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रूप उज्यारो दीप | Roop Ujyaro Deep
Kanharo · कान्हरो · Pasa Khel · पासा खेल
रूप उज्यारो दीप जगमगे खेलतहें पिय प्यारी ॥ दाव पर्यो सुंदरि राधाको रुठयो कुंजबिहारी ॥१॥ केलि करत हँस
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पासा खेलतहें पिय | Pasa Khelatahen Piy
Kanharo · कान्हरो · Pasa Khel · पासा खेल
पासा खेलतहें पिय प्यारी ॥ रतन खचित चोकीपर डारत हंसत करत किलकारी ॥१॥ पहेले दाव पर्यो स्यामाको पीत पिछ
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पीया पीतांबर मुरली | Piya Pitambar Murali
Kanharo · कान्हरो · Pasa Khel · पासा खेल
पीया पीतांबर मुरली जीती ॥ हाहाकरत न देत लडेंती पांय परत निसबीती ॥१॥ राखी दुराय सघन कुंजनमें ललितादिक
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मुरली जीती राधा | Murali Jiti Radha
Kanharo · कान्हरो · Pasa Khel · पासा खेल
मुरली जीती राधा रानी ॥ दाव पर्यो वृषभानु सुताको मोहन रूंगट ठानी ॥१॥ लीयो जीत पीतांबर पीयको खेलत हंसत
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अद्भुत एक अनूपम | Adbhut Ek Anupam
Kanharo · कान्हरो · Pasa Khel · पासा खेल
अद्भुत एक अनूपम नार ॥ नेन बेन चोवीस चोगुने सोरह चरन वरन हें चार ॥१॥ चतुराननसों प्रीत तीनपति ताके इक्
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सखियन रचिरचि सेज | Sakhiyan Rachirachi Sej
Kanharo · कान्हरो · Diwali Podhave · दीवारी पोढवे
सखियन रचिरचि सेज बनाई ॥ मणिमय जटितपर्यक कनकके मुक्तनकी अधिकाई ॥१॥ पोढे श्रीसहित सुंदरवर झलमलदीप झरोख
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वे देखो बरत | Ve Dekho Barat
Bihag · बिहाग · Diwali Podhave · दीवारी पोढवे
वे देखो बरत झरोकन दीपक हरि पोढे ऊँची चित्रसारी ॥ सुंदरवदन निहारन कारण राख्योहै बहुत यतन कर प्यारी ॥१
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वे देखो केसी | Ve Dekho Kesi
Bihag · बिहाग · Diwali Podhave · दीवारी पोढवे
वे देखो केसी नीकी चित्रसारी तामें पोठे पिय प्यारी दीप मालिका रुचिर बनाई ॥ चहुं ओर झलमलत दीप मोतिन की
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झरोखन दीपक देखियत | Jharokhan Deepak Dekhiyat
Bihag · बिहाग · Diwali Podhave · दीवारी पोढवे
झरोखन दीपक देखियत द्वेहेरी पंगत राजे ॥ घृत परिपूरण सवारी राखे प्यारी कर प्रीतम वदन अवलोकन कारण स्फटि
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नंदहि कहति यशोदारानी | Nandahi Kahati Yashodaranee
Bilaval · बिलावल · Govardhan Lila - Saras Lila · गोवर्धन लीला - सरस लीला
नंदहि कहति यशोदारानी ॥ सुरपति पूजा तुमही भुलानी ॥१॥ यह नही भली तुम्हारी बानी ॥ मैं गृह काज रहों लपटा
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घरन चली सब | Gharan Chali Sab
Bilaval · बिलावल · Govardhan Lila - Saras Lila · गोवर्धन लीला - सरस लीला
घरन चली सब कही यशुमतिसों ॥ देव मनावत वचन विनतिसों ॥१॥ तुमविन ओर नहीं हम जानें ॥ मुख स्तुति करत हम कह
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इतहि श्याम गोपन | Itahi Shyam Gopan
Bilaval · बिलावल · Govardhan Lila - Saras Lila · गोवर्धन लीला - सरस लीला
इतहि श्याम गोपन संग ठाडे ॥ भोजन करत अधिक रुचिबाढे ॥१॥ गिरि तन शोभा श्याम बिराजे ॥ श्यामहि छबि गिरिवर
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कोउ पहोंचे कोउ | Kou Pahonche Kou
Bilaval · बिलावल · Govardhan Lila - Saras Lila · गोवर्धन लीला - सरस लीला
कोउ पहोंचे कोउ मारगमांहीं ॥ बहुत गये घर बहुतकजाहीं ॥१॥ काहूके मन कहूं दुखनाहीं ॥ अरस परस हँसहँस लपटा
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बोल लिये सब | Bol Liye Sab
Bilaval · बिलावल · Govardhan Lila - Saras Lila · गोवर्धन लीला - सरस लीला
बोल लिये सब ग्वाल कन्हाई ॥ टेको गिरिगोवर्द्धन आई ॥१॥ आज सबे मिलहोहु सहाई ॥ हँसत देख बलराम कन्हाई ॥२॥
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हँसहँस कहत कृष्ण | Hanshans Kahat Krishna
Bilaval · बिलावल · Govardhan Lila - Saras Lila · गोवर्धन लीला - सरस लीला
हँसहँस कहत कृष्ण मुखबानी ॥ हमनांही रिस तुमपर आनी ॥१॥ तुम कित अति शंका जियमानी ॥ भलीकर व्रज वरख्यो पा
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गोदबैठ गोपाल कहत | Godabaith Gopal Kahat
Bilaval · बिलावल · Govardhan Lila Annakut · गोवर्धन लीला अन्नकूट
गोदबैठ गोपाल कहत व्रजराजसों ॥ अहो तात एक बात श्रवण दे सुनोजो मेरी ॥ भवनमांझहों गयो धरी जहां सोंज घने
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अपने अपने टोल | Apane Apane Tol
Bilaval · बिलावल · Govardhan Lila Annakut · गोवर्धन लीला अन्नकूट
अपने अपने टोल कहत व्रजवासियां ॥ शरद कुहू निश जान दीपमालिका जो आई ॥ गोपन मन आनंद फिरत उनमद अधिकाई ॥ ऐ
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हमारो कान्ह कहे | Hamaro Kanh Kahe
Bilaval · बिलावल · Govardhan Puja · गोवर्धन पूजा
हमारो कान्ह कहे सो कीजे ॥ आवो सिमिट सकल व्रजवासी पर्वतकों बलि दीजे ॥१॥ मधुमेवा पकवान मिठाई षटरस व्यं
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गोवर्द्धन पूजन चलेरी | Govarddhan Pujan Chaleri
Sarang · सारंग · Govardhan Puja · गोवर्धन पूजा
गोवर्द्धन पूजन चलेरी गोपाल ॥ मत्त गयंद देख जिय लज्जित निरख मंदगति चाल ॥१॥ व्रजनारिन पकवान बहुत कर भर
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बडडेनकों आगेंदे गिरिधर | Baddenkon Agende Giridhar
Sarang · सारंग · Govardhan Puja · गोवर्धन पूजा
बडडेनकों आगेंदे गिरिधर श्रीगोवर्द्धन पूजन आवत ॥ मानसीगंगा जल न्हवायकें पाछें दूध धोरीको नावत ॥१॥ बहो
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गोवर्धन पूजत हें | Govardhan Pujat Hen
Sarang · सारंग · Govardhan Puja · गोवर्धन पूजा
गोवर्धन पूजत हें नंदराय ॥ चोवा चंदन बैठ चढावत काचे दूध न्हवाय ॥१॥ आभूषण वस्त्र पहेरावत द्विजपें वेद
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हमारो देव गोवर्धन | Hamaro Dev Govardhan
Sarang · सारंग · Govardhan Puja · गोवर्धन पूजा
हमारो देव गोवर्धन रानो ॥ जाकी छत्र छांह हम बैठे ताकों त्यज ओरे क्यों मानों ॥१॥ नीको तृण सुंदर जल नीक
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धन्य धन्य हरिदास | Dhanya Dhanya Haridas
Nat · नट · Shri Girirajji · श्री गिरिराजजी
धन्य धन्य हरिदास राई। सानिध्य सेवा करत सकल अंग ताते मोहन जय भाई ॥१॥ कंद मूल फल फूल भेट धर शिला सिंघा
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मोहिं भरोसौ श्रीगिरिराज | Mohin Bharosau Shrigiriraj
Bihag · बिहाग · Shri Girirajji · श्री गिरिराजजी
मोहिं भरोसौ श्रीगिरिराज कौ। कहा जु भयौ तन, मन, धन जो रैं? भक्ति बिना कहा काज कौ? ऊंची मेंडी कौन काज
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गोवर्धन पूज सबे | Govardhan Puj Sabe
Sarang · सारंग · Annakut Bhog Ayave · अन्कूट भोग आयवे
गोवर्धन पूज सबे रंग भीने । सहस्रभुजा गिरिधरन दूसरो जेवत श्याम सखन संग लीने ।।१।। उमड़े सुन सुन बाल व