Search kirtans
-
रानी तेरे लालसों | Rani Tere Lalasom
Ramakali · रामकली · Shri Krishna Ki Bal Lila · श्री कृष्णा की बाललीला
रानी तेरे लालसों कहा कहों । जे जे कर्म नैनभरि देखति हों अचंभे रहों ॥१॥ तोर्यौ शकट पूतना मारी तृणावर्
-
बलिबलि चरित्र गोकुल | Balibali Charitra Gokul
Ramakali · रामकली · Shri Krishna Ki Bal Lila · श्री कृष्णा की बाललीला
बलिबलि चरित्र गोकुल राय । दावानल को पान कीयौ पीबत दूध सिराय ॥१॥ पूतना के प्रान शोषे रहै उर लपटाय । क
-
रुन झुन बजत | Run Jhun Bajat
Ramakali · रामकली · Shri Krishna Ki Bal Lila · श्री कृष्णा की बाललीला
रुन झुन बजत पग पेंजनी । हरि के तन जगमगत बिच बिच जटित कोटि कमनी ॥१॥ उठत तान तरंग बिच बिच जमी राग रगनी
-
हों वारी तेरे | Hom Vari Tere
Ramakali · रामकली · Shri Krishna Ki Bal Lila · श्री कृष्णा की बाललीला
हों वारी तेरे मुख पर । मेरी दृष्टि जिन लागों माई मसि बिंदु को देहुँ भ्रूपर ॥१॥ सर्वसु मैं पहलें ही
-
गोषी नाचति गोद | Goshi Nachati God
Ramakali · रामकली · Shri Krishna Ki Bal Lila · श्री कृष्णा की बाललीला
गोपी नाचति गोद लै गोविंद । देखि देखि जसुमति सुख पावत प्रफुलित मुखअरविंद ॥१॥ श्याम गात सरोज आनन शोभित
-
सिखवत चलन यशोदा | Sikhavat Chalan Yashoda
Ramakali · रामकली · Shri Krishna Ki Bal Lila · श्री कृष्णा की बाललीला
सिखवत चलन यशोदा मैया । अरबराय कर पान गहावत डगमगात धरनी परें पैया ॥१॥ कबहुँक बलिकूँ टेरि बुलावत यह आँ
-
हरि अपने आगे | Hari Apane Aage
Ramakali · रामकली · Shri Krishna Ki Bal Lila · श्री कृष्णा की बाललीला
हरि अपने आगे कछु गावत । तनक तनक चरनसों नाचत मनही मनही रिझावति ॥१॥ बांह उठाय काजरी धौरी गैअनि टेर बुल
-
खेलत श्याम ग्वालन | Khelat Shyam Gvalan
Ramakali · रामकली · Shri Krishna Ki Bal Lila · श्री कृष्णा की बाललीला
खेलत श्याम ग्वालन संग ॥ सुबल हलधर अरु श्रीदामा करत नाना रंग ॥१॥ हाथ तारी देत भाजत सबैं करि करि होड़
-
देखौ माई या | Dekhau Mai Ya
Ramakali · रामकली · Shri Krishna Ki Bal Lila · श्री कृष्णा की बाललीला
देखौ माई या बालक की बात । बन उपवन सरिता सब मोहे देखत साँवल गात ॥१॥ मारग चलत अनीत करत हरि हटके माखन ख
-
मोहन ब्रजकेरौ रतन | Mohan Brajakerau Ratan
Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Ki Bal Lila · श्री कृष्णा की बाललीला
मोहन ब्रजकेरौ रतन । एक चरित्र आज में देख्यौ पूतना पतन ॥१॥ तृणावर्त लै गयौ अकाशें ताही कों धतन । जेजे
-
मनिमय आँगन नंद | Manimay Aangan Nand
Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Ki Bal Lila · श्री कृष्णा की बाललीला
मनिमय आँगन नंद के खेलत दोऊ भैया । गौर श्याम जोरी बनी बलि कुँवर कन्हैया ॥१॥ नूपुर कंकन किंकनी रुनु झु
-
खेलत मदन सुंदर | Khelat Madan Sundar
Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Ki Bal Lila · श्री कृष्णा की बाललीला
खेलत मदन सुंदर अंग । युवती जन मन निरखि उपजत विविध भाँति अनंग ॥१॥ पकरि बछरा पूँछ ऐंचत अपनी दिश कर जोर
-
बाल विनोद आँगनमेंकी | Bal Vinod Aanganamenki
Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Ki Bal Lila · श्री कृष्णा की बाललीला
बाल विनोद आँगनमेंकी डोलनि । मनिमय भूमि सुभग नंदालय बलि बलि गई तोतरी बोलनि ॥१॥ कठुला कंठ रुचिर केहरि
-
अलबल बोलत बानी | Alabal Bolat Bani
Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Ki Bal Lila · श्री कृष्णा की बाललीला
अलबल बोलत बानी तोत री । सुनि सुनि ब्रज ललना कहें बलिबलि हिये लाय आनंद होत री ॥१॥ बालिक बचन परत समुझे
-
देखत दरपन कहत | Dekhat Darpan Kahat
Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Ki Bal Lila · श्री कृष्णा की बाललीला
देखत दरपन कहत गोपाल । अरी मैया यह कौन दूसरौ मोहीसौ तेरौ लाल ॥१॥ याहि गोद लै बैठि जिमावै हों न जेंऊंग
-
देखि प्रतिबिंब गोपाल | Dekhi Pratibimb Gopal
Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Ki Bal Lila · श्री कृष्णा की बाललीला
देखि प्रतिबिंब गोपाल खिजावै । लै लडुवा मेलत बाके मुख खेलन संग बुलावै ॥१॥ बोलि बोलि उठि चलैरे भैया हट
-
दोऊ भैया घुटुरुवन | Dou Bhaiya Ghuturuvan
Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Ki Bal Lila · श्री कृष्णा की बाललीला
दोऊ भैया घुटुरुवन चलत । हरत दुख ब्रज भूमि कौ दे मोद दैत्यन दलत ॥१॥ अलक बिधुरे बदन मृगमद तिलक सोहै भा
-
यह तन कमल | Yah Tan Kamal
Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Ki Bal Lila · श्री कृष्णा की बाललीला
यह तन कमल नैन पर वारों सामलिया मोहि भावैरी । चरन कमलकी रेंनु यशोदा लै लै शीश चढ़ावैरी ॥१॥ लै उछंग मु
-
बालदशा गोपालकी | Baladasha Gopalaki
Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Ki Bal Lila · श्री कृष्णा की बाललीला
बालदशा गोपालकी सब काहू भावै । जाके भवनमें जात है सो लै गोद खिलावै ॥१॥ श्यामसुंदर मुख निरखिकें अबला स
-
बाल विनोद गोपाल | Bal Vinod Gopal
Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Ki Bal Lila · श्री कृष्णा की बाललीला
बाल विनोद गोपाल के देखत मोहि भावें । प्रेम पुलकि आनंदभरी जसुमति गुन गावें ॥१॥ बलि समेत घन सामरौ आँगन
-
हरि लीला गावत | Hari Lila Gavat
Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Ki Bal Lila · श्री कृष्णा की बाललीला
हरि लीला गावत गोपीजन आनंदमें निशि दिन जाई । बालचरित विचित्र मनोहर कमल नैन ब्रज जन सुखदाई ॥१॥ दोहन मथ
-
हौं भोरी मेरी | Haum Bhori Meri
Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Ki Bal Lila · श्री कृष्णा की बाललीला
हौं भोरी मेरी कान्ह सयानौ । याहीते लाल खीजत ही तुमसों दूधकों गई तोलों माट दुरानौ ॥१॥ कौन उपाय करौं स
-
नाँहिन गोकुल बास | Nahin Gokul Bas
Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Ki Bal Lila · श्री कृष्णा की बाललीला
नाँहिन गोकुल बास हमारौ । बैरी कंस बसत शिर ऊपर नित उठि करै खगारौ ॥१॥ गाम गाम प्रति देश देश प्रति लोक
-
भावत हरिके बाल | Bhavat Harike Bal
Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Ki Bal Lila · श्री कृष्णा की बाललीला
भावत हरिके बाल विनोद । केशव राम निरखि अति बिहँसत मुदित रोहिनी मात यशोद ॥१॥ आँगन पंक राग तन सोहत चल न
-
बाल विनोद खरे | Bal Vinod Khare
Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Ki Bal Lila · श्री कृष्णा की बाललीला
बाल विनोद खरे जिय भावत । मुख प्रतिबिंब पकरिबे कों हरि हुलसि घुटुरुवन धावत ॥१॥ कमलनैन माखनके कारन करि