Pushti Kirtan

Search kirtans

1344 results. Browse ragas or occasions.

  1. तिन मध्य बैठे छाक खात | Tin Madhya Baithe Chhak Khat

    Sarang · सारंग · Chhappan Bhog · छप्पन भोग

    तिन मध्य बैठे छाक खात मदन रूप मंडली रची । छप्पन भोग छतीसों व्यंजन आन आगे थार सची ॥१॥ एक खात एक हसत प

  2. छप्पन भोग अरोगन लागे | Chhappan Bhog Arogan Lage

    Sarang · सारंग · Chhappan Bhog · छप्पन भोग

    छप्पन भोग अरोगन लागे । श्री वृषभान कुँवरी नंदनंदन ले अपनो गन संग अनुरागे ॥१ ॥ विविध भांति पकवान मिठा

  3. मंडल रचना रुचिसों रचि | Mandal Rachana Ruchison Rachi

    Sarang · सारंग · Chhappan Bhog · छप्पन भोग

    मंडल रचना रुचिसों रचि चित्र विचित्र व्रजकी बालन । दधि पय नवनीत मध्य सर्करा पलासनके पत्रनके पुटनकी पं

  4. गोपी मन अति आनंद | Gopi Man Ati Anand

    Gauri · गौरी · Chhappan Bhog · छप्पन भोग

    गोपी मन अति आनंद ऊमग भरि। विनति प्रेम पुलकित तन नंद समीप दोऊ कर जोर करि ॥१॥ न्योतो हमारो आवो सब ही ज

  5. मैया अपने सुतहि जिमावत | Maiya Apane Sutahi Jimavat

    Iman · ईमन · Chhappan Bhog · छप्पन भोग

    मैया अपने सुतहि जिमावत ॥ खीर खांड घृत लोणी लाडू जोईजोई स्यामहि भावत ॥१॥ यमुनोदक कंचनझारी भर संज्या ब

  6. लाल आज बना बन्यो | Lal Aj Bana Banyo

    Sarang · सारंग · Vivah Utsav · विवाह उत्सव

    लाल आज बना बन्यो अति भाई, वागो विचित्र बनाई, जरकसी पाघ चोलना सुंदर अरगजा सोधो लगाई ॥१॥ तापर फुलनके ह

  7. आज ललनकी होत सगाई | Aj Lalanaki Hot Sagai

    Bilaval · बिलावल · Byah Ke Pad · ब्याह के पद

    आज ललनकी होत सगाई ॥ आवोरी गोपीजन मिलके गावो मंगल चार वधाई ॥१॥ चोटी सुपर गुहुं सुत तेरी छांडो चंचलताई

  8. मैया मोहि ऐसी दुलहनी | Maiya Mohi Aisi Dulahani

    Ashavari · आशावरी · Byah Ke Pad · ब्याह के पद

    मैया मोहि ऐसी दुलहनी भावे ॥ जैसी ये काहुकी डीठोनीया रूनक झुनक घर आवे ॥१॥ कर कर पाक रसाल रसोई अपने कर

  9. दिन दुल्हे मेरो कुंवर | Din Dulhe Mero Kunvar

    Sarang · सारंग · Byah Ke Pad · ब्याह के पद

    दिन दुल्हे मेरो कुंवर कन्हैया ॥ नित्य ऊठ सखा शींगार बनावे नित्य आरती उतारत मैया ॥१॥ नित्य ऊठ आंगन चं

  10. अपने लालको ब्याह करूंगी | Apane Lalako Byah Karungi

    Sarang · सारंग · Byah Ke Pad · ब्याह के पद

    अपने लालको ब्याह करूंगी, बडे गोपकी बेटी ॥ जासो हमसों जतिया चारो भोजन भेटा भेटी ॥१॥ मात यशोदा लाड लडा

  11. रत्न जडितको वल्लभलालके | Ratan Jaditako Vallabhalalake

    Kanharo · कान्हरो · Byah Ke Pad · ब्याह के पद

    रत्न जडितको वल्लभलालके सीस सोहे सेहरा; धर्यो शीश पर छबिसों बनायके फूल रंग-रंग केवरा ॥१॥ आवो सुंदरी म

  12. आज की बानिक पर | Aj Ki Banik Par

    Bilaval · बिलावल · Basant Bahar Ke Pad · बसंत बहार के पद

    वसंत पंचमी के दिन मंगला में बिलावल ॥ चोताल ॥ आज की बानिक पर हो लाल हों बलि बलि गई बिगलित कच सुवन पाग

  13. लहेकन लागी बसंतबहार | Lahekan Lagi Basantabahar

    Malakauns · मालकौंस · Basant Bahar Ke Pad · बसंत बहार के पद

    लहेकन लागी बसंतबहार सखि त्यों त्यों बनवारी लाग्यो बहेकन ॥ फूले पलास नखनाहार केसे तेसें कानन लाग्यो म

  14. चल बन देख सयानी | Chal Ban Dekh Sayani

    Malakauns · मालकौंस · Basant Bahar Ke Pad · बसंत बहार के पद

    चल बन देख सयानी यमुना तट ठाडो छेल गुमानी ॥ फूले कदंब नाहर पलास द्रुम त्रिविध पवन सुखसानी ॥१॥ बहुरंग

  15. लहेकन लागीरी बसंत बहार | Lahekan Lagiri Basant Bahar

    Malakauns · मालकौंस · Basant Bahar Ke Pad · बसंत बहार के पद

    लहेकन लागीरी बसंतबहार मानो बनवारी लाग्यो बहकन ॥ ना जानो जब कहा करेंगे लागे हे पलास द्रुम डहकन ॥१॥ मद

  16. फूल्योरी सघन बनता में | Phoolyori Saghan Banata Men

    Malakauns · मालकौंस · Basant Bahar Ke Pad · बसंत बहार के पद

    फूल्योरी सघन बनता में कोकिला करत गान ॥ चलरी बेग वृषभान नंदिनी छाड कठिन मनमान ॥१॥ नव ऋतुराज आयो नेरे

  17. ईमन मान मेरो कह्यो | Iman Man Mero Kahyo

    Iman · ईमन · Basant Ragamala Shayan Darshan · बसंत रागमाला शयन दर्शन

    ईमन मान मेरो कह्यो काहेकी प्यारे प्यारी तु ॥ प्रथमही भरी गुन गाईए यही ते सुधराई होतु ॥१॥ मालकौंस की

  18. आई ऋतु-बसंत की | Aai Ritu-Basant Ki

    Basant · बसंत · Basant Panchami Ke Pad · बसंत पंचमी के पद

    ॥ साखी ॥ आई ऋतु-बसंत की गोपीन किये सिंगार ॥ कुमकुम बरनी राधिका सो निरखति नंदकुमार ॥१॥ आई ऋतु-बसंत की

  19. आई बसंतऋतु अनुपनूत | Aai Basant Ritu Anupanut

    Basant · बसंत · Basant Panchami Ke Pad · बसंत पंचमी के पद

    आई बसंतऋतु अनुपनूत कंतमोरे ॥ बोलत वन कोकिला मानों कुहकुहु रस ढोरे ॥१॥ फूली वन राई जाई कुंद कुसम घोरे

  20. आज सुभगदिन वसंतपंचमी | Aaj Subhagdin Vasantpanchami

    Basant · बसंत · Basant Panchami Ke Pad · बसंत पंचमी के पद

    आज सुभगदिन वसंतपंचमी जसुमति करति बधाई ॥ विविध सुगंध उवटिकें लालकों ताते नीर न्हवाई ॥१॥ बांधीपाग बनाय

  21. प्रथम समाज आज वृंदावन | Pratham Samaj Aaj Vrindavan

    Basant · बसंत · Basant Panchami Ke Pad · बसंत पंचमी के पद

    प्रथम समाज आज वृंदावन विहरतलाल विहारी ॥ पांचे नवल वसंत वृंदावन उमगि चलीं व्रजनारी ॥१॥ मंगलकलश लिये व

  22. आज मदन महोत्सव राधा | Aaj Madan Mahotsav Radha

    Basant · बसंत · Basant Panchami Ke Pad · बसंत पंचमी के पद

    आज मदन महोत्सव राधा ॥ मदन गोपाल बसंत खेलतहें नागर रूप अगाधा ॥१॥ निधिबुधवार पंचमी मंगल ऋतुकुसमाकर आई

  23. जागि हो लाल, गुपाल | Jagi Ho Lal, Gupal

    Basant · बसंत · Basant Jagayave Ke Pad · बसंत जगायवे के पद

    जागि हो लाल, गुपाल, गिरिवरधरन, सरस ऋतुराज बसंत आयौ ॥ फूले द्रुमवेली, फल, फूल, बौरे, अंब, मधुप, कोकिल

  24. प्रात समें गिरिधरनलाल कौ | Prat Samen Giridharanlal Kau

    Basant · बसंत · Basant Jagayave Ke Pad · बसंत जगायवे के पद

    प्रात समैं गिरिधरनलाल कौ करति प्रबोध जसोदा मैया ॥ जागौ लाल, चिरैया बोलीं, सुंदर मेरे कुँवर कन्हैया ॥

  25. खिलावन आवेंगी ब्रजनारी | Khilavan Avengi Brajanari

    Bibhas · बिभास · Basant Jagayave Ke Pad · बसंत जगायवे के पद

    खिलावन आवेंगी ब्रजनारी ॥ जागो लाल चिरैयां बोलीं कहे जसुमति महतारी ॥१॥ ओट्यो दूधपान करि मोहन बेगि करो