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आँगनमें हरि सोय गयेरी | Aanganamen Hari Soy Gayeri
Bihag · बिहाग · Shri Krishna Ki Bal Lila · श्री कृष्णा की बाललीला
आँगनमें हरि सोय गयेरी ॥ हरे हरे दोऊ जननी मिलिके सेज सहित तब भवन लहेरी ॥१॥ कहत रोहिणी इन्हें न जगावौ
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नृपति बचन यह | Nripati Bachan Yah
Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Ki Shakatasur Vadh Lila · श्री कृष्णा की शकटासुर वध लीला
नृपति बचन यह सबनि सुनायौ । मुहाँ चही सेनापति कीनौ शकटासुर सुनि गर्व बढ़ायौ ॥१॥ दोऊ करजोरी भयौ तब ठाड
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पान लै चल्यौ | Pan Lai Chalyau
Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Ki Shakatasur Vadh Lila · श्री कृष्णा की शकटासुर वध लीला
पान लै चल्यौ नृप आनंद किनौ । गयौ शिरनाइकें गर्व बढ़ायकें शकटको रूप धरि असुर लीनौ ॥१॥ सुनत घहरानि ब्र
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शोभित सुभग नंदजूकी | Shobhit Subhag Nandajuki
Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Ki Trinavart Lila · श्री कृष्णा की तृणावर्त लीला
शोभित सुभग नंदजूकी रानी । अति आनंद आँगनमें बैठी गोद खिलावत सारंगपानी ॥१॥ तृणावर्तकी करी सुरति जिय पठ
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जसुमति मन अभिलाख | Jasumati Man Abhilakh
Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Ki Trinavart Lila · श्री कृष्णा की तृणावर्त लीला
जसुमति मन अभिलाख करै । कब मेरौ लाल घुटरुवन रेंगे कब धरनी पग द्वैक धरै ॥१॥ कब द्वै दाँत दूधके देखों क
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अति विपरीत तृणावर्त | Ati Viparit Trinavart
Suho · सुहो · Shri Krishna Ki Trinavart Lila · श्री कृष्णा की तृणावर्त लीला
अति विपरीत तृणावर्त आयौ । बात चक्र मिस ब्रज उपर द्वै नंदपौरीके भीतर धायौ ॥१॥ पौढ़े श्याम अकेले आँगन
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अबकें राखि लेहु | Abake Rakhi Lehu
Kedaron · केदारों · Shri Krishna Ki Davanal Lila · श्री कृष्णा की दावानल लीला
अबकें राखि लेहु गोपाल । दस दिशतें प्रगट्यौ दावानल उपज्यौ है तिहिंकाल ॥१॥ पटकत वंश कंस तृण चटकत झपट ल
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अति कोमल तनु | Ati Komal Tanu
Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Ki Kaliya Daman Lila · श्री कृष्णा की कालीयदमन लीला
अति कोमल तनु धर्यो कन्हाई । गये तहाँ जहाँ काली सोवत उरगनारि देखत अकुलाई ॥१॥ कह्यो कौनकौ बालक है तू ब
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उरग लियौ हरिकों | Urag Liyau Harikong
Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Ki Kaliya Daman Lila · श्री कृष्णा की कालीयदमन लीला
उरग लियौ हरिकों लपटाई । गर्व बचन कहि कहि मुख भाखत मोकों नहिं जानत अहिराई ॥१॥ लिये लपेटि चरण तें शिखल
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आवत उरग नाथ्ये | Aavat Urag Nathye
Nat · नट · Shri Krishna Ki Kaliya Daman Lila · श्री कृष्णा की कालीयदमन लीला
आवत उरग नाथ्ये श्याम । नंद यशोदा गोपी गोपनि कहत हैं बलराम ॥१॥ मोर मुकुट विशाल लोचन श्रवन कुंडल लोल ।
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चंद्रभानके नव निधि | Chandrabhanake Nav Nidhi
Sarang · सारंग · Shri Chandravaliji Ki Badhai · श्री चंद्रावलीजी की बधाई
चंद्रभानके नव निधि आई । सुखमा कूखि अवतरी कन्या घरघर बजत बधाई ॥१॥ नाम धर्यो चंद्रावलि सुखनिधि कोटिक च
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आज सखी सुखमा | Aaj Sakhi Sukhma
Sarang · सारंग · Shri Chandravaliji Ki Badhai · श्री चंद्रावलीजी की बधाई
आज सखी सुखमा कन्या जाई । भादों सुदि पाँचे शुभ लगन चंद्रभान गृह आई ॥१॥ नामकरनकों गर्ग पराशर नारदादि स
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भादों सुदी पंचमी | Bhadon Sudi Panchami
Sarang · सारंग · Shri Chandravaliji Ki Badhai · श्री चंद्रावलीजी की बधाई
भादो सुदी पंचमी प्रगट भई सबहिनकी सुखदाई जु । श्री चन्द्रभान गोप गृह निधि सुखमा कूख सुहाई जु ॥१॥ गाम
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आज सखी सारदा | Aaj Sakhi Sarada
Sarang · सारंग · Shri Lalitaji Ki Badhai · श्री ललिताजी की बधाई
आज सखी सारदा कन्या जाई । भादों सुदि षष्टि है शुभदिन शुभनक्षत्र वर आई ॥१॥ भेरि मृदंग दुंदुभी बाजत नंद
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अतुलित प्रताप परिपूरन | Atulit Pratap Paripuran
Sarang · सारंग · Shri Baldauji Ki Badhai · श्री बलदाऊजी की बधाई
अतुलित प्रताप परिपूरन रोहिनीनंदन बिराजे माई सूरना । अति विसाल अरु करन अरुन ऐती नेन कमल मधु घूरना ॥१
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मांदल वाज्यौ री | Mandal Vajyau Ri
Sarang · सारंग · Shri Baldauji Ki Badhai · श्री बलदाऊजी की बधाई
मांदल वाज्यौ री ! ब्रजजन कें, प्रगटे श्रीबलराम । रोहिनी-कूँखि प्रगट पुरुषोत्तम ब्रजजन-मन अभिराम ॥ जो
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गोदलाल लै मंगल | Godalal Lai Mangal
Sarang · सारंग · Shri Vishakhaji Ki Badhai · श्री विशाखाजी की बधाई
गोदलाल लै मंगल गावति हमरे आँगन आई ॥१॥ भाव भरी पौढ़ी रानीजू नंदराय जगाई । चोंकि परी यह बात श्रवण सुनि
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रावल रसिक बेलि | Raval Rasik Beli
Sarang · सारंग · Shri Vishakhaji Ki Badhai · श्री विशाखाजी की बधाई
रावल रसिक बेलि नवफूली देखि कहत नहिं आवै । देवभानकें श्रीचंद्रावलि प्रगट भागिन भावै ॥१॥ ब्रजकौ भाग्य
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जनम बधाई कुँवरि | Janam Badhai Kunvari
Devagandhar · देवगंधार · Shri Radhaji Ki Badhai · श्री राधाजी की बधाई
जनम बधाई कुँवरि ललीकी । प्रगटी प्रभा अद्भुत सुगंधनी हरि अलि कंजकलीकी ॥१॥ सुमुख समूह सिहात सुनतही यह
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आज रावल में | Aaj Raval Mein
Devagandhar · देवगंधार · Shri Radhaji Ki Badhai · श्री राधाजी की बधाई
आज रावल में बजत बधाई । ढोल भेरि सहनाई शंख ध्वनि बाजत देत सुहाई ॥१॥ वह देखो वृषभान भवनमें विमल ध्वजा
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सुनियत रावल होति | Suniyat Raval Hoti
Devagandhar · देवगंधार · Shri Radhaji Ki Badhai · श्री राधाजी की बधाई
सुनियत रावल होति बधाई । प्रगट भयी वृषभान नंदनी रसिक जनन सुखदाई ॥१॥ देत दान वृषभान भवन में याचक नवनिध
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रावल राधा प्रगट | Raval Radha Pragat
Sarang · सारंग · Shri Radhaji Ki Badhai · श्री राधाजी की बधाई
रावल राधा प्रगट भई । अब ब्रजबसि सुख लेहु सखीरी प्रगटी कुँवरि रसमई ॥१॥ या निधिकों सब विधि चाहत हैं सो
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गोकुलतें गाजत बाजत | Gokulatem Gajat Bajat
Sarang · सारंग · Shri Radhaji Ki Badhai · श्री राधाजी की बधाई
गोकुलतें गाजत बाजत युवतिनके यूथ लिये नंदरानी फूलि फूलि रावलमें आई । सुनि सुनि चहुँदिशितें नारी दौरीं
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वृषभान कुंवरी राधा | Vrishabhan Kunvari Radha
Kedaro · केदारो · Shri Radhaji Ki Badhai · श्री राधाजी की बधाई
वृषभान कुंवरी राधा नामिनी । प्रगटी है मंगल मनी ब्रज जीवनकी प्राण संजीवनी अद्भुत अभिरामिनी ॥१॥ ब्रजदे
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लाड़िली सुरँग पालने | Ladili Surang Palane
Ramakali · रामकली · Shri Radhaji Ke Palna · श्री राधा जी के पलना
लाड़िली सुरँग पालने झूले । कीरति बैठि झुलावति हरखत अति आनँद मन फूले ॥१॥ सुरँग खिलौना भाँति भाँतिके प