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अपने लालके गुन गाऊँ | Apane Lalake Gun Gaun
Ramakali · रामकली · Shri Krishna Kulhe · श्री कृष्णा कुल्हे
अपने लालके गुन गाऊँ । तुम झूलौ हौं हरखि झुलाऊँ प्रेम कलोलन जाऊँ ॥१॥ नखशिख लौं सिंगार बनाऊँ भाल डिठौन
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तुम ब्रजरानीके लाला | Tum Brajaranike Lala
Asavari · आसावरी · Shri Krishna Kulhe · श्री कृष्णा कुल्हे
तुम ब्रजरानीके लाला । अहो दधि मथति सुहाई के लाला ॥ध्रु॥ दिव्य कनककौ पालनों लाल रतन जटित नगहीर । गजमो
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हे दैया मतवाला जोगी | He Daiya Matavala Jogi
Asavari · आसावरी · Shri Krishna Jogi Lila · श्री कृष्णा जोगीलीला
हे दैया मतवाला जोगी द्वारे मेरे आया है । जटाजूट शिर गंग बिराजत त्रैलोचन मन भाया है । वृषभ ऊपर असवार
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आयो है अवधूत जोगी | Aayo Hai Avadhut Jogi
Asavari · आसावरी · Shri Krishna Jogi Lila · श्री कृष्णा जोगीलीला
आयो है अबधूत जोगी कन्हैया दिखलावै हो माई ॥ध्रुं॥ हाथ त्रिशूल दूजे कर डमरु सिंगीनाद बजावै । जटा जूटमे
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बाला मैं जोगी जस | Bala Main Jogi Jas
Asavari · आसावरी · Shri Krishna Jogi Lila · श्री कृष्णा जोगीलीला
बाला मैं जोगी जस गाया । धन्य जसुमति तेरे तनकों जिन ऐसा सुत जाया ॥१॥ गुनन बड़ौ छोटी जिन जानौ अलख पुरुष
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काहु जोगियाकी दृष्टि लागी | Kahu Jogiyaki Drishti Lagi
Asavari · आसावरी · Shri Krishna Jogi Lila · श्री कृष्णा जोगीलीला
काहु जोगियाकी दृष्टि लागी कन्हैया मेरो रोवै हो माई । घरघर पूँछत फिरत जसोदा दूध पीवै ना सोवै ॥१॥ कहाँ
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काहू जोगियाकी नजर लागी | Kahu Jogiyaki Nazar Lagi
Asavari · आसावरी · Shri Krishna Jogi Lila · श्री कृष्णा जोगीलीला
काहू जोगियाकी नजर लागी मेरौ बारौ कान्ह रोवै । घर घर हाथ दिखावै यशोदा दूध पीवै नहीं सोवै ॥१॥ चार डाँड
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हों व्रजवासिनको मगा | Hon Vrajavasinako Maga
Dhanashri · धनाश्री · Shri Krishna Dhadhi · श्री कृष्णा ढाढ़ी
हों व्रजवासिनको मगा । श्रीवल्लभराज गोप कुल मंडन ए दोउ घरकों जगा ॥१॥ नंदराय एक दियो पिछौरा तामें कनक
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कृष्ण जन्म सुनि अपने पतिसों | Krishna Janma Suni Apane Patisom
Maru · मारु · Shri Krishna Dhadhi · श्री कृष्णा ढाढ़ी
कृष्ण जन्म सुनि अपने पतिसों हँसि ढाढ़िन यों बोलिजु । जाउ जाउ तुम नंद नृपतिकें दान कोठरी खोलीजू ॥१॥ त
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श्रीब्रजराजकें हो आनंद | Shribrajarajaken Ho Anand
Bilaval · बिलावल · Shri Krishna Dhadhi · श्री कृष्णा ढाढ़ी
श्रीब्रजराजकें हो आनंद मंगल भीर । देस देसके जाचक आये पढ़त बिरद आभीर ॥ध्रु.॥ एक ढाढ़ी सारों पाली । बो
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बेटी भई भान के | Beti Bhai Bhan Ke
Desh · देश · Shri Krishna Dhadhi · श्री कृष्णा ढाढ़ी
बेटी भई भान के अरु नंद के फरजंद । हाँजी वाहवा हाँजी वाहवा । किरतकों कन्या भई जसोदाकें कान्ह । हाँजी.
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बेटी भई भान हांजी | Beti Bhai Bhan Hanji
Vihag · विहाग · Shri Krishna Dhadhi · श्री कृष्णा ढाढ़ी
बेटी भई भान हांजी नंदके फरजंद ॥ हांजी वाहवा जी वाहवा । किरतको कन्या भई जसोदाके कान्ह हांजी ॥१॥ मिटे
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चौकतें उठिकें नंदरानीनें | Chaukatem Uthiken Nandaraninen
Sarang · सारंग · Shri Krishna Dasondhi · श्री कृष्णा दसोंधी
चौकतें उठिकें नंदरानीनें ढोटा पलना माँझ सुवायौ । पहलें डोरि लई जसुमति कर थोरे थोरे बैठि झुलायौ ॥१॥ झ
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यमुना पूजन आज चली | Yamuna Pujan Aaj Chali
Sarang · सारंग · Shri Krishna Dasondhi · श्री कृष्णा दसोंधी
यमुना पूजन आज चली नंदरानी जू रुचिर सिंगार कराये । सब कोऊ लेति बलाय महरि की बाहर निकसी ढोटा जाये ॥१॥
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दोऊ ढोटा और नंदरानी | Dou Dhota Aur Nandarani
Sarang · सारंग · Shri Krishna Dasondhi · श्री कृष्णा दसोंधी
दोऊ ढोटा और नंदरानी बड़े चौक बैठे ब्रजराज । बाजे बजत सिंध द्वारे पै मंगल होत चौगुनौ आज ॥१॥ छिरकत खरि
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माँडे द्वार हरद रोरीसों | Mande Dhar Harad Rorisom
Sarang · सारंग · Shri Krishna Dasondhi · श्री कृष्णा दसोंधी
मांडे द्वार हरद रोरीसों लागत परम सुहाये । वंदनवार साथिये कोरेन आछे चित्र बनाये ॥१॥ गलिन गलिनमें यह क
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मासदिनाकौ चौक आज | Masadinakau Chauk Aaj
Sarang · सारंग · Shri Krishna Masdin Ke Chauk · श्री कृष्णा मासदिनके चौक
मासदिनाकौ चौक आज नंदरानी बैठी ढोटा लियें । हाथ पाँइ माँडे रोरीसों पीरे अक्षत माथें दियें ॥१॥ नंदराय
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आनंदराय गृह गावति | Aanandaray Grih Gavati
Sarang · सारंग · Shri Krishna Masdin Ke Chauk · श्री कृष्णा मासदिनके चौक
आनंदराय गृह गावति खेलति आवति है व्रजनारी । नये नये आभूषन अंग पहरे अरु तन उत्तम सारी ॥१॥ बैठी जुरी नं
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सुवरन कलश ध्वजा | Suvaran Kalash Dhvaja
Sarang · सारंग · Shri Krishna Masdin Ke Chauk · श्री कृष्णा मासदिनके चौक
सुवरन कलश ध्वजा पौरिनपै आछी भाँति सँभारे । हरद दही रोरीतें छिरके सब गोपिनके द्वारे ॥१॥ भीर रहत नरनार
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तेल भरे भरे केश | Tel Bhare Bhare Kesh
Sarang · सारंग · Shri Krishna Masdin Ke Chauk · श्री कृष्णा मासदिनके चौक
तेल भरे भरे केश सोंधें अंग भरे स्वच्छ सारी । ऊर्मित कुंभ भरे उर दोउ तँबोल भरे मुख चुचकारी ॥१॥ जसुमति
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करवट लई प्रथम नंदनंदन | Karavat Lai Pratham Nandanandan
Ramakali · रामकली · Shri Krishna Karvat · श्री कृष्णा करवट
करवट लई प्रथम नंदनंदन । ताकों महरि महोत्सव मानत भवन लिपायौ चंदन ॥१॥ बोलीं सकल घोषकी नारी तिनकौ कियौ
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जहाँ गगन गति गर्ग | Jahan Gagan Gati Garg
Ramakali · रामकली · Shri Krishna Namkaran · श्री कृष्णा नामकरण
जहाँ गगन गति गर्ग कह्यो । यह बालिक अवतार पुरुष है कृष्ण नाम आनंद लह्यो ॥१॥ द्रोण धरा वसु परम तपोधन प
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नंदगृह आयौ गर्ग | Nandagrih Aayau Garg
Ramakali · रामकली · Shri Krishna Namkaran · श्री कृष्णा नामकरण
नंदगृह आयौ गर्ग विधि जानी । रामकृष्णके नाम करन हित यदुकुल के सनमानी ॥१॥ गजमोतिनके चौक पुराये नामकरन
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देत गज बाजि | Det Gaj Baji
Ramakali · रामकली · Shri Krishna Namkaran · श्री कृष्णा नामकरण
देत गज बाजि व्रजराज बिराजत गोपनके सिरताज । देश देशते खट दरसन आवत मन इच्छित फल पावत कीरति अपरंपार पहु
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सुनौ हो जसोदा | Sunau Ho Jasoda
Ramakali · रामकली · Shri Krishna Namkaran · श्री कृष्णा नामकरण
सुनौ हो जसोदा आज कहूँ ते गोकुल में एक पंडित आयौ। अपने सुतकौ हाथ दिखावौ सो वह कहै जो विधि निरमायौ ॥१॥