Search kirtans
-
गुरके गुंजा पूआ | Gurke Gunja Pua
Sarang · सारंग · Diwali · दीवारी
गुरके गुंजा पूआ सुहारी ॥ गोधन पूजत व्रजकी नारी ॥१॥ घरघर गोमय प्रतिमा धारी ॥ बाजत रुचिर पखावज थारी ॥२
-
मदन गोपाल गोवर्धन | Madan Gopal Govardhan
Sarang · सारंग · Diwali · दीवारी
मदन गोपाल गोवर्धन पूजत ॥ बाजत ताल मृदंग शंखध्वनि मधुर मधुर मुरली कल कूजत ॥१॥ कुंकुम तिलक लिलाट दियें
-
टेरटेर बोलत नंदनंदन | Tertar Bolat Nandnandan
Sarang · सारंग · Diwali · दीवारी
टेरटेर बोलत नंदनंदन गांग बुलाई धूमरि धौरी ॥ वछरा छोर दिये खरिकनतें हूंकहूंक आवत सब दौरी ॥१॥ मारत कूं
-
बड़े खिरकमें धूमरि | Bade Khirakmen Dhumari
Sarang · सारंग · Gai Khilayave Bhog Aarti · गाय खिलायवे भोग आरती
बड़े खिरकमें धूमरि खेलत ॥ मोहनलाल खिलावत रंगभर गगन गरज घंटा ध्वनि पेलत ॥१॥ उसर जात व्रजराज लाडिले धे
-
गायखिलायो चाहत गिरिवरधर | Gaykhilayo Chahat Girivardhar
Sarang · सारंग · Gai Khilayave Bhog Aarti · गाय खिलायवे भोग आरती
गायखिलायो चाहत गिरिवरधर बरजतहें नंदराई ॥ धेनु बहुत बाढ़ी हैं मोहन देखहूकी क्यों धाई ॥१॥ राखेंहे रखवा
-
गाय खिलावत श्याम | Gay Khilavat Shyam
Sarang · सारंग · Gai Khilayave Bhog Aarti · गाय खिलायवे भोग आरती
गाय खिलावत श्याम सुजान ॥ कूकें ग्वाल टेरदे हीही बाजत बेणु विषाण ॥१॥ कियोहे शृंगार धेनु सगरिनको को कर
-
गाय खिलावन चले | Gay Khilavan Chale
Sarang · सारंग · Gai Khilayave Bhog Aarti · गाय खिलायवे भोग आरती
गाय खिलावन चले गोपाल ॥ वागोश्वेत तासको पहेरें गोकर्णाकृति छोगालाल ॥१॥ फरहरात पीतांबर करमें दुरिमुरि
-
धोरी धूमर पीली | Dhori Dhumar Pili
Purvi · पूर्वी · Gai Khilayave Bhog Aarti · गाय खिलायवे भोग आरती
धोरी धूमर पीली पीहर कारी काजर कहकह टेर ॥ बामभुजा मुरलीकर लिये दक्षिण कर पीतांबर फेरत ॥१॥ सुंदर नागर
-
कान जगावन चले | Kan Jagavan Chale
Kanharo · कान्हरो · Gai Ko Kaan Jagayave · गाय को कान जगायवे
कान जगावन चले कन्हाई ॥ गिरिधर सिंध्द्वार चढटेरत सुन सब सखा मंडली आई ॥१॥ विविध सिंगार पेहेरे पट भूषण
-
घरमेंसुं बाहिर उठि | Gharmensun Bahir Uthi
Kanharo · कान्हरो · Gai Ko Kaan Jagayave · गाय को कान जगायवे
घरमेंसुं बाहिर उठि आये सब गायनके कान जगावन ॥ जेसें भोर हूंकके खेलें लागे लेले नाम बुलावन ॥१॥ गांग बु
-
दीपदानदे श्याम मनोहर | Deepdande Shyam Manohar
Kanharo · कान्हरो · Gai Ko Kaan Jagayave · गाय को कान जगायवे
दीपदानदे श्याम मनोहर सब गायनके कान जगावत ॥ गांग बुलाई धूमर धौरी ऊँचे लेले नाम बुलावत ॥१॥ होउ सचेत भो
-
कान जगावत नंदकुमार | Kan Jagavat Nandkumar
Kanhar · कान्हरा · Gai Ko Kaan Jagayave · गाय को कान जगायवे
कान जगावत नंदकुमार ॥ दोऊ भैया ठाडे सिंध द्वारें गावत सगरे ग्वार ॥१॥ नाचत फूलत करत कौतुहल आज दिवारी ब
-
बडो परवदिन दीपदिवारी | Bado Paravdin Deepdivari
Kanharo · कान्हरो · Gai Ko Kaan Jagayave · गाय को कान जगायवे
बडो परवदिन दीपदिवारी ॥ वागो श्वेत तासको सोहे सिरपें कुलही श्वेत संवारी ॥१॥ दीप दान दे खिरक सिधारे सब
-
आज अमावस दीपमालिका | Aaj Amavas Deepmalika
Kanharo · कान्हरो · Deepmalika · दीपमालिका
आज अमावस दीपमालिका बड़ी पर्वणी हे गोपाल ॥ घर-घर गोपी मंगलगावें सुरभी वृषभ सिंगारो लाल ॥१॥ कहत यशोदा
-
श्रीगोवर्द्धन दीपमालिका सब | Shrigovarddhan Deepmalika Sab
Kanharo · कान्हरो · Deepmalika · दीपमालिका
श्रीगोवर्द्धन दीपमालिका सब देखनकों आये ॥ अरसपरस व्यंजन करके सब व्रजवासी पूजनकों धाये ॥१॥ तब नंद उपनं
-
दीपमालिका करन आई | Deepmalika Karan Aai
Kanharo · कान्हरो · Deepmalika · दीपमालिका
दीपमालिका करन आई व्रजबधु मनहरनि ॥ कंचन थाल लसत कमलनकर नंदमहेर घर घरनि ॥१॥ गजमोतिनके चोक पुराये गावत
-
आजदिपत दिव्य दीपमालिका | Aajdipat Divya Deepmalika
Kanharo · कान्हरो · Deepmalika · दीपमालिका
आजदिपत दिव्य दीपमालिका ॥ मानो कोटि रवि कोटि चंद छबि विमल भई निशि कालिका ॥१॥ गजमोतिनके चौक पुराये बिच
-
देखो इन दीपनकी | Dekho In Deepanki
Kanharo · कान्हरो · Deepmalika · दीपमालिका
देखो इन दीपनकी सुंदराई ॥ जानो घनमें विधु मंडल राजत तमनिश परम सुहाई ॥१॥ नंदराय अगणित पांती रचि अद्भुत
-
मुकुर महलमें मान | Mukur Mahalmen Maan
Bihag · बिहाग · Deepmalika · दीपमालिका
मुकुर महलमें मान लिख्यो मोहनीको विनय वचन बोलि सुकुमारीके । कितेक कौतक निहार प्यारी नेन लर स्वेत जरी
-
दीपदान दे हटरी बैठे | Deep Daan De Hatri Bethe
Kanharo · कान्हरो · Hatari Men Aarti · हटरी में आरती
दीपदान दे हटरी बैठे बड़ो पर्वहे आज दिवारी ॥ चहुं ओर पांत बनी दीपनकी रानीजु अपने हाथ संवारी ॥१ ॥ दिव्
-
दीपदान व्रजराज देत | Deepdan Vrajraj Det
Kanharo · कान्हरो · Hatari Men Aarti · हटरी में आरती
दीपदान व्रजराज देत दोऊ ढोटनकों गोद बैठारी ॥ दीपदानकी होत आरती मंगल गावत सब व्रजनारी ॥१॥ दीपदान शोभित
-
दीपदानदे हटरी बैठे | Deepdande Hatari Baithe
Kanharo · कान्हरो · Hatari Men Aarti · हटरी में आरती
दीपदानदे हटरी बैठे नवललाल गोवर्द्धनधारी ॥ दोहरी पांत बनी दीपनकी व्रजशोभा लागत अति भारी ॥१॥ तैसेही बन
-
हटरी बैठे श्रीगोपाल | Hatari Baithe Shrigopal
Kanharo · कान्हरो · Hatari Men Aarti · हटरी में आरती
हटरी बैठे श्रीगोपाल ॥ रत्न जटितकी हटरी बनाई हीरामोती परम रसाल ॥१॥ डलाडलैया और कुल्हैया भरभर धरे पकवा
-
हटरी बैठे सोभित | Hatari Baithe Sobhit
Kanharo · कान्हरो · Hatari Men Aarti · हटरी में आरती
हटरी बैठे सोभित लाल ॥ श्रीब्रखभान नंदिनी संग ले राजत सब ठाडी ब्रजबाल ॥१॥ मधुमेवा पकवान मिठाई जसुमति
-
दीपदानदे कान जगाये | Deepdande Kan Jagaye
Kanharo · कान्हरो · Pasa Khel · पासा खेल
दीपदानदे कान जगाये सुंदर हटरी सुभग संवारी ॥ चित्र विचित्र बहुत रंग चीती गादी तकिया धरे सुधारी ॥१॥ चह