Pushti Kirtan

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  1. आभूषण अंगअंग तेऊ | Aabhushan Angang Teu

    Sarang · सारंग · Dashahara Maan · दशहरा मान

    आभूषण अंगअंग तेऊ अनुचर संग रूप भूप लीयें राजत शोभा पाय ॥ नवयौवन छत्र धरें सौभगता चमर ढरें गर्व सिंहा

  2. बेग चलि साजि | Vegh Chali Saji

    Kedaro · केदारो · Dashahara Maan · दशहरा मान

    बेग चलि साजि दल चतुर चंद्रावली । कसब कंचुकी बंद राखि आनन्दकन्द नंदनंदनकुंवर मिलन को दावरी ॥१॥ नैन पं

  3. चोवा में चहल | Chova Men Chahal

    Vibhas · विभास · Dashahara Ke Dusare Din Mangala · दशहरा के दूसरे दिन मंगला

    चोवा में चहल रहे हौ लालन कहाँ कहाँ गये रात दशहरा मनावन ॥ एकतें एक सुधर घोष नारी तुमतौ छैल गिरिधारी स

  4. हाहा हो हरि | Haha Ho Hari

    Bhairav · भैरव · Raas · रास

    हाहा हो हरि नृत्य करौ ॥ जैसें कर मैं तुमहि रिझाऊँ त्यौं मेरौ मन तुमहुँ हरौ ॥१॥ तुम जैसें श्रम बाहु क

  5. सुधंग नाचत नवल | Sudhang Nachat Naval

    Bhairav · भैरव · Raas · रास

    सुधंग नाचत नवल किशोरी ॥ थेईथेई करत चाहत प्रीतम दिश बदन चंद मानों तृषित चकोरी ॥१॥ तान बंधान मानमें भा

  6. बन्यो रास मंडलमें | Banyo Ras Mandalmen

    Todi · टोडी · Raas · रास

    बनयौ रास मंडलमें माधौ गतिमें गत उपजावें हो ॥ कर कंकण झनकार मनोहर प्रमुदित वेणु बजावै हो ॥१॥ श्याम सु

  7. रुचिर रमित रचि | Ruchir Ramit Rachi

    Todi · टोडी · Raas · रास

    रुचिर रमित रचि रासं ॥ कुसुमित कानन सम द्रुमवेली निजकृत उडुप प्रकाश ॥१॥ युवती युगल युगल प्रति माधौ कर

  8. शरद उजियारी कैसी | Sharad Ujiyari Kaisi

    Kedaro · केदारो · Raas · रास

    शरद उजियारी कैसी नीकी लागै निकस कुंजतें ठाढ़े ॥ बरन बरन फूल फूलनके आभूषण सोंधे भींजे बागे ॥१॥ गावत र

  9. यशोदा मदनगोपाल बुलावे | Yashoda Madangopal Bulave

    Devagandhar · देवगंधार · Dhanteras · धनतेरस

    यशोदा मदनगोपाल बुलावे ॥ धनतेरस आवो मेरे प्यारे ले उछंग हुलरावे ॥१॥ हरीजरी वागा बहु भूषण रुचिसों बहुत

  10. प्यारी अपनो धन | Pyari Apano Dhan

    Devagandhar · देवगंधार · Dhanteras · धनतेरस

    प्यारी अपनो धन जो संभारे ॥ वारंवार देख नयननसों लेजु हृदयमें धारे ॥१॥ रुचिसों सरस संभारत पियकों आभूषण

  11. धनतेरस दिन अति | Dhanteras Din Ati

    Devagandhar · देवगंधार · Dhanteras · धनतेरस

    धनतेरस दिन अति सुखदाई ॥ राधा मन अतिमोद बढ्यो हे मनमोहन धनपाई ॥१॥ राखत प्रीति सहित हृदयमें गुरुजन लाज

  12. आज माई धन | Aaj Mai Dhan

    Devagandhar · देवगंधार · Dhanteras · धनतेरस

    आज माई धन धोवत नंदरानी ॥ कार्तिक वदि तेरस दिन उत्तम गावत मधुरी बानी ॥१॥ नवसत साज सिंगार अनूपम करत आप

  13. दूधसो स्नान करो | Dudhso Snan Karo

    Bilaval · बिलावल · Dhanteras · धनतेरस

    दूधसो स्नान करो मन मोहन छोटी दिवारी काल मनाये ॥ करो सिंगार लाल तन वागो कुल्हे जरकसी सीस धराये ॥१॥ जे

  14. धनतेरस रानी धन | Dhanteras Rani Dhan

    Bilaval · बिलावल · Dhanteras · धनतेरस

    धनतेरस रानी धन धोवति। गर्ग बुलाई वेद-विधि पूजति ठौर-ठौर घृत-दीप संजोवति ॥ धूप दीप नैवेद्य भोग धरि स्

  15. न्हात बलकुंवर कुंवर | Nhat Balkunvar Kunvar

    Devagandhar · देवगंधार · Rup Chaturdashi Abhyang · रूपचतुर्दशी अभ्यंग

    न्हात बलकुंवर कुंवर गिरिधारी ॥ जसुमति तिलक करत मुख चुंबत आरती नवल उतारी ॥१॥ आनंद राय सहित गोप सब नंद

  16. आज न्हाओ मेरे | Aaj Nhao Mere

    Devagandhar · देवगंधार · Rup Chaturdashi Abhyang · रूपचतुर्दशी अभ्यंग

    आज न्हाओ मेरे कुँवर कन्हैया मानी काल दिवारी ॥ अति सुगंध केसर उबटनों नये वसन सुखकारी ॥१॥ कछु खाओ पकवा

  17. न्हात बलदाऊ कुंवर | Nhat Baldau Kunvar

    Devagandhar · देवगंधार · Rup Chaturdashi Abhyang · रूपचतुर्दशी अभ्यंग

    न्हात बलदाऊ कुंवर कन्हाई ॥ अति सुगंध केसर कस्तूरी जलमें घोर मिलाई ॥१॥ रत्नजटित आभूषण वस्तर व्रजरानी

  18. बलन्हाये तैसें लालन | Balnhaye Taisen Lalan

    Devagandhar · देवगंधार · Rup Chaturdashi Abhyang · रूपचतुर्दशी अभ्यंग

    बलन्हाये तैसें लालन न्हैयें ॥ उवटे अंग कित फिरतहो धाये कमल नयन बलजैयें ॥१॥ न्हाओन तातोपानी सीयरो समो

  19. न्हाववत सुतकों नंदरानी | Nhavavat Sutkon Nandrani

    Devagandhar · देवगंधार · Rup Chaturdashi Abhyang · रूपचतुर्दशी अभ्यंग

    न्हाववत सुतकों नंदरानी ॥ मानत पर्व रूपचौदसको तिलक उवटनो कर हरखानी ॥१॥ वस्त्र लालजरी आभूषण पहरावत रुच

  20. लालतुम आछे लेहुखिलोना | Laltum Aachhe Lehukhilona

    Ramakali · रामकली · Rup Chaturdashi Abhyang · रूपचतुर्दशी अभ्यंग

    लालतुम आछे लेहुखिलोना ॥ यह मिस ठानि न्हवावन बेठी रोवो जिनमेरे छोना ॥१॥ अंगफुलेल उबटनो चुपर्यो तिलक द

  21. आज दिवारी बडो | Aaj Divari Bado

    Bilaval · बिलावल · Diwali · दीवारी

    आज दिवारी बडो परब घर ॥ कहत जसोदा सुनहु लालतुम लेलकुटी खेलो अपने कर ॥१॥ प्रथम न्हाओ आछे सोधे सों गुहि

  22. आज दिवारी मंगल | Aaj Divari Mangal

    Bilaval · बिलावल · Diwali · दीवारी

    आज दिवारी मंगल चार ॥ व्रजयुवति मिल मंगल गावत चोक पुरावत आंगन द्वार ॥१॥ मधु मेवा पकवान मिठाई भरि भरिल

  23. घरी एक छांडो | Ghari Ek Chhando

    Bilaval · बिलावल · Diwali · दीवारी

    घरी एक छांडो तात विहार ॥ रामकृष्ण तुम दोऊ भैया आवो बैठो करो शृंगार ॥१॥ यशोमति कहतहे आज अमावस दीपमालि

  24. बड़ो पर्व त्यौहार | Bado Parv Tyauhar

    Bilaval · बिलावल · Diwali · दीवारी

    बड़ो पर्व त्यौहार दीवारी ॥ विविध शृंगार कियो लरिकन को रोरी तिलक सोहत रनी भारी ॥१॥ कंचन थाल साज ब्रज

  25. यह दीवारी वरस | Yah Divari Varas

    Sarang · सारंग · Diwali · दीवारी

    यह दीवारी वरस दीवारी तुमकों नित्य नित्य आवो ॥ नंदराय नंदरानी यह ढोटा पूजें अति सुख पावो ॥१॥ पुजवो मन