम ज...
मोहिदधिमथनदे बलगई
मोहिदधिमथनदे बलगई ॥ जाऊं बलबलकमलमुखपर छांड मथानीरई ॥१॥ देहुँगीनवनीतलोंदा आडकित तुमठई ॥ अतिआनंदित होतयशोमति प्रेमपुलकित...
प्रथमचलेहरि माखन
प्रथमचलेहरि माखन चोरी ॥ ग्वालिनिमन इच्छापूरणकर आपभजेहरिव्रजकी खोरी ॥१॥ मनमन यहविचारकरत प्रभुव्रजघरघरसबगाऊं ॥ गोकुलजन्मल...
चोरीकरत कान्हघरपाये
चोरीकरत कान्हघरपाये ॥ निशवासरमोहि बहुतसतायो अबहरि हाथहि आये ॥१॥ माखनदधि मेरोसबखायो बहुत अचगरीकीन्हीं ॥ अबतो हाथपरेहोलाल...
गोपाले माखनखानदे
गोपाले माखनखानदे ॥ बांहपकरकर उहां लै जैहों मोहियशोदा पैजानदे ॥१॥ सुनरीसखी मौनह्वेरही सगरोवदन दह्योलपटानदे ॥ उनपेंजाय चौ...
मोहन चोर्योरी मनमाखन
मोहन चोर्योरी मनमाखन उरजमथानी ॥ दुहूँकर दृढकर लाग्यो अधररस चाखन ॥१॥ नेतीलाज तोरसबसूत्योनेकुनरह्योरेवाई आंखन ॥ जाय कहूँग...
मथतगवाल हरिदेखी
मथतगवाल हरिदेखी जाय ॥ गयेहते माखनकीचोरी देखतरहे नयनलजाय ॥१॥ डोलततन सिरअचराउघर्यो बेनीपीठ डोलतमनभाय ॥ वदनइंदु पयपान करनक...
जो तुम सुनों
जो तुम सुनों यशोदागौरी ॥ नंदनंदन मेरे मंदिर में आज करतहैं चोरी ॥१॥ होंभई आन अचानकठाडी रह्योभवनमें कोरी ॥ रहे छिपाय सकुँ...