Pushti Kirtan

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  1. कपि चल्यो सीय | Kapi Chalyo Siy

    Maru · मारू · Shri Ramji Ke Karakha · श्री रामजी के करखा

    कपि चल्यो सीय सुधिकौं पुनि पाँयन तन लटकि कैं ॥ रिपुकौ कटक विकट ताकौ चौथौ अंस पटकि कैं ॥१॥ रथसौं रथ भ

  2. जब कुद्यौ हनुमान | Jab Kudyau Hanuman

    Maru · मारू · Shri Ramji Ke Karakha · श्री रामजी के करखा

    जब कुद्यौ हनुमान उदधि जानकी सुधि लैन कौं ॥ देखनकौं दशमाथ अपने नाथकौं सुख दैनकौं ॥१॥ जा गिरि पर चढ़ि

  3. प्रथम बिलास कियौ | Pratham Vilas Kiyau

    Malav · मालव · Nav Vilas · नव विलास

    प्रथम बिलास कियौ श्यामाजू कीनौ बिपिन बिहारजू ॥ उनके बिधकी शोभा बरनों कहत न आवै पारजू ॥१॥ बाके यूथकी

  4. द्वितीय बिलास कियौ | Dvitiy Vilas Kiyau

    Malav · मालव · Nav Vilas · नव विलास

    द्वितीय बिलास कियौ श्यामाजू खेल समस्या कीनी ॥ ताकी मुख्य सखी ललिताजू आनंद महारस भीनी ॥१॥ चली संकेत व

  5. तृतीय बिलास कियौ | Tritiy Vilas Kiyau

    Malav · मालव · Nav Vilas · नव विलास

    तृतीय बिलास कियौ स्यामाजू प्रवीन । खेलनकौ उच्छाह सखी एकत्र कीन ॥१॥ तिनमें मुख्यसखी विशाखाजू ऐन ॥ चली

  6. चौथो बिलास कियो | Chautho Vilas Kiyo

    Malav · मालव · Nav Vilas · नव विलास

    चौथो बिलास कियौ श्यामाजू परासौली बन माँई ॥ ताके वृक्षलता द्रुमवेली तन पुलकित आनंद न समाई ॥१॥ चंद्रभग

  7. पाँचौ बिलास कियो | Pancho Vilas Kiyo

    Malav · मालव · Nav Vilas · नव विलास

    पाँचौ बिलास कियौ श्यामाजू कदली बन संकेत ॥ ताकी सखी मुख्य संजावलि पिया मिलनके हेत ॥१॥ चली रली उमगी यु

  8. छठौ बिलास कियौ | Chhatho Vilas Kiyo

    Malav · मालव · Nav Vilas · नव विलास

    छठौ बिलास कियौ श्यामाजू ॥ गोधन बनकों चली भामाजू ॥ पहेरें रंगरंग सारी ॥ हाथन पूजा थारी ॥१॥ ताकी मुख्य

  9. सातौ बिलास कियौ | Satau Vilas Kiyau

    Malav · मालव · Nav Vilas · नव विलास

    सातौ बिलास कियौ स्यामाजू गहवरवनमें मतौजु कीन ॥ मुख्य कृष्णावती सहचरी लघु लाघव अतिही प्रवीन ॥१॥ बनदेव

  10. आठों बिलास कियौ | Athom Vilas Kiyau

    Malav · मालव · Nav Vilas · नव विलास

    आठों बिलास कियौ श्यामाजू शांतनकुंड प्रवेशजू ॥ उनकी मुख्य भामा सारंगी खेलत जनित आवेशजू ॥१॥ सूरज मंदिर

  11. नवमों बिलास कियौ | Navamom Vilas Kiyau

    Malav · मालव · Nav Vilas · नव विलास

    नवमों बिलास कियौ जु लड़ैती नवधा भक्त बुलाये ॥ अपने अपने सिंगार सबै सज बहु उपहार लिवाये ॥१॥ सब स्यामा

  12. दश उल्लास, श्री हरिराय महाप्रभु विरचित | Dash Ullas, Sri Hariray Mahaprabhu Virachit

    Malav · मालव · Dash Ullas · दश उल्लास

    (१) श्री पुरुषोत्तम करूं प्रनांउ, इनको उल्लास परम रुचि गाऊं, श्रीवल्लभकृपा अनुग्रह करही, मो मतिहीन

  13. व्रत धरि देवी | Vrat Dhari Devi

    Bilaval · बिलावल · Devi Pujan · देवीपूजन

    व्रत धरि देवी पूजी ॥ जाके मन अभिलाष न दूजी ॥ कीजै नंदपुत्र पति मेरे ॥ पैहों जो अनुग्रह तेरे ॥ छंदा॥

  14. नवनिकुंज देवी राधिके | Navanikunj Devi Radhike

    Bilaval · बिलावल · Devi Pujan · देवीपूजन

    नवनिकुंज देवी राधिके वरदाइनी देवप्रिये वृंदावन वृंद वासिनी ॥ करतलाल आराधन साधन करमन प्रतीत नामावलि म

  15. गौर मैं यमुना | Gaur Main Yamuna

    Nur Sarang · नूर सारंग · Devi Pujan · देवीपूजन

    गौर मैं यमुना देवी पूजी । मैं मनमें निश्चै ये कीनो ऐसी और नही दूजी ॥१॥ भाग्य सोहाग सबै फलदाता चरण अल

  16. पूजन चलौ हो | Pujan Chalau Ho

    Iman · ईमन · Devi Pujan · देवीपूजन

    पूजन चलौ हो कदम बनदेवी आऔ हमारे कोऊ संग ॥ पुजवत सकल घोखकी कामना वलन काहूकी कछुलेवी ॥१॥ भाव भक्ति सबह

  17. श्रीराधे कौन गौर | Shriradhe Kaun Gaur

    Iman · ईमन · Devi Pujan · देवीपूजन

    श्रीराधे कौन गौर तें पूजी ॥ वृन्दावन गोकुल गलियनमें सब कोऊ कहत बहूजी ॥१॥ मदनमोहन पियकौमन हरलीनौ कौन

  18. परब दशहरा जानि | Parab Dashahara Jani

    Purvi · पूर्वी · Dashahara · दशहरा

    परब दसहरा जानि जसोमति लाल उबटि न्हवावही ॥ सेत वागो लाल सूथन सेत कुलही बनावही ॥१॥ आभूखन पहेराये हितसो

  19. उलटो झगा उलटी | Ulato Jhaga Ulati

    Vilaval · विलावल · Dashahara · दशहरा

    उलटो झगा उलटी है सूथन कहत बन्यो नीकोरी मैया । पांय पनैया नंदबाबा की सीस पाग पहली बांध वूझत बलि मो मे

  20. आज दशहरा शुभ | Aj Dashahara Shubh

    Vilaval · विलावल · Dashahara · दशहरा

    आज दशहरा शुभ दिन नीको पाँयतौ जूजौ हो गोपाल ॥ ब्रजरानी ब्रजराज कुँवरकौ करौ सिंगार परम रसाल ॥१॥ तब ब्र

  21. विजय दशहरा परव | Vijay Dashahara Parab

    Kanharo · कान्हरो · Dashahara · दशहरा

    विजय दशहरा परव बडो हे आज ॥ ब्रजबनिता सब मंगल गावत बाजन रह्यो ब्रज गाज ॥१॥ भरि बहुत अंगना तीबारी महेल

  22. आज हमारे विजय | Aaj Hamare Vijay

    Sarang · सारंग · Dashahara · दशहरा

    आज हमारे विजय दशहरा धरिये लाल जवारे हो ॥ कर सिंगार स्याम सुंदरको अपनो तन मन वारे हो ॥१॥ सब सखियन मिल

  23. आज दशहरा शुभ | Aaj Dashahara Shubh

    Sarang · सारंग · Dashahara Maan · दशहरा मान

    आज दशहरा शुभ दिन नीकौ विजय करौ पिय प्यारीपै आज॥ घेरी है बिकट मदन गढ़ गाढ़ें तोर मेंड़ लालन कर हो राज

  24. आलीरी तेरी लटकनमें | Aaliri Teri Latakanmen

    Sarang · सारंग · Dashahara Maan · दशहरा मान

    आलीरी तेरी लटकनमें अटक्यौ पीयकौ मन नैंकु न इत उत अटक्यौ ॥१॥ देख रूप ठगी तबतें मन अनत न गोंहन हटक्यौ

  25. आली री मानिनी | Aali Ri Manini

    Sarang · सारंग · Dashahara Maan · दशहरा मान

    आली री मानिनी मानगढ़ कर लीयें रहत ताकी ओट ॥ नैन बंदूक तामें सकुच दारु भरें बोल गोला चलावत झक झोट ॥१॥