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अहो मेरी लाड़िली | Aho Meri Ladili
Bilaval · बिलावल · Shri Radhaji Ke Palna · श्री राधा जी के पलना
अहो मेरी लाड़िली कुंवरि कंचन पालने झूले । मृदु मुसिकानि निरखि नैन सुख कीरतिजू मनही मन फूलै ॥१॥ कबहुँ
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लड़ेती पालनें झूले | Ladeti Palanem Jhule
Bilaval · बिलावल · Shri Radhaji Ke Palna · श्री राधा जी के पलना
लड़ेती पालनें झूले । रंगमहल रुचि रच्यौ विधाता निरखि निरखि मन फूलै ॥१॥ नवनिधि सिद्धि जाकी आज्ञाकारी स
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कीरति रानी पालने | Kirati Rani Palane
Asavari · आसावरी · Shri Radhaji Ke Palna · श्री राधा जी के पलना
कीरति रानी पालने झुलावै । रतन जटित को पलना वन्यौ है मोतिन जाल गुथावै ॥१॥ बिबिध भांति पाटकी डोरी हीरा
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झूली झूली राजकुमारी | Jhuli Jhuli Rajakumari
Dhanashri · धनाश्री · Shri Radhaji Ke Palna · श्री राधा जी के पलना
झूली झूली राजकुमारी छबीली प्यारी । श्रीकीरति प्रान आधार छबीली हो प्यारी ॥ सब सुंदरताकी सार छबीली हो
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नंदरायको ढाढ़ी आयो | Nandarayako Dhadhi Aayo
Ramakali · रामकली · Shri Radhaji Ke Dhadhi · श्री राधाजीके ढाढ़ी
नंदरायको ढाढ़ी आयौ । भानुराय घर सुता जनम सुनि कुँवरिको मंगल गायो ॥१॥ महाराज वृषभानु जानि यों बड़घरनी
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नाचत गावत ढाढ़ीनके | Nachat Gavat Dhadhinake
Jetashri · जेतश्री · Shri Radhaji Ke Dhadhi · श्री राधाजीके ढाढ़ी
नाचत गावत ढाढ़ीनके संग ढाढ़ी हुरक बजावै हो । सात साखि वृषभानूकी नंदराय माथो नावै हो ॥१॥ गोपिन लै संग
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हौं ढाढ़िन व्रजरानीजुकी | Haum Dhadhin Vrajaranijuki
Maru · मारु · Shri Radhaji Ke Dhadhi · श्री राधाजीके ढाढ़ी
हौं ढाढ़िन व्रजरानीजूकी कीरति जाँचन आईजू । भवन प्रकास करन कुल कन्या वृषभान नृपतिकें जाईजू ॥१॥ मम पति
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मेहेरि जू याचन | Meheri Ju Yachan
Gauri · गौरी · Shri Radhaji Ke Dhadhi · श्री राधाजीके ढाढ़ी
मेहेरि जू याचन तुमपैं आयौ । देहु बधाई मनकी भाई तिहूँ लोक यश छायौ ॥१॥ कीरति कूखि प्रगटी श्रीराधा सुनि
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बेटी भई भान | Beti Bhai Bhan
Desh · देश · Shri Radhaji Ke Dhadhi · श्री राधाजीके ढाढ़ी
बेटी भई भान के अरु नंद कें फरजंद ॥ हाँजी वाहवा हाँजी वाहवा ॥ किरतकों कन्याभई जसोदाकें कान्ह ॥हाँजी॥
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आंगन खेलिये झनक | Aangan Kheliye Jhanak
Bhairav · भैरव · Shri Radhaji Ki Bal Lila · श्री राधाजी की बाललीला
आंगन खेलिये झनक भनक । कीरति कुँवरीको देत खिलौना झुनझुना खनक खनक ॥१॥ रानीजू हरखी मन ही मन मुख निरखत छ
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खेलनके मिस कुँवरि | Khelanake Mis Kunvari
Bilaval · बिलावल · Shri Radhaji Ki Bal Lila · श्री राधाजी की बाललीला
खेलनके मिस कुँवरि राधिका नंदभुवन में आई हो। सकुचत हँसत मधुर स्वर बोली घर हैं कुँवर कन्हाई ॥१॥ सुनत श
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यह पीतपट कहाँ | Yah Pitapat Kahan
Bilaval · बिलावल · Shri Radhaji Ki Bal Lila · श्री राधाजी की बाललीला
यह पीतपट कहाँ ते पायौ। इतनी प्रीत गुप्त मोहन की तैं राधे त्रैलोक सुनायौ ॥१॥ ना याको मूल ना याको ग्रा
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श्री यमुना तट | Shri Yamuna Tat
Bilaval · बिलावल · Shri Radhaji Ki Bal Lila · श्री राधाजी की बाललीला
श्री यमुना तट खेलत देखि वृषभान गोपकी कन्या। चलो स्याम अब तुम्हें बताऊं ब्रजमें प्रकटी कोऊ अनन्या ॥१॥
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भान आंगन खेलत | Bhan Aangan Khelat
Bilaval · बिलावल · Shri Radhaji Ki Bal Lila · श्री राधाजी की बाललीला
भान आंगन खेलत जू लड़ैती। चकई बंगी फिरकी डोरी खेलत स्याम संग राधे हरख बढावती ॥१॥ ले लेहंटू कर गेंद उछ
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श्री नवनागरी प्यारी | Shri Navanagari Pyari
Bilaval · बिलावल · Shri Navanagari · श्री नवनागरी
श्री नवनागरी प्यारी तू वृन्दावनकी रानी । बिहारिन लाड़िली प्यारी तेरी कीरति जगत बखानी ॥चाल॥ जगत में ज
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हरिको वामन रूप | Hariko Vaman Rup
Dhanashri · धनाश्री · Shri Vaman Jayanti · श्री वामन जयंती
हरिको वामन रूप बनायौ ॥ नंदराय यह रूप बनायौ ॥ नंदराय यह मानी जयंति उबटि सुगंध न्हवायौ ॥१॥ शिर किरीट प
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वामन आये बलिपैं | Vaman Aaye Balipain
Dhanashri · धनाश्री · Shri Vaman Jayanti · श्री वामन जयंती
वामन आये बलिपैं माँगन ॥ अति अनूप रूप कहा कहिये ठाढ़े पौरके आँगन ॥१॥ पढ़त वेद धुनि कहत सुकंठन गावत मध
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प्रगटे श्रीवामन अवतार | Pragate Shrivaman Avatar
Sarang · सारंग · Shri Vaman Jayanti · श्री वामन जयंती
प्रगटे श्रीवामन अवतार ॥ निरख अदिति मुख करत प्रशंसा जगजीवन आधार ॥१॥ तन घनश्याम पीतपट राजत शोभित हैं भ
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राजा एक पंडित | Raja Ek Pandit
Sarang · सारंग · Shri Vaman Jayanti · श्री वामन जयंती
राजा एक पंडित पौरि तिहारी ॥ चार्यौ वेद पढ़त मुखपाटी है वामन वपुधारी ॥१॥ अपद द्विपद पशु भाषा जानत सूर
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जयति वामनाकार विस्तार | Jayati Vamanakar Vistar
Sarang · सारंग · Shri Vaman Jayanti · श्री वामन जयंती
जयति वामनाकार विस्तार सकुमार तन त्रिविक्रमा क्रांति त्रिभुवन उदारी ॥ प्रसर पदन स्वर निरभेद ब्रह्मांड
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हमारौ दान दै | Hamarau Dan Dai
Devagandhar · देवगंधार · Daan · दान
हमारौ दान दै हो गुजरैटी । बहुत दिनन चोरी दधि बेच्यौ आज अचानक भेटी ॥१॥ अति सतरात कहाधों करैगी बड़े गो
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ग्वालिनि दान हमारो | Gvalini Dan Hamaro
Devagandhar · देवगंधार · Daan · दान
ग्वालिनि दान हमारौ दीजै । अति मन मुदित होय ब्रजसुंदरि कहत लाल हँसि लीजै ॥१॥ दीजै मन मेरौ अब प्यारे
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मदनगोपाल हठीलौ री | Madanagopal Hathilau Ri
Devagandhar · देवगंधार · Daan · दान
मदनगोपाल हठीलौ री माई ॥ कौन बेर भई हम ठाड़ी रोकी कुँवर कन्हाई ॥१॥ दान लिये बिनु जान न दैहों तुम्हें
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गोरस बेचन गई | Goras Bechan Gai
Devagandhar · देवगंधार · Daan · दान
गोरस बेचन गई बिकानी हों ही । छुटि गई लाज साज नंदलाल गहि ठाढ़ी चितवत सोंहि ॥१॥ सनमुखते ऊँचे सखी इत उत
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लाल तुम पकरि | Lal Tum Pakari
Devagandhar · देवगंधार · Daan · दान
लाल तुम पकरि कैसी बानि । जबहीं हम आवत बेचन तबहीं रोकत आनि ॥१॥ मन आनंद कहत मुँह कीसी नंदनंदनसों बात ।