Pushti Kirtan

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  1. अपने लालके गुन गाऊँ | Apane Lalake Gun Gaun

    Ramakali · रामकली · Shri Krishna Kulhe · श्री कृष्णा कुल्हे

    अपने लालके गुन गाऊँ । तुम झूलौ हौं हरखि झुलाऊँ प्रेम कलोलन जाऊँ ॥१॥ नखशिख लौं सिंगार बनाऊँ भाल डिठौन

  2. तुम ब्रजरानीके लाला | Tum Brajaranike Lala

    Asavari · आसावरी · Shri Krishna Kulhe · श्री कृष्णा कुल्हे

    तुम ब्रजरानीके लाला । अहो दधि मथति सुहाई के लाला ॥ध्रु॥ दिव्य कनककौ पालनों लाल रतन जटित नगहीर । गजमो

  3. हे दैया मतवाला जोगी | He Daiya Matavala Jogi

    Asavari · आसावरी · Shri Krishna Jogi Lila · श्री कृष्णा जोगीलीला

    हे दैया मतवाला जोगी द्वारे मेरे आया है । जटाजूट शिर गंग बिराजत त्रैलोचन मन भाया है । वृषभ ऊपर असवार

  4. आयो है अवधूत जोगी | Aayo Hai Avadhut Jogi

    Asavari · आसावरी · Shri Krishna Jogi Lila · श्री कृष्णा जोगीलीला

    आयो है अबधूत जोगी कन्हैया दिखलावै हो माई ॥ध्रुं॥ हाथ त्रिशूल दूजे कर डमरु सिंगीनाद बजावै । जटा जूटमे

  5. बाला मैं जोगी जस | Bala Main Jogi Jas

    Asavari · आसावरी · Shri Krishna Jogi Lila · श्री कृष्णा जोगीलीला

    बाला मैं जोगी जस गाया । धन्य जसुमति तेरे तनकों जिन ऐसा सुत जाया ॥१॥ गुनन बड़ौ छोटी जिन जानौ अलख पुरुष

  6. काहु जोगियाकी दृष्टि लागी | Kahu Jogiyaki Drishti Lagi

    Asavari · आसावरी · Shri Krishna Jogi Lila · श्री कृष्णा जोगीलीला

    काहु जोगियाकी दृष्टि लागी कन्हैया मेरो रोवै हो माई । घरघर पूँछत फिरत जसोदा दूध पीवै ना सोवै ॥१॥ कहाँ

  7. काहू जोगियाकी नजर लागी | Kahu Jogiyaki Nazar Lagi

    Asavari · आसावरी · Shri Krishna Jogi Lila · श्री कृष्णा जोगीलीला

    काहू जोगियाकी नजर लागी मेरौ बारौ कान्ह रोवै । घर घर हाथ दिखावै यशोदा दूध पीवै नहीं सोवै ॥१॥ चार डाँड

  8. हों व्रजवासिनको मगा | Hon Vrajavasinako Maga

    Dhanashri · धनाश्री · Shri Krishna Dhadhi · श्री कृष्णा ढाढ़ी

    हों व्रजवासिनको मगा । श्रीवल्लभराज गोप कुल मंडन ए दोउ घरकों जगा ॥१॥ नंदराय एक दियो पिछौरा तामें कनक

  9. कृष्ण जन्म सुनि अपने पतिसों | Krishna Janma Suni Apane Patisom

    Maru · मारु · Shri Krishna Dhadhi · श्री कृष्णा ढाढ़ी

    कृष्ण जन्म सुनि अपने पतिसों हँसि ढाढ़िन यों बोलिजु । जाउ जाउ तुम नंद नृपतिकें दान कोठरी खोलीजू ॥१॥ त

  10. श्रीब्रजराजकें हो आनंद | Shribrajarajaken Ho Anand

    Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Dhadhi · श्री कृष्णा ढाढ़ी

    श्रीब्रजराजकें हो आनंद मंगल भीर । देस देसके जाचक आये पढ़त बिरद आभीर ॥ध्रु.॥ एक ढाढ़ी सारों पाली । बो

  11. बेटी भई भान के | Beti Bhai Bhan Ke

    Desh · देश · Shri Krishna Dhadhi · श्री कृष्णा ढाढ़ी

    बेटी भई भान के अरु नंद के फरजंद । हाँजी वाहवा हाँजी वाहवा । किरतकों कन्या भई जसोदाकें कान्ह । हाँजी.

  12. बेटी भई भान हांजी | Beti Bhai Bhan Hanji

    Vihag · विहाग · Shri Krishna Dhadhi · श्री कृष्णा ढाढ़ी

    बेटी भई भान हांजी नंदके फरजंद ॥ हांजी वाहवा जी वाहवा । किरतको कन्या भई जसोदाके कान्ह हांजी ॥१॥ मिटे

  13. चौकतें उठिकें नंदरानीनें | Chaukatem Uthiken Nandaraninen

    Sarang · सारंग · Shri Krishna Dasondhi · श्री कृष्णा दसोंधी

    चौकतें उठिकें नंदरानीनें ढोटा पलना माँझ सुवायौ । पहलें डोरि लई जसुमति कर थोरे थोरे बैठि झुलायौ ॥१॥ झ

  14. यमुना पूजन आज चली | Yamuna Pujan Aaj Chali

    Sarang · सारंग · Shri Krishna Dasondhi · श्री कृष्णा दसोंधी

    यमुना पूजन आज चली नंदरानी जू रुचिर सिंगार कराये । सब कोऊ लेति बलाय महरि की बाहर निकसी ढोटा जाये ॥१॥

  15. दोऊ ढोटा और नंदरानी | Dou Dhota Aur Nandarani

    Sarang · सारंग · Shri Krishna Dasondhi · श्री कृष्णा दसोंधी

    दोऊ ढोटा और नंदरानी बड़े चौक बैठे ब्रजराज । बाजे बजत सिंध द्वारे पै मंगल होत चौगुनौ आज ॥१॥ छिरकत खरि

  16. माँडे द्वार हरद रोरीसों | Mande Dhar Harad Rorisom

    Sarang · सारंग · Shri Krishna Dasondhi · श्री कृष्णा दसोंधी

    मांडे द्वार हरद रोरीसों लागत परम सुहाये । वंदनवार साथिये कोरेन आछे चित्र बनाये ॥१॥ गलिन गलिनमें यह क

  17. मासदिनाकौ चौक आज | Masadinakau Chauk Aaj

    Sarang · सारंग · Shri Krishna Masdin Ke Chauk · श्री कृष्णा मासदिनके चौक

    मासदिनाकौ चौक आज नंदरानी बैठी ढोटा लियें । हाथ पाँइ माँडे रोरीसों पीरे अक्षत माथें दियें ॥१॥ नंदराय

  18. आनंदराय गृह गावति | Aanandaray Grih Gavati

    Sarang · सारंग · Shri Krishna Masdin Ke Chauk · श्री कृष्णा मासदिनके चौक

    आनंदराय गृह गावति खेलति आवति है व्रजनारी । नये नये आभूषन अंग पहरे अरु तन उत्तम सारी ॥१॥ बैठी जुरी नं

  19. सुवरन कलश ध्वजा | Suvaran Kalash Dhvaja

    Sarang · सारंग · Shri Krishna Masdin Ke Chauk · श्री कृष्णा मासदिनके चौक

    सुवरन कलश ध्वजा पौरिनपै आछी भाँति सँभारे । हरद दही रोरीतें छिरके सब गोपिनके द्वारे ॥१॥ भीर रहत नरनार

  20. तेल भरे भरे केश | Tel Bhare Bhare Kesh

    Sarang · सारंग · Shri Krishna Masdin Ke Chauk · श्री कृष्णा मासदिनके चौक

    तेल भरे भरे केश सोंधें अंग भरे स्वच्छ सारी । ऊर्मित कुंभ भरे उर दोउ तँबोल भरे मुख चुचकारी ॥१॥ जसुमति

  21. करवट लई प्रथम नंदनंदन | Karavat Lai Pratham Nandanandan

    Ramakali · रामकली · Shri Krishna Karvat · श्री कृष्णा करवट

    करवट लई प्रथम नंदनंदन । ताकों महरि महोत्सव मानत भवन लिपायौ चंदन ॥१॥ बोलीं सकल घोषकी नारी तिनकौ कियौ

  22. जहाँ गगन गति गर्ग | Jahan Gagan Gati Garg

    Ramakali · रामकली · Shri Krishna Namkaran · श्री कृष्णा नामकरण

    जहाँ गगन गति गर्ग कह्यो । यह बालिक अवतार पुरुष है कृष्ण नाम आनंद लह्यो ॥१॥ द्रोण धरा वसु परम तपोधन प

  23. नंदगृह आयौ गर्ग | Nandagrih Aayau Garg

    Ramakali · रामकली · Shri Krishna Namkaran · श्री कृष्णा नामकरण

    नंदगृह आयौ गर्ग विधि जानी । रामकृष्णके नाम करन हित यदुकुल के सनमानी ॥१॥ गजमोतिनके चौक पुराये नामकरन

  24. देत गज बाजि | Det Gaj Baji

    Ramakali · रामकली · Shri Krishna Namkaran · श्री कृष्णा नामकरण

    देत गज बाजि व्रजराज बिराजत गोपनके सिरताज । देश देशते खट दरसन आवत मन इच्छित फल पावत कीरति अपरंपार पहु

  25. सुनौ हो जसोदा | Sunau Ho Jasoda

    Ramakali · रामकली · Shri Krishna Namkaran · श्री कृष्णा नामकरण

    सुनौ हो जसोदा आज कहूँ ते गोकुल में एक पंडित आयौ। अपने सुतकौ हाथ दिखावौ सो वह कहै जो विधि निरमायौ ॥१॥