Pushti Kirtan

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  1. गुरके गुंजा पूआ | Gurke Gunja Pua

    Sarang · सारंग · Diwali · दीवारी

    गुरके गुंजा पूआ सुहारी ॥ गोधन पूजत व्रजकी नारी ॥१॥ घरघर गोमय प्रतिमा धारी ॥ बाजत रुचिर पखावज थारी ॥२

  2. मदन गोपाल गोवर्धन | Madan Gopal Govardhan

    Sarang · सारंग · Diwali · दीवारी

    मदन गोपाल गोवर्धन पूजत ॥ बाजत ताल मृदंग शंखध्वनि मधुर मधुर मुरली कल कूजत ॥१॥ कुंकुम तिलक लिलाट दियें

  3. टेरटेर बोलत नंदनंदन | Tertar Bolat Nandnandan

    Sarang · सारंग · Diwali · दीवारी

    टेरटेर बोलत नंदनंदन गांग बुलाई धूमरि धौरी ॥ वछरा छोर दिये खरिकनतें हूंकहूंक आवत सब दौरी ॥१॥ मारत कूं

  4. बड़े खिरकमें धूमरि | Bade Khirakmen Dhumari

    Sarang · सारंग · Gai Khilayave Bhog Aarti · गाय खिलायवे भोग आरती

    बड़े खिरकमें धूमरि खेलत ॥ मोहनलाल खिलावत रंगभर गगन गरज घंटा ध्वनि पेलत ॥१॥ उसर जात व्रजराज लाडिले धे

  5. गायखिलायो चाहत गिरिवरधर | Gaykhilayo Chahat Girivardhar

    Sarang · सारंग · Gai Khilayave Bhog Aarti · गाय खिलायवे भोग आरती

    गायखिलायो चाहत गिरिवरधर बरजतहें नंदराई ॥ धेनु बहुत बाढ़ी हैं मोहन देखहूकी क्यों धाई ॥१॥ राखेंहे रखवा

  6. गाय खिलावत श्याम | Gay Khilavat Shyam

    Sarang · सारंग · Gai Khilayave Bhog Aarti · गाय खिलायवे भोग आरती

    गाय खिलावत श्याम सुजान ॥ कूकें ग्वाल टेरदे हीही बाजत बेणु विषाण ॥१॥ कियोहे शृंगार धेनु सगरिनको को कर

  7. गाय खिलावन चले | Gay Khilavan Chale

    Sarang · सारंग · Gai Khilayave Bhog Aarti · गाय खिलायवे भोग आरती

    गाय खिलावन चले गोपाल ॥ वागोश्वेत तासको पहेरें गोकर्णाकृति छोगालाल ॥१॥ फरहरात पीतांबर करमें दुरिमुरि

  8. धोरी धूमर पीली | Dhori Dhumar Pili

    Purvi · पूर्वी · Gai Khilayave Bhog Aarti · गाय खिलायवे भोग आरती

    धोरी धूमर पीली पीहर कारी काजर कहकह टेर ॥ बामभुजा मुरलीकर लिये दक्षिण कर पीतांबर फेरत ॥१॥ सुंदर नागर

  9. कान जगावन चले | Kan Jagavan Chale

    Kanharo · कान्हरो · Gai Ko Kaan Jagayave · गाय को कान जगायवे

    कान जगावन चले कन्हाई ॥ गिरिधर सिंध्द्वार चढटेरत सुन सब सखा मंडली आई ॥१॥ विविध सिंगार पेहेरे पट भूषण

  10. घरमेंसुं बाहिर उठि | Gharmensun Bahir Uthi

    Kanharo · कान्हरो · Gai Ko Kaan Jagayave · गाय को कान जगायवे

    घरमेंसुं बाहिर उठि आये सब गायनके कान जगावन ॥ जेसें भोर हूंकके खेलें लागे लेले नाम बुलावन ॥१॥ गांग बु

  11. दीपदानदे श्याम मनोहर | Deepdande Shyam Manohar

    Kanharo · कान्हरो · Gai Ko Kaan Jagayave · गाय को कान जगायवे

    दीपदानदे श्याम मनोहर सब गायनके कान जगावत ॥ गांग बुलाई धूमर धौरी ऊँचे लेले नाम बुलावत ॥१॥ होउ सचेत भो

  12. कान जगावत नंदकुमार | Kan Jagavat Nandkumar

    Kanhar · कान्हरा · Gai Ko Kaan Jagayave · गाय को कान जगायवे

    कान जगावत नंदकुमार ॥ दोऊ भैया ठाडे सिंध द्वारें गावत सगरे ग्वार ॥१॥ नाचत फूलत करत कौतुहल आज दिवारी ब

  13. बडो परवदिन दीपदिवारी | Bado Paravdin Deepdivari

    Kanharo · कान्हरो · Gai Ko Kaan Jagayave · गाय को कान जगायवे

    बडो परवदिन दीपदिवारी ॥ वागो श्वेत तासको सोहे सिरपें कुलही श्वेत संवारी ॥१॥ दीप दान दे खिरक सिधारे सब

  14. आज अमावस दीपमालिका | Aaj Amavas Deepmalika

    Kanharo · कान्हरो · Deepmalika · दीपमालिका

    आज अमावस दीपमालिका बड़ी पर्वणी हे गोपाल ॥ घर-घर गोपी मंगलगावें सुरभी वृषभ सिंगारो लाल ॥१॥ कहत यशोदा

  15. श्रीगोवर्द्धन दीपमालिका सब | Shrigovarddhan Deepmalika Sab

    Kanharo · कान्हरो · Deepmalika · दीपमालिका

    श्रीगोवर्द्धन दीपमालिका सब देखनकों आये ॥ अरसपरस व्यंजन करके सब व्रजवासी पूजनकों धाये ॥१॥ तब नंद उपनं

  16. दीपमालिका करन आई | Deepmalika Karan Aai

    Kanharo · कान्हरो · Deepmalika · दीपमालिका

    दीपमालिका करन आई व्रजबधु मनहरनि ॥ कंचन थाल लसत कमलनकर नंदमहेर घर घरनि ॥१॥ गजमोतिनके चोक पुराये गावत

  17. आजदिपत दिव्य दीपमालिका | Aajdipat Divya Deepmalika

    Kanharo · कान्हरो · Deepmalika · दीपमालिका

    आजदिपत दिव्य दीपमालिका ॥ मानो कोटि रवि कोटि चंद छबि विमल भई निशि कालिका ॥१॥ गजमोतिनके चौक पुराये बिच

  18. देखो इन दीपनकी | Dekho In Deepanki

    Kanharo · कान्हरो · Deepmalika · दीपमालिका

    देखो इन दीपनकी सुंदराई ॥ जानो घनमें विधु मंडल राजत तमनिश परम सुहाई ॥१॥ नंदराय अगणित पांती रचि अद्भुत

  19. मुकुर महलमें मान | Mukur Mahalmen Maan

    Bihag · बिहाग · Deepmalika · दीपमालिका

    मुकुर महलमें मान लिख्यो मोहनीको विनय वचन बोलि सुकुमारीके । कितेक कौतक निहार प्यारी नेन लर स्वेत जरी

  20. दीपदान दे हटरी बैठे | Deep Daan De Hatri Bethe

    Kanharo · कान्हरो · Hatari Men Aarti · हटरी में आरती

    दीपदान दे हटरी बैठे बड़ो पर्वहे आज दिवारी ॥ चहुं ओर पांत बनी दीपनकी रानीजु अपने हाथ संवारी ॥१ ॥ दिव्

  21. दीपदान व्रजराज देत | Deepdan Vrajraj Det

    Kanharo · कान्हरो · Hatari Men Aarti · हटरी में आरती

    दीपदान व्रजराज देत दोऊ ढोटनकों गोद बैठारी ॥ दीपदानकी होत आरती मंगल गावत सब व्रजनारी ॥१॥ दीपदान शोभित

  22. दीपदानदे हटरी बैठे | Deepdande Hatari Baithe

    Kanharo · कान्हरो · Hatari Men Aarti · हटरी में आरती

    दीपदानदे हटरी बैठे नवललाल गोवर्द्धनधारी ॥ दोहरी पांत बनी दीपनकी व्रजशोभा लागत अति भारी ॥१॥ तैसेही बन

  23. हटरी बैठे श्रीगोपाल | Hatari Baithe Shrigopal

    Kanharo · कान्हरो · Hatari Men Aarti · हटरी में आरती

    हटरी बैठे श्रीगोपाल ॥ रत्न जटितकी हटरी बनाई हीरामोती परम रसाल ॥१॥ डलाडलैया और कुल्हैया भरभर धरे पकवा

  24. हटरी बैठे सोभित | Hatari Baithe Sobhit

    Kanharo · कान्हरो · Hatari Men Aarti · हटरी में आरती

    हटरी बैठे सोभित लाल ॥ श्रीब्रखभान नंदिनी संग ले राजत सब ठाडी ब्रजबाल ॥१॥ मधुमेवा पकवान मिठाई जसुमति

  25. दीपदानदे कान जगाये | Deepdande Kan Jagaye

    Kanharo · कान्हरो · Pasa Khel · पासा खेल

    दीपदानदे कान जगाये सुंदर हटरी सुभग संवारी ॥ चित्र विचित्र बहुत रंग चीती गादी तकिया धरे सुधारी ॥१॥ चह