Search kirtans
-
कपि चल्यो सीय | Kapi Chalyo Siy
Maru · मारू · Shri Ramji Ke Karakha · श्री रामजी के करखा
कपि चल्यो सीय सुधिकौं पुनि पाँयन तन लटकि कैं ॥ रिपुकौ कटक विकट ताकौ चौथौ अंस पटकि कैं ॥१॥ रथसौं रथ भ
-
जब कुद्यौ हनुमान | Jab Kudyau Hanuman
Maru · मारू · Shri Ramji Ke Karakha · श्री रामजी के करखा
जब कुद्यौ हनुमान उदधि जानकी सुधि लैन कौं ॥ देखनकौं दशमाथ अपने नाथकौं सुख दैनकौं ॥१॥ जा गिरि पर चढ़ि
-
प्रथम बिलास कियौ | Pratham Vilas Kiyau
Malav · मालव · Nav Vilas · नव विलास
प्रथम बिलास कियौ श्यामाजू कीनौ बिपिन बिहारजू ॥ उनके बिधकी शोभा बरनों कहत न आवै पारजू ॥१॥ बाके यूथकी
-
द्वितीय बिलास कियौ | Dvitiy Vilas Kiyau
Malav · मालव · Nav Vilas · नव विलास
द्वितीय बिलास कियौ श्यामाजू खेल समस्या कीनी ॥ ताकी मुख्य सखी ललिताजू आनंद महारस भीनी ॥१॥ चली संकेत व
-
तृतीय बिलास कियौ | Tritiy Vilas Kiyau
Malav · मालव · Nav Vilas · नव विलास
तृतीय बिलास कियौ स्यामाजू प्रवीन । खेलनकौ उच्छाह सखी एकत्र कीन ॥१॥ तिनमें मुख्यसखी विशाखाजू ऐन ॥ चली
-
चौथो बिलास कियो | Chautho Vilas Kiyo
Malav · मालव · Nav Vilas · नव विलास
चौथो बिलास कियौ श्यामाजू परासौली बन माँई ॥ ताके वृक्षलता द्रुमवेली तन पुलकित आनंद न समाई ॥१॥ चंद्रभग
-
पाँचौ बिलास कियो | Pancho Vilas Kiyo
Malav · मालव · Nav Vilas · नव विलास
पाँचौ बिलास कियौ श्यामाजू कदली बन संकेत ॥ ताकी सखी मुख्य संजावलि पिया मिलनके हेत ॥१॥ चली रली उमगी यु
-
छठौ बिलास कियौ | Chhatho Vilas Kiyo
Malav · मालव · Nav Vilas · नव विलास
छठौ बिलास कियौ श्यामाजू ॥ गोधन बनकों चली भामाजू ॥ पहेरें रंगरंग सारी ॥ हाथन पूजा थारी ॥१॥ ताकी मुख्य
-
सातौ बिलास कियौ | Satau Vilas Kiyau
Malav · मालव · Nav Vilas · नव विलास
सातौ बिलास कियौ स्यामाजू गहवरवनमें मतौजु कीन ॥ मुख्य कृष्णावती सहचरी लघु लाघव अतिही प्रवीन ॥१॥ बनदेव
-
आठों बिलास कियौ | Athom Vilas Kiyau
Malav · मालव · Nav Vilas · नव विलास
आठों बिलास कियौ श्यामाजू शांतनकुंड प्रवेशजू ॥ उनकी मुख्य भामा सारंगी खेलत जनित आवेशजू ॥१॥ सूरज मंदिर
-
नवमों बिलास कियौ | Navamom Vilas Kiyau
Malav · मालव · Nav Vilas · नव विलास
नवमों बिलास कियौ जु लड़ैती नवधा भक्त बुलाये ॥ अपने अपने सिंगार सबै सज बहु उपहार लिवाये ॥१॥ सब स्यामा
-
दश उल्लास, श्री हरिराय महाप्रभु विरचित | Dash Ullas, Sri Hariray Mahaprabhu Virachit
Malav · मालव · Dash Ullas · दश उल्लास
(१) श्री पुरुषोत्तम करूं प्रनांउ, इनको उल्लास परम रुचि गाऊं, श्रीवल्लभकृपा अनुग्रह करही, मो मतिहीन
-
व्रत धरि देवी | Vrat Dhari Devi
Bilaval · बिलावल · Devi Pujan · देवीपूजन
व्रत धरि देवी पूजी ॥ जाके मन अभिलाष न दूजी ॥ कीजै नंदपुत्र पति मेरे ॥ पैहों जो अनुग्रह तेरे ॥ छंदा॥
-
नवनिकुंज देवी राधिके | Navanikunj Devi Radhike
Bilaval · बिलावल · Devi Pujan · देवीपूजन
नवनिकुंज देवी राधिके वरदाइनी देवप्रिये वृंदावन वृंद वासिनी ॥ करतलाल आराधन साधन करमन प्रतीत नामावलि म
-
गौर मैं यमुना | Gaur Main Yamuna
Nur Sarang · नूर सारंग · Devi Pujan · देवीपूजन
गौर मैं यमुना देवी पूजी । मैं मनमें निश्चै ये कीनो ऐसी और नही दूजी ॥१॥ भाग्य सोहाग सबै फलदाता चरण अल
-
पूजन चलौ हो | Pujan Chalau Ho
Iman · ईमन · Devi Pujan · देवीपूजन
पूजन चलौ हो कदम बनदेवी आऔ हमारे कोऊ संग ॥ पुजवत सकल घोखकी कामना वलन काहूकी कछुलेवी ॥१॥ भाव भक्ति सबह
-
श्रीराधे कौन गौर | Shriradhe Kaun Gaur
Iman · ईमन · Devi Pujan · देवीपूजन
श्रीराधे कौन गौर तें पूजी ॥ वृन्दावन गोकुल गलियनमें सब कोऊ कहत बहूजी ॥१॥ मदनमोहन पियकौमन हरलीनौ कौन
-
परब दशहरा जानि | Parab Dashahara Jani
Purvi · पूर्वी · Dashahara · दशहरा
परब दसहरा जानि जसोमति लाल उबटि न्हवावही ॥ सेत वागो लाल सूथन सेत कुलही बनावही ॥१॥ आभूखन पहेराये हितसो
-
उलटो झगा उलटी | Ulato Jhaga Ulati
Vilaval · विलावल · Dashahara · दशहरा
उलटो झगा उलटी है सूथन कहत बन्यो नीकोरी मैया । पांय पनैया नंदबाबा की सीस पाग पहली बांध वूझत बलि मो मे
-
आज दशहरा शुभ | Aj Dashahara Shubh
Vilaval · विलावल · Dashahara · दशहरा
आज दशहरा शुभ दिन नीको पाँयतौ जूजौ हो गोपाल ॥ ब्रजरानी ब्रजराज कुँवरकौ करौ सिंगार परम रसाल ॥१॥ तब ब्र
-
विजय दशहरा परव | Vijay Dashahara Parab
Kanharo · कान्हरो · Dashahara · दशहरा
विजय दशहरा परव बडो हे आज ॥ ब्रजबनिता सब मंगल गावत बाजन रह्यो ब्रज गाज ॥१॥ भरि बहुत अंगना तीबारी महेल
-
आज हमारे विजय | Aaj Hamare Vijay
Sarang · सारंग · Dashahara · दशहरा
आज हमारे विजय दशहरा धरिये लाल जवारे हो ॥ कर सिंगार स्याम सुंदरको अपनो तन मन वारे हो ॥१॥ सब सखियन मिल
-
आज दशहरा शुभ | Aaj Dashahara Shubh
Sarang · सारंग · Dashahara Maan · दशहरा मान
आज दशहरा शुभ दिन नीकौ विजय करौ पिय प्यारीपै आज॥ घेरी है बिकट मदन गढ़ गाढ़ें तोर मेंड़ लालन कर हो राज
-
आलीरी तेरी लटकनमें | Aaliri Teri Latakanmen
Sarang · सारंग · Dashahara Maan · दशहरा मान
आलीरी तेरी लटकनमें अटक्यौ पीयकौ मन नैंकु न इत उत अटक्यौ ॥१॥ देख रूप ठगी तबतें मन अनत न गोंहन हटक्यौ
-
आली री मानिनी | Aali Ri Manini
Sarang · सारंग · Dashahara Maan · दशहरा मान
आली री मानिनी मानगढ़ कर लीयें रहत ताकी ओट ॥ नैन बंदूक तामें सकुच दारु भरें बोल गोला चलावत झक झोट ॥१॥