Pushti Kirtan

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  1. रूप उज्यारो दीप | Roop Ujyaro Deep

    Kanharo · कान्हरो · Pasa Khel · पासा खेल

    रूप उज्यारो दीप जगमगे खेलतहें पिय प्यारी ॥ दाव पर्यो सुंदरि राधाको रुठयो कुंजबिहारी ॥१॥ केलि करत हँस

  2. पासा खेलतहें पिय | Pasa Khelatahen Piy

    Kanharo · कान्हरो · Pasa Khel · पासा खेल

    पासा खेलतहें पिय प्यारी ॥ रतन खचित चोकीपर डारत हंसत करत किलकारी ॥१॥ पहेले दाव पर्यो स्यामाको पीत पिछ

  3. पीया पीतांबर मुरली | Piya Pitambar Murali

    Kanharo · कान्हरो · Pasa Khel · पासा खेल

    पीया पीतांबर मुरली जीती ॥ हाहाकरत न देत लडेंती पांय परत निसबीती ॥१॥ राखी दुराय सघन कुंजनमें ललितादिक

  4. मुरली जीती राधा | Murali Jiti Radha

    Kanharo · कान्हरो · Pasa Khel · पासा खेल

    मुरली जीती राधा रानी ॥ दाव पर्यो वृषभानु सुताको मोहन रूंगट ठानी ॥१॥ लीयो जीत पीतांबर पीयको खेलत हंसत

  5. अद्भुत एक अनूपम | Adbhut Ek Anupam

    Kanharo · कान्हरो · Pasa Khel · पासा खेल

    अद्भुत एक अनूपम नार ॥ नेन बेन चोवीस चोगुने सोरह चरन वरन हें चार ॥१॥ चतुराननसों प्रीत तीनपति ताके इक्

  6. सखियन रचिरचि सेज | Sakhiyan Rachirachi Sej

    Kanharo · कान्हरो · Diwali Podhave · दीवारी पोढवे

    सखियन रचिरचि सेज बनाई ॥ मणिमय जटितपर्यक कनकके मुक्तनकी अधिकाई ॥१॥ पोढे श्रीसहित सुंदरवर झलमलदीप झरोख

  7. वे देखो बरत | Ve Dekho Barat

    Bihag · बिहाग · Diwali Podhave · दीवारी पोढवे

    वे देखो बरत झरोकन दीपक हरि पोढे ऊँची चित्रसारी ॥ सुंदरवदन निहारन कारण राख्योहै बहुत यतन कर प्यारी ॥१

  8. वे देखो केसी | Ve Dekho Kesi

    Bihag · बिहाग · Diwali Podhave · दीवारी पोढवे

    वे देखो केसी नीकी चित्रसारी तामें पोठे पिय प्यारी दीप मालिका रुचिर बनाई ॥ चहुं ओर झलमलत दीप मोतिन की

  9. झरोखन दीपक देखियत | Jharokhan Deepak Dekhiyat

    Bihag · बिहाग · Diwali Podhave · दीवारी पोढवे

    झरोखन दीपक देखियत द्वेहेरी पंगत राजे ॥ घृत परिपूरण सवारी राखे प्यारी कर प्रीतम वदन अवलोकन कारण स्फटि

  10. नंदहि कहति यशोदारानी | Nandahi Kahati Yashodaranee

    Bilaval · बिलावल · Govardhan Lila - Saras Lila · गोवर्धन लीला - सरस लीला

    नंदहि कहति यशोदारानी ॥ सुरपति पूजा तुमही भुलानी ॥१॥ यह नही भली तुम्हारी बानी ॥ मैं गृह काज रहों लपटा

  11. घरन चली सब | Gharan Chali Sab

    Bilaval · बिलावल · Govardhan Lila - Saras Lila · गोवर्धन लीला - सरस लीला

    घरन चली सब कही यशुमतिसों ॥ देव मनावत वचन विनतिसों ॥१॥ तुमविन ओर नहीं हम जानें ॥ मुख स्तुति करत हम कह

  12. इतहि श्याम गोपन | Itahi Shyam Gopan

    Bilaval · बिलावल · Govardhan Lila - Saras Lila · गोवर्धन लीला - सरस लीला

    इतहि श्याम गोपन संग ठाडे ॥ भोजन करत अधिक रुचिबाढे ॥१॥ गिरि तन शोभा श्याम बिराजे ॥ श्यामहि छबि गिरिवर

  13. कोउ पहोंचे कोउ | Kou Pahonche Kou

    Bilaval · बिलावल · Govardhan Lila - Saras Lila · गोवर्धन लीला - सरस लीला

    कोउ पहोंचे कोउ मारगमांहीं ॥ बहुत गये घर बहुतकजाहीं ॥१॥ काहूके मन कहूं दुखनाहीं ॥ अरस परस हँसहँस लपटा

  14. बोल लिये सब | Bol Liye Sab

    Bilaval · बिलावल · Govardhan Lila - Saras Lila · गोवर्धन लीला - सरस लीला

    बोल लिये सब ग्वाल कन्हाई ॥ टेको गिरिगोवर्द्धन आई ॥१॥ आज सबे मिलहोहु सहाई ॥ हँसत देख बलराम कन्हाई ॥२॥

  15. हँसहँस कहत कृष्ण | Hanshans Kahat Krishna

    Bilaval · बिलावल · Govardhan Lila - Saras Lila · गोवर्धन लीला - सरस लीला

    हँसहँस कहत कृष्ण मुखबानी ॥ हमनांही रिस तुमपर आनी ॥१॥ तुम कित अति शंका जियमानी ॥ भलीकर व्रज वरख्यो पा

  16. गोदबैठ गोपाल कहत | Godabaith Gopal Kahat

    Bilaval · बिलावल · Govardhan Lila Annakut · गोवर्धन लीला अन्नकूट

    गोदबैठ गोपाल कहत व्रजराजसों ॥ अहो तात एक बात श्रवण दे सुनोजो मेरी ॥ भवनमांझहों गयो धरी जहां सोंज घने

  17. अपने अपने टोल | Apane Apane Tol

    Bilaval · बिलावल · Govardhan Lila Annakut · गोवर्धन लीला अन्नकूट

    अपने अपने टोल कहत व्रजवासियां ॥ शरद कुहू निश जान दीपमालिका जो आई ॥ गोपन मन आनंद फिरत उनमद अधिकाई ॥ ऐ

  18. हमारो कान्ह कहे | Hamaro Kanh Kahe

    Bilaval · बिलावल · Govardhan Puja · गोवर्धन पूजा

    हमारो कान्ह कहे सो कीजे ॥ आवो सिमिट सकल व्रजवासी पर्वतकों बलि दीजे ॥१॥ मधुमेवा पकवान मिठाई षटरस व्यं

  19. गोवर्द्धन पूजन चलेरी | Govarddhan Pujan Chaleri

    Sarang · सारंग · Govardhan Puja · गोवर्धन पूजा

    गोवर्द्धन पूजन चलेरी गोपाल ॥ मत्त गयंद देख जिय लज्जित निरख मंदगति चाल ॥१॥ व्रजनारिन पकवान बहुत कर भर

  20. बडडेनकों आगेंदे गिरिधर | Baddenkon Agende Giridhar

    Sarang · सारंग · Govardhan Puja · गोवर्धन पूजा

    बडडेनकों आगेंदे गिरिधर श्रीगोवर्द्धन पूजन आवत ॥ मानसीगंगा जल न्हवायकें पाछें दूध धोरीको नावत ॥१॥ बहो

  21. गोवर्धन पूजत हें | Govardhan Pujat Hen

    Sarang · सारंग · Govardhan Puja · गोवर्धन पूजा

    गोवर्धन पूजत हें नंदराय ॥ चोवा चंदन बैठ चढावत काचे दूध न्हवाय ॥१॥ आभूषण वस्त्र पहेरावत द्विजपें वेद

  22. हमारो देव गोवर्धन | Hamaro Dev Govardhan

    Sarang · सारंग · Govardhan Puja · गोवर्धन पूजा

    हमारो देव गोवर्धन रानो ॥ जाकी छत्र छांह हम बैठे ताकों त्यज ओरे क्यों मानों ॥१॥ नीको तृण सुंदर जल नीक

  23. धन्य धन्य हरिदास | Dhanya Dhanya Haridas

    Nat · नट · Shri Girirajji · श्री गिरिराजजी

    धन्य धन्य हरिदास राई। सानिध्य सेवा करत सकल अंग ताते मोहन जय भाई ॥१॥ कंद मूल फल फूल भेट धर शिला सिंघा

  24. मोहिं भरोसौ श्रीगिरिराज | Mohin Bharosau Shrigiriraj

    Bihag · बिहाग · Shri Girirajji · श्री गिरिराजजी

    मोहिं भरोसौ श्रीगिरिराज कौ। कहा जु भयौ तन, मन, धन जो रैं? भक्ति बिना कहा काज कौ? ऊंची मेंडी कौन काज

  25. गोवर्धन पूज सबे | Govardhan Puj Sabe

    Sarang · सारंग · Annakut Bhog Ayave · अन्कूट भोग आयवे

    गोवर्धन पूज सबे रंग भीने । सहस्रभुजा गिरिधरन दूसरो जेवत श्याम सखन संग लीने ।।१।। उमड़े सुन सुन बाल व