Pushti Kirtan

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  1. आँगनमें हरि सोय गयेरी | Aanganamen Hari Soy Gayeri

    Bihag · बिहाग · Shri Krishna Ki Bal Lila · श्री कृष्णा की बाललीला

    आँगनमें हरि सोय गयेरी ॥ हरे हरे दोऊ जननी मिलिके सेज सहित तब भवन लहेरी ॥१॥ कहत रोहिणी इन्हें न जगावौ

  2. नृपति बचन यह | Nripati Bachan Yah

    Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Ki Shakatasur Vadh Lila · श्री कृष्णा की शकटासुर वध लीला

    नृपति बचन यह सबनि सुनायौ । मुहाँ चही सेनापति कीनौ शकटासुर सुनि गर्व बढ़ायौ ॥१॥ दोऊ करजोरी भयौ तब ठाड

  3. पान लै चल्यौ | Pan Lai Chalyau

    Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Ki Shakatasur Vadh Lila · श्री कृष्णा की शकटासुर वध लीला

    पान लै चल्यौ नृप आनंद किनौ । गयौ शिरनाइकें गर्व बढ़ायकें शकटको रूप धरि असुर लीनौ ॥१॥ सुनत घहरानि ब्र

  4. शोभित सुभग नंदजूकी | Shobhit Subhag Nandajuki

    Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Ki Trinavart Lila · श्री कृष्णा की तृणावर्त लीला

    शोभित सुभग नंदजूकी रानी । अति आनंद आँगनमें बैठी गोद खिलावत सारंगपानी ॥१॥ तृणावर्तकी करी सुरति जिय पठ

  5. जसुमति मन अभिलाख | Jasumati Man Abhilakh

    Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Ki Trinavart Lila · श्री कृष्णा की तृणावर्त लीला

    जसुमति मन अभिलाख करै । कब मेरौ लाल घुटरुवन रेंगे कब धरनी पग द्वैक धरै ॥१॥ कब द्वै दाँत दूधके देखों क

  6. अति विपरीत तृणावर्त | Ati Viparit Trinavart

    Suho · सुहो · Shri Krishna Ki Trinavart Lila · श्री कृष्णा की तृणावर्त लीला

    अति विपरीत तृणावर्त आयौ । बात चक्र मिस ब्रज उपर द्वै नंदपौरीके भीतर धायौ ॥१॥ पौढ़े श्याम अकेले आँगन

  7. अबकें राखि लेहु | Abake Rakhi Lehu

    Kedaron · केदारों · Shri Krishna Ki Davanal Lila · श्री कृष्णा की दावानल लीला

    अबकें राखि लेहु गोपाल । दस दिशतें प्रगट्यौ दावानल उपज्यौ है तिहिंकाल ॥१॥ पटकत वंश कंस तृण चटकत झपट ल

  8. अति कोमल तनु | Ati Komal Tanu

    Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Ki Kaliya Daman Lila · श्री कृष्णा की कालीयदमन लीला

    अति कोमल तनु धर्यो कन्हाई । गये तहाँ जहाँ काली सोवत उरगनारि देखत अकुलाई ॥१॥ कह्यो कौनकौ बालक है तू ब

  9. उरग लियौ हरिकों | Urag Liyau Harikong

    Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Ki Kaliya Daman Lila · श्री कृष्णा की कालीयदमन लीला

    उरग लियौ हरिकों लपटाई । गर्व बचन कहि कहि मुख भाखत मोकों नहिं जानत अहिराई ॥१॥ लिये लपेटि चरण तें शिखल

  10. आवत उरग नाथ्ये | Aavat Urag Nathye

    Nat · नट · Shri Krishna Ki Kaliya Daman Lila · श्री कृष्णा की कालीयदमन लीला

    आवत उरग नाथ्ये श्याम । नंद यशोदा गोपी गोपनि कहत हैं बलराम ॥१॥ मोर मुकुट विशाल लोचन श्रवन कुंडल लोल ।

  11. चंद्रभानके नव निधि | Chandrabhanake Nav Nidhi

    Sarang · सारंग · Shri Chandravaliji Ki Badhai · श्री चंद्रावलीजी की बधाई

    चंद्रभानके नव निधि आई । सुखमा कूखि अवतरी कन्या घरघर बजत बधाई ॥१॥ नाम धर्यो चंद्रावलि सुखनिधि कोटिक च

  12. आज सखी सुखमा | Aaj Sakhi Sukhma

    Sarang · सारंग · Shri Chandravaliji Ki Badhai · श्री चंद्रावलीजी की बधाई

    आज सखी सुखमा कन्या जाई । भादों सुदि पाँचे शुभ लगन चंद्रभान गृह आई ॥१॥ नामकरनकों गर्ग पराशर नारदादि स

  13. भादों सुदी पंचमी | Bhadon Sudi Panchami

    Sarang · सारंग · Shri Chandravaliji Ki Badhai · श्री चंद्रावलीजी की बधाई

    भादो सुदी पंचमी प्रगट भई सबहिनकी सुखदाई जु । श्री चन्द्रभान गोप गृह निधि सुखमा कूख सुहाई जु ॥१॥ गाम

  14. आज सखी सारदा | Aaj Sakhi Sarada

    Sarang · सारंग · Shri Lalitaji Ki Badhai · श्री ललिताजी की बधाई

    आज सखी सारदा कन्या जाई । भादों सुदि षष्टि है शुभदिन शुभनक्षत्र वर आई ॥१॥ भेरि मृदंग दुंदुभी बाजत नंद

  15. अतुलित प्रताप परिपूरन | Atulit Pratap Paripuran

    Sarang · सारंग · Shri Baldauji Ki Badhai · श्री बलदाऊजी की बधाई

    अतुलित प्रताप परिपूरन रोहिनीनंदन बिराजे माई सूरना । अति विसाल अरु करन अरुन ऐती नेन कमल मधु घूरना ॥१

  16. मांदल वाज्यौ री | Mandal Vajyau Ri

    Sarang · सारंग · Shri Baldauji Ki Badhai · श्री बलदाऊजी की बधाई

    मांदल वाज्यौ री ! ब्रजजन कें, प्रगटे श्रीबलराम । रोहिनी-कूँखि प्रगट पुरुषोत्तम ब्रजजन-मन अभिराम ॥ जो

  17. गोदलाल लै मंगल | Godalal Lai Mangal

    Sarang · सारंग · Shri Vishakhaji Ki Badhai · श्री विशाखाजी की बधाई

    गोदलाल लै मंगल गावति हमरे आँगन आई ॥१॥ भाव भरी पौढ़ी रानीजू नंदराय जगाई । चोंकि परी यह बात श्रवण सुनि

  18. रावल रसिक बेलि | Raval Rasik Beli

    Sarang · सारंग · Shri Vishakhaji Ki Badhai · श्री विशाखाजी की बधाई

    रावल रसिक बेलि नवफूली देखि कहत नहिं आवै । देवभानकें श्रीचंद्रावलि प्रगट भागिन भावै ॥१॥ ब्रजकौ भाग्य

  19. जनम बधाई कुँवरि | Janam Badhai Kunvari

    Devagandhar · देवगंधार · Shri Radhaji Ki Badhai · श्री राधाजी की बधाई

    जनम बधाई कुँवरि ललीकी । प्रगटी प्रभा अद्भुत सुगंधनी हरि अलि कंजकलीकी ॥१॥ सुमुख समूह सिहात सुनतही यह

  20. आज रावल में | Aaj Raval Mein

    Devagandhar · देवगंधार · Shri Radhaji Ki Badhai · श्री राधाजी की बधाई

    आज रावल में बजत बधाई । ढोल भेरि सहनाई शंख ध्वनि बाजत देत सुहाई ॥१॥ वह देखो वृषभान भवनमें विमल ध्वजा

  21. सुनियत रावल होति | Suniyat Raval Hoti

    Devagandhar · देवगंधार · Shri Radhaji Ki Badhai · श्री राधाजी की बधाई

    सुनियत रावल होति बधाई । प्रगट भयी वृषभान नंदनी रसिक जनन सुखदाई ॥१॥ देत दान वृषभान भवन में याचक नवनिध

  22. रावल राधा प्रगट | Raval Radha Pragat

    Sarang · सारंग · Shri Radhaji Ki Badhai · श्री राधाजी की बधाई

    रावल राधा प्रगट भई । अब ब्रजबसि सुख लेहु सखीरी प्रगटी कुँवरि रसमई ॥१॥ या निधिकों सब विधि चाहत हैं सो

  23. गोकुलतें गाजत बाजत | Gokulatem Gajat Bajat

    Sarang · सारंग · Shri Radhaji Ki Badhai · श्री राधाजी की बधाई

    गोकुलतें गाजत बाजत युवतिनके यूथ लिये नंदरानी फूलि फूलि रावलमें आई । सुनि सुनि चहुँदिशितें नारी दौरीं

  24. वृषभान कुंवरी राधा | Vrishabhan Kunvari Radha

    Kedaro · केदारो · Shri Radhaji Ki Badhai · श्री राधाजी की बधाई

    वृषभान कुंवरी राधा नामिनी । प्रगटी है मंगल मनी ब्रज जीवनकी प्राण संजीवनी अद्भुत अभिरामिनी ॥१॥ ब्रजदे

  25. लाड़िली सुरँग पालने | Ladili Surang Palane

    Ramakali · रामकली · Shri Radhaji Ke Palna · श्री राधा जी के पलना

    लाड़िली सुरँग पालने झूले । कीरति बैठि झुलावति हरखत अति आनँद मन फूले ॥१॥ सुरँग खिलौना भाँति भाँतिके प