Pushti Kirtan

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  1. आये भोर जिस | Aaye Bhor Jis

    Kaphi · काफी · Dvitiya Patotsav - Dol Utsav Ke Dusare Din · द्वितीया पाटोत्सव - डोल उत्सव के दूसरे दिन

    आये भोर जिस कहाँ रहे रंगभीनेहो ॥ भली किनी भले आये प्रातः बाल रंगभीनेहो ॥१॥ बाकी पाग पेंच ऊरझे प्रीत

  2. ठाडे कुंज द्वार | Thade Kunj Dvar

    Khat · खट · Gangaur · गनगोर

    ठाडे कुंज द्वार पीय प्यारी करत परस्पर हसहस बतीयां ॥ रंगीली तीज गनगोर भोर सज आईं घर घर तें सब सखीयां

  3. कहत जसोदा सब | Kahat Jasoda Sab

    Sarang · सारंग · Gangaur · गनगोर

    कहत जसोदा सब सखीयन सों आवो बैठो मंगल गावो ॥ हे गनगोरकी तीज रंगीली मदन मोहनकों लाड लडावो ॥१॥ ललिता चन

  4. अरवीलो गरवीलो रंगीलो | Aravilo Garavilo Rangilo

    Bilaval · बिलावल · Gangaur · गनगोर

    अरवीलो गरवीलो रंगीलो छबीलो कान्ह करि के सिंगार ठाढौ देखो सखी कुँजद्वार । वाम भाग राधा प्यारी ओढे चुन

  5. भोर निकुंज भवन | Bhor Nikunj Bhavan

    Bilaval · बिलावल · Gangaur · गनगोर

    भोर निकुंज भवन पिय प्यारी करत परस्पर हँसि-हँसि बतियाँ । बाजत बीन पखावज अधोटी गावति चतुर ताल दै सखिया

  6. कमल दल चंद | Kamal Dal Chand

    Nur Sarang · नूर सारंग · Gangaur · गनगोर

    कमल दल चंद वदनी मृगनेनी ॥ ललिता विशाखा बनि बनि निकसीं फूलन गुहीहें बेनी ॥१ ॥ हंस चकोर कोकिला मृगगण ब

  7. क्यों बेठी राधे | Kyom Bethi Radhe

    Sarang · सारंग · Gangaur Ke Din Chhak · गनगोर के दिन छाक

    क्यों बेठी राधे सुकुमारी ।। बूझतहे व्रज जानके महेरी क्यों जेंबत बाबाकीथारी ।।१।। आज हमारो गोरी व्रत

  8. फूल गई वृषभान | Phul Gai Vrishabhan

    Sarang · सारंग · Gangaur Ke Din Chhak · गनगोर के दिन छाक

    फूल गई वृषभान दुलारी ।। पहेले तो निरखत नेनन भर क्यों पूजों एकांतन न्यारी ।।१।। कर अंजन नेनन दे मोहन

  9. बैठि रही राधे | Baithi Rahi Radhe

    Sarang · सारंग · Gangaur Ke Din Chhak · गनगोर के दिन छाक

    बैठि रही राधे सकुमारी । बूझति है वृषभानु की महरी क्यों न जेंवति बाबा की प्यारी ।।१।। आजु हमारें गौरी

  10. प्रकटी सूरज सुता | Prakati Suraj Suta

    Bilaval · बिलावल · Shri Yamunaji Ki Badhai · श्री यमुनाजी की बधाई

    प्रकटी सूरज सुता अधम उधारनकों को कहे महिमा जाकी ॥ छठी उजियारी चैत्रमासकी उपजी वेलि सुधाकी ॥१॥ पटरानी

  11. जयजय श्रीयमुना आनंद | Jayjay Shriyamuna Anand

    Bilaval · बिलावल · Shri Yamunaji Ki Badhai · श्री यमुनाजी की बधाई

    जयजय श्रीयमुना आनंद कंदिनी ॥ दरशपरश त्रिविध ताप जात दुख निकंदिनी ॥१॥ अंगअंग छबि तरंग शोभा सिंधुनी ॥

  12. जयजय श्रीसूरजा कलिन्द | Jayjay Shrisuraja Kalind

    Bilaval · बिलावल · Shri Yamunaji Ki Badhai · श्री यमुनाजी की बधाई

    जयजय श्रीसूरजा कलिन्द नंदिनी ॥ गुल्मलता तरुसुवास कुंज कुसुम मोद मत्त गुंजत अलि सुभग पुलिन वायु मंदिन

  13. वधावनो हेली भानके | Vadhavano Heli Bhanake

    Todi · टोडी · Shri Yamunaji Ki Badhai · श्री यमुनाजी की बधाई

    वधावनो हेली भानके आज जन्मीहे जीवन मूल ॥ध्रु०॥ धन्य धन्य संजा कूंख सजनी धन्य धन्य दिन ए जाम ॥ प्रकटी

  14. दिनकर घर आनन्द | Dinkar Ghar Anand

    Asavari · आसावरी · Shri Yamunaji Ki Badhai · श्री यमुनाजी की बधाई

    दिनकर घर आनन्द उदित बढ्यो अति चलि सखी आज वधावें ॥ प्रकट भई यमुना जगतारण सब मिलि मंगल गावें ॥१॥ धन्य

  15. मेरे रामलला को | Mere Ramlala Ko

    Ramakali · रामकली · Shri Ram Navami Ki Badhai · श्री राम नवमी की बधाई

    मेरे रामलला को सोहिलो सुन नाचो सुर नर नारीहो ॥ उमग उमग आनंदमें डोलें तन मन धन सब वारीहो ॥१॥ गृहगृहते

  16. नौमिके दिन नोबत | Naumike Din Nobat

    Bilaval · बिलावल · Shri Ram Navami Ki Badhai · श्री राम नवमी की बधाई

    नौमिके दिन नोबत बाजे कौशल्या सुत जायो ॥ सातघरी दिन उदित भयोहे सब सखियन मंगल गायो ॥१॥ कांप्यो सिंधु क

  17. सोहिलो सुहायो आज | Sohilo Suhayo Aaj

    Bilaval · बिलावल · Shri Ram Navami Ki Badhai · श्री राम नवमी की बधाई

    सोहिलो सुहायो आज ॥ घरघर मंगल होत अवधपुर भयेहें मनोरथ काज ॥१॥ फूली फिरत सुवासिन दाई अति आनंद महाराज ॥

  18. राम जन्म मानत | Ram Janma Manat

    Bilaval · बिलावल · Shri Ram Navami Ki Badhai · श्री राम नवमी की बधाई

    राम जन्म मानत नंदराई । प्रथम फुलेल उबटनों सोंधो यह बिध लाल न्हवाई ॥१॥ रंग केसर वागो कुलही आभूषण पहिर

  19. आज महामंगल कौशलपुर | Aaj Mahamangal Kaushalapur

    Bilaval · बिलावल · Shri Ram Navami Ki Badhai · श्री राम नवमी की बधाई

    आज महामंगल कौशलपुर सुन नृपकें सुत चार भये ॥ सदन सदन सोहिलो सुहायो नभ ओर नगर निसान हये ॥१॥ अति सुख वे

  20. झूलत रामपालने सोहें | Jhoolat Rampalane Sohain

    Bilaval · बिलावल · Shri Ram Navami Ke Palna · श्री राम नवमी के पालना

    झूलत रामपालने सोहें ॥ भुरिभाग्य जननी जनजोहें ॥१॥ तन मृदुमंजुलमेचकताई ॥ झलकत चाल विभुषण झांई ॥२॥ अधर

  21. श्रीरघुनाथ पालने झूले | Shriraghunath Palane Jhule

    Bilaval · बिलावल · Shri Ram Navami Ke Palna · श्री राम नवमी के पालना

    श्रीरघुनाथ पालने झूले कौसल्या गुण गावे ॥ बल अवतार देवमुनि वंदित राजीवलोचन भावे ॥१॥ राजा दशरथ पलना गढ

  22. कनक रतन मय | Kanak Ratan May

    Bilaval · बिलावल · Shri Ram Navami Ke Palna · श्री राम नवमी के पालना

    कनक रतन मय पालनो रच्यो मारु सुत्रधार ॥ विविध खिलौना किंकिनी मंजुल मुक्ताहार ॥ रघुकुल मंडनराम रामललाह

  23. रामकृष्ण ऊठ कहीयें | Ramakrishna Uth Kahiyem

    Vibhas · विभास · Shri Ram Ki Bal Lila · श्री राम की बाल लीला

    रामकृष्ण ऊठ कहीयें भोर ॥ यह अवधेश वे व्रजजनजीवन यह धनुष धरन वे माखन चोर ॥१॥ इनकें चमर छत्र शिर सोहें

  24. सुभग सेज शोभित | Subhag Sej Shobhit

    Bilaval · बिलावल · Shri Ram Ki Bal Lila · श्री राम की बाल लीला

    सुभग सेज शोभित कौशल्या रुचिर रामशिशु गोदलियें ॥ बाललीला गावत हुलरावत पुलकित प्रेम पीयूष पियें ॥१॥ कब

  25. कोंसल्या रघुनाथकों ले | Komsalya Raghunathakom Le

    Bilaval · बिलावल · Shri Ram Ki Bal Lila · श्री राम की बाल लीला

    कोंसल्या रघुनाथकों ले गोद खिलावे ॥ सुंदर वदन निहारकें हँस कंठ लगावे ॥१॥ पीत झंगुलिया तनलसे पग नूपुर