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आभूषण अंगअंग तेऊ | Aabhushan Angang Teu
Sarang · सारंग · Dashahara Maan · दशहरा मान
आभूषण अंगअंग तेऊ अनुचर संग रूप भूप लीयें राजत शोभा पाय ॥ नवयौवन छत्र धरें सौभगता चमर ढरें गर्व सिंहा
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बेग चलि साजि | Vegh Chali Saji
Kedaro · केदारो · Dashahara Maan · दशहरा मान
बेग चलि साजि दल चतुर चंद्रावली । कसब कंचुकी बंद राखि आनन्दकन्द नंदनंदनकुंवर मिलन को दावरी ॥१॥ नैन पं
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चोवा में चहल | Chova Men Chahal
Vibhas · विभास · Dashahara Ke Dusare Din Mangala · दशहरा के दूसरे दिन मंगला
चोवा में चहल रहे हौ लालन कहाँ कहाँ गये रात दशहरा मनावन ॥ एकतें एक सुधर घोष नारी तुमतौ छैल गिरिधारी स
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हाहा हो हरि | Haha Ho Hari
Bhairav · भैरव · Raas · रास
हाहा हो हरि नृत्य करौ ॥ जैसें कर मैं तुमहि रिझाऊँ त्यौं मेरौ मन तुमहुँ हरौ ॥१॥ तुम जैसें श्रम बाहु क
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सुधंग नाचत नवल | Sudhang Nachat Naval
Bhairav · भैरव · Raas · रास
सुधंग नाचत नवल किशोरी ॥ थेईथेई करत चाहत प्रीतम दिश बदन चंद मानों तृषित चकोरी ॥१॥ तान बंधान मानमें भा
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बन्यो रास मंडलमें | Banyo Ras Mandalmen
Todi · टोडी · Raas · रास
बनयौ रास मंडलमें माधौ गतिमें गत उपजावें हो ॥ कर कंकण झनकार मनोहर प्रमुदित वेणु बजावै हो ॥१॥ श्याम सु
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रुचिर रमित रचि | Ruchir Ramit Rachi
Todi · टोडी · Raas · रास
रुचिर रमित रचि रासं ॥ कुसुमित कानन सम द्रुमवेली निजकृत उडुप प्रकाश ॥१॥ युवती युगल युगल प्रति माधौ कर
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शरद उजियारी कैसी | Sharad Ujiyari Kaisi
Kedaro · केदारो · Raas · रास
शरद उजियारी कैसी नीकी लागै निकस कुंजतें ठाढ़े ॥ बरन बरन फूल फूलनके आभूषण सोंधे भींजे बागे ॥१॥ गावत र
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यशोदा मदनगोपाल बुलावे | Yashoda Madangopal Bulave
Devagandhar · देवगंधार · Dhanteras · धनतेरस
यशोदा मदनगोपाल बुलावे ॥ धनतेरस आवो मेरे प्यारे ले उछंग हुलरावे ॥१॥ हरीजरी वागा बहु भूषण रुचिसों बहुत
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प्यारी अपनो धन | Pyari Apano Dhan
Devagandhar · देवगंधार · Dhanteras · धनतेरस
प्यारी अपनो धन जो संभारे ॥ वारंवार देख नयननसों लेजु हृदयमें धारे ॥१॥ रुचिसों सरस संभारत पियकों आभूषण
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धनतेरस दिन अति | Dhanteras Din Ati
Devagandhar · देवगंधार · Dhanteras · धनतेरस
धनतेरस दिन अति सुखदाई ॥ राधा मन अतिमोद बढ्यो हे मनमोहन धनपाई ॥१॥ राखत प्रीति सहित हृदयमें गुरुजन लाज
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आज माई धन | Aaj Mai Dhan
Devagandhar · देवगंधार · Dhanteras · धनतेरस
आज माई धन धोवत नंदरानी ॥ कार्तिक वदि तेरस दिन उत्तम गावत मधुरी बानी ॥१॥ नवसत साज सिंगार अनूपम करत आप
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दूधसो स्नान करो | Dudhso Snan Karo
Bilaval · बिलावल · Dhanteras · धनतेरस
दूधसो स्नान करो मन मोहन छोटी दिवारी काल मनाये ॥ करो सिंगार लाल तन वागो कुल्हे जरकसी सीस धराये ॥१॥ जे
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धनतेरस रानी धन | Dhanteras Rani Dhan
Bilaval · बिलावल · Dhanteras · धनतेरस
धनतेरस रानी धन धोवति। गर्ग बुलाई वेद-विधि पूजति ठौर-ठौर घृत-दीप संजोवति ॥ धूप दीप नैवेद्य भोग धरि स्
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न्हात बलकुंवर कुंवर | Nhat Balkunvar Kunvar
Devagandhar · देवगंधार · Rup Chaturdashi Abhyang · रूपचतुर्दशी अभ्यंग
न्हात बलकुंवर कुंवर गिरिधारी ॥ जसुमति तिलक करत मुख चुंबत आरती नवल उतारी ॥१॥ आनंद राय सहित गोप सब नंद
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आज न्हाओ मेरे | Aaj Nhao Mere
Devagandhar · देवगंधार · Rup Chaturdashi Abhyang · रूपचतुर्दशी अभ्यंग
आज न्हाओ मेरे कुँवर कन्हैया मानी काल दिवारी ॥ अति सुगंध केसर उबटनों नये वसन सुखकारी ॥१॥ कछु खाओ पकवा
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न्हात बलदाऊ कुंवर | Nhat Baldau Kunvar
Devagandhar · देवगंधार · Rup Chaturdashi Abhyang · रूपचतुर्दशी अभ्यंग
न्हात बलदाऊ कुंवर कन्हाई ॥ अति सुगंध केसर कस्तूरी जलमें घोर मिलाई ॥१॥ रत्नजटित आभूषण वस्तर व्रजरानी
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बलन्हाये तैसें लालन | Balnhaye Taisen Lalan
Devagandhar · देवगंधार · Rup Chaturdashi Abhyang · रूपचतुर्दशी अभ्यंग
बलन्हाये तैसें लालन न्हैयें ॥ उवटे अंग कित फिरतहो धाये कमल नयन बलजैयें ॥१॥ न्हाओन तातोपानी सीयरो समो
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न्हाववत सुतकों नंदरानी | Nhavavat Sutkon Nandrani
Devagandhar · देवगंधार · Rup Chaturdashi Abhyang · रूपचतुर्दशी अभ्यंग
न्हाववत सुतकों नंदरानी ॥ मानत पर्व रूपचौदसको तिलक उवटनो कर हरखानी ॥१॥ वस्त्र लालजरी आभूषण पहरावत रुच
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लालतुम आछे लेहुखिलोना | Laltum Aachhe Lehukhilona
Ramakali · रामकली · Rup Chaturdashi Abhyang · रूपचतुर्दशी अभ्यंग
लालतुम आछे लेहुखिलोना ॥ यह मिस ठानि न्हवावन बेठी रोवो जिनमेरे छोना ॥१॥ अंगफुलेल उबटनो चुपर्यो तिलक द
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आज दिवारी बडो | Aaj Divari Bado
Bilaval · बिलावल · Diwali · दीवारी
आज दिवारी बडो परब घर ॥ कहत जसोदा सुनहु लालतुम लेलकुटी खेलो अपने कर ॥१॥ प्रथम न्हाओ आछे सोधे सों गुहि
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आज दिवारी मंगल | Aaj Divari Mangal
Bilaval · बिलावल · Diwali · दीवारी
आज दिवारी मंगल चार ॥ व्रजयुवति मिल मंगल गावत चोक पुरावत आंगन द्वार ॥१॥ मधु मेवा पकवान मिठाई भरि भरिल
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घरी एक छांडो | Ghari Ek Chhando
Bilaval · बिलावल · Diwali · दीवारी
घरी एक छांडो तात विहार ॥ रामकृष्ण तुम दोऊ भैया आवो बैठो करो शृंगार ॥१॥ यशोमति कहतहे आज अमावस दीपमालि
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बड़ो पर्व त्यौहार | Bado Parv Tyauhar
Bilaval · बिलावल · Diwali · दीवारी
बड़ो पर्व त्यौहार दीवारी ॥ विविध शृंगार कियो लरिकन को रोरी तिलक सोहत रनी भारी ॥१॥ कंचन थाल साज ब्रज
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यह दीवारी वरस | Yah Divari Varas
Sarang · सारंग · Diwali · दीवारी
यह दीवारी वरस दीवारी तुमकों नित्य नित्य आवो ॥ नंदराय नंदरानी यह ढोटा पूजें अति सुख पावो ॥१॥ पुजवो मन