Pushti Kirtan

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  1. अहो मेरी लाड़िली | Aho Meri Ladili

    Bilaval · बिलावल · Shri Radhaji Ke Palna · श्री राधा जी के पलना

    अहो मेरी लाड़िली कुंवरि कंचन पालने झूले । मृदु मुसिकानि निरखि नैन सुख कीरतिजू मनही मन फूलै ॥१॥ कबहुँ

  2. लड़ेती पालनें झूले | Ladeti Palanem Jhule

    Bilaval · बिलावल · Shri Radhaji Ke Palna · श्री राधा जी के पलना

    लड़ेती पालनें झूले । रंगमहल रुचि रच्यौ विधाता निरखि निरखि मन फूलै ॥१॥ नवनिधि सिद्धि जाकी आज्ञाकारी स

  3. कीरति रानी पालने | Kirati Rani Palane

    Asavari · आसावरी · Shri Radhaji Ke Palna · श्री राधा जी के पलना

    कीरति रानी पालने झुलावै । रतन जटित को पलना वन्यौ है मोतिन जाल गुथावै ॥१॥ बिबिध भांति पाटकी डोरी हीरा

  4. झूली झूली राजकुमारी | Jhuli Jhuli Rajakumari

    Dhanashri · धनाश्री · Shri Radhaji Ke Palna · श्री राधा जी के पलना

    झूली झूली राजकुमारी छबीली प्यारी । श्रीकीरति प्रान आधार छबीली हो प्यारी ॥ सब सुंदरताकी सार छबीली हो

  5. नंदरायको ढाढ़ी आयो | Nandarayako Dhadhi Aayo

    Ramakali · रामकली · Shri Radhaji Ke Dhadhi · श्री राधाजीके ढाढ़ी

    नंदरायको ढाढ़ी आयौ । भानुराय घर सुता जनम सुनि कुँवरिको मंगल गायो ॥१॥ महाराज वृषभानु जानि यों बड़घरनी

  6. नाचत गावत ढाढ़ीनके | Nachat Gavat Dhadhinake

    Jetashri · जेतश्री · Shri Radhaji Ke Dhadhi · श्री राधाजीके ढाढ़ी

    नाचत गावत ढाढ़ीनके संग ढाढ़ी हुरक बजावै हो । सात साखि वृषभानूकी नंदराय माथो नावै हो ॥१॥ गोपिन लै संग

  7. हौं ढाढ़िन व्रजरानीजुकी | Haum Dhadhin Vrajaranijuki

    Maru · मारु · Shri Radhaji Ke Dhadhi · श्री राधाजीके ढाढ़ी

    हौं ढाढ़िन व्रजरानीजूकी कीरति जाँचन आईजू । भवन प्रकास करन कुल कन्या वृषभान नृपतिकें जाईजू ॥१॥ मम पति

  8. मेहेरि जू याचन | Meheri Ju Yachan

    Gauri · गौरी · Shri Radhaji Ke Dhadhi · श्री राधाजीके ढाढ़ी

    मेहेरि जू याचन तुमपैं आयौ । देहु बधाई मनकी भाई तिहूँ लोक यश छायौ ॥१॥ कीरति कूखि प्रगटी श्रीराधा सुनि

  9. बेटी भई भान | Beti Bhai Bhan

    Desh · देश · Shri Radhaji Ke Dhadhi · श्री राधाजीके ढाढ़ी

    बेटी भई भान के अरु नंद कें फरजंद ॥ हाँजी वाहवा हाँजी वाहवा ॥ किरतकों कन्याभई जसोदाकें कान्ह ॥हाँजी॥

  10. आंगन खेलिये झनक | Aangan Kheliye Jhanak

    Bhairav · भैरव · Shri Radhaji Ki Bal Lila · श्री राधाजी की बाललीला

    आंगन खेलिये झनक भनक । कीरति कुँवरीको देत खिलौना झुनझुना खनक खनक ॥१॥ रानीजू हरखी मन ही मन मुख निरखत छ

  11. खेलनके मिस कुँवरि | Khelanake Mis Kunvari

    Bilaval · बिलावल · Shri Radhaji Ki Bal Lila · श्री राधाजी की बाललीला

    खेलनके मिस कुँवरि राधिका नंदभुवन में आई हो। सकुचत हँसत मधुर स्वर बोली घर हैं कुँवर कन्हाई ॥१॥ सुनत श

  12. यह पीतपट कहाँ | Yah Pitapat Kahan

    Bilaval · बिलावल · Shri Radhaji Ki Bal Lila · श्री राधाजी की बाललीला

    यह पीतपट कहाँ ते पायौ। इतनी प्रीत गुप्त मोहन की तैं राधे त्रैलोक सुनायौ ॥१॥ ना याको मूल ना याको ग्रा

  13. श्री यमुना तट | Shri Yamuna Tat

    Bilaval · बिलावल · Shri Radhaji Ki Bal Lila · श्री राधाजी की बाललीला

    श्री यमुना तट खेलत देखि वृषभान गोपकी कन्या। चलो स्याम अब तुम्हें बताऊं ब्रजमें प्रकटी कोऊ अनन्या ॥१॥

  14. भान आंगन खेलत | Bhan Aangan Khelat

    Bilaval · बिलावल · Shri Radhaji Ki Bal Lila · श्री राधाजी की बाललीला

    भान आंगन खेलत जू लड़ैती। चकई बंगी फिरकी डोरी खेलत स्याम संग राधे हरख बढावती ॥१॥ ले लेहंटू कर गेंद उछ

  15. श्री नवनागरी प्यारी | Shri Navanagari Pyari

    Bilaval · बिलावल · Shri Navanagari · श्री नवनागरी

    श्री नवनागरी प्यारी तू वृन्दावनकी रानी । बिहारिन लाड़िली प्यारी तेरी कीरति जगत बखानी ॥चाल॥ जगत में ज

  16. हरिको वामन रूप | Hariko Vaman Rup

    Dhanashri · धनाश्री · Shri Vaman Jayanti · श्री वामन जयंती

    हरिको वामन रूप बनायौ ॥ नंदराय यह रूप बनायौ ॥ नंदराय यह मानी जयंति उबटि सुगंध न्हवायौ ॥१॥ शिर किरीट प

  17. वामन आये बलिपैं | Vaman Aaye Balipain

    Dhanashri · धनाश्री · Shri Vaman Jayanti · श्री वामन जयंती

    वामन आये बलिपैं माँगन ॥ अति अनूप रूप कहा कहिये ठाढ़े पौरके आँगन ॥१॥ पढ़त वेद धुनि कहत सुकंठन गावत मध

  18. प्रगटे श्रीवामन अवतार | Pragate Shrivaman Avatar

    Sarang · सारंग · Shri Vaman Jayanti · श्री वामन जयंती

    प्रगटे श्रीवामन अवतार ॥ निरख अदिति मुख करत प्रशंसा जगजीवन आधार ॥१॥ तन घनश्याम पीतपट राजत शोभित हैं भ

  19. राजा एक पंडित | Raja Ek Pandit

    Sarang · सारंग · Shri Vaman Jayanti · श्री वामन जयंती

    राजा एक पंडित पौरि तिहारी ॥ चार्यौ वेद पढ़त मुखपाटी है वामन वपुधारी ॥१॥ अपद द्विपद पशु भाषा जानत सूर

  20. जयति वामनाकार विस्तार | Jayati Vamanakar Vistar

    Sarang · सारंग · Shri Vaman Jayanti · श्री वामन जयंती

    जयति वामनाकार विस्तार सकुमार तन त्रिविक्रमा क्रांति त्रिभुवन उदारी ॥ प्रसर पदन स्वर निरभेद ब्रह्मांड

  21. हमारौ दान दै | Hamarau Dan Dai

    Devagandhar · देवगंधार · Daan · दान

    हमारौ दान दै हो गुजरैटी । बहुत दिनन चोरी दधि बेच्यौ आज अचानक भेटी ॥१॥ अति सतरात कहाधों करैगी बड़े गो

  22. ग्वालिनि दान हमारो | Gvalini Dan Hamaro

    Devagandhar · देवगंधार · Daan · दान

    ग्वालिनि दान हमारौ दीजै । अति मन मुदित होय ब्रजसुंदरि कहत लाल हँसि लीजै ॥१॥ दीजै मन मेरौ अब प्यारे

  23. मदनगोपाल हठीलौ री | Madanagopal Hathilau Ri

    Devagandhar · देवगंधार · Daan · दान

    मदनगोपाल हठीलौ री माई ॥ कौन बेर भई हम ठाड़ी रोकी कुँवर कन्हाई ॥१॥ दान लिये बिनु जान न दैहों तुम्हें

  24. गोरस बेचन गई | Goras Bechan Gai

    Devagandhar · देवगंधार · Daan · दान

    गोरस बेचन गई बिकानी हों ही । छुटि गई लाज साज नंदलाल गहि ठाढ़ी चितवत सोंहि ॥१॥ सनमुखते ऊँचे सखी इत उत

  25. लाल तुम पकरि | Lal Tum Pakari

    Devagandhar · देवगंधार · Daan · दान

    लाल तुम पकरि कैसी बानि । जबहीं हम आवत बेचन तबहीं रोकत आनि ॥१॥ मन आनंद कहत मुँह कीसी नंदनंदनसों बात ।