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जागि कहौ जनुनी सों | Jagi Kahau Januni Son
Bibhas · बिभास · Basant Jagayave Ke Pad · बसंत जगायवे के पद
जागि कह्यौ जनुनी सौं मोहन ॥ आजु कहा मोहे बेनि जगायों सों कारज सब कहिए सोहन ॥ तब जसुमति कह्यों आजु प
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जागो कृष्ण खेलो रंग | Jago Krishna Khelo Rang
Bibhas · बिभास · Basant Jagayave Ke Pad · बसंत जगायवे के पद
जागो कृष्ण खेलो रंग होरी ॥ अबीर गुलाल लियो भरि झोरी ॥ ब्रज नव वधू खेलन कों निकसी घोषराई जु की पौरी ॥
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भारे भये मेरे लाल | Bhare Bhaye Mere Lal
Bibhas · बिभास · Basant Jagayave Ke Pad · बसंत जगायवे के पद
भोर भये मेरे लाल होरी खेलो गोप बाल उठो गुपाल लाल दुहो धोरी गैया ॥ उस्नोदक अभ्यंग स्नान करि हो कलेउ क
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करौ कलेऊ कहति जसोदा | Karau Kaleu Kahati Jasoda
Basant · बसंत · Basant Kaleu Ke Pad · बसंत कलेऊ के पद
करौ कलेऊ कहति जसौदा, सुंदर मेरे गिरिधरलाल ॥ दूध, दही, पकवान, मिठाई, माखन, मिसिरी, परम-रसाल ॥१॥ पाछैं
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करौ कलेऊ मदन गोपाल | Karau Kaleu Madan Gopal
Basant · बसंत · Basant Kaleu Ke Pad · बसंत कलेऊ के पद
करौ कलेऊ मदन गोपाल ॥ मधु, मेवा, पकवान, मिठाई, भरि-भरि राखे कंचनथाल ॥१॥ माँखन, मिसिरी, सद्य-जम्यौ-दधि
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करौ कलेऊ बलराम कृष्ण | Karau Kaleu Balaram Krishna
Basant · बसंत · Basant Kaleu Ke Pad · बसंत कलेऊ के पद
करौ कलेऊ बलराम कृष्ण तुम मिल ब्रजकी नारी सिमिट सब आई ॥ चोबा चंदन अगर कुंमकुमा साज कामकी सब सज लाई ॥१
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करि हो कलेऊ बलराम | Kari Ho Kaleu Balaram
Bibhas · बिभास · Basant Kaleu Ke Pad · बसंत कलेऊ के पद
करि हो कलेऊ बलराम कृष्ण तुम मिल ब्रज की नारी सिमिट सब आई ॥ चोबा चंदन अगर कुमकुमा साज फाग कौं सब लाई
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जागोलाल बसंत बधावन | Jagolal Basant Badhavan
Bibhas · बिभास · Basant Kaleu Ke Pad · बसंत कलेऊ के पद
जागोलाल बसंत बधावन आवेगी ब्रजनार ॥ उठ हो लाल तुम करहो कलेऊ खेलनको होत अवार ॥१॥ माखन मिश्री दधि मलाई
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श्रीगिरिधरलाल की बानिक ऊपर | Shrigiridharalal Ki Banik Upar
Basant · बसंत · Basant Mangala Ke Pad · बसंत मंगला के पद
श्रीगिरिधरलाल की बानिक ऊपर आज सखी तून टूटेरी ॥ चोवा चंदन अगर कुंकुमा पिचकाइन रंगछूटेरी ॥१॥ लालके नैन
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खेलत बसंत निस पिय | Khelat Basant Nis Piy
Basant · बसंत · Basant Mangala Ke Pad · बसंत मंगला के पद
खेलत बसंत निस पिय संग जागी ॥ सखी वृंद गोकुल की सीमा गिरिधर पिय पदरज अनुरागी ॥१॥ नवल निकुंज में गुंजत
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सांची कहो मनमोहन मोसो | Sanchi Kaho Manamohan Moso
Basant · बसंत · Basant Mangala Ke Pad · बसंत मंगला के पद
सांची कहो मनमोहन मोसो तो खेलों तुम संग होरी ॥ आजु कि रैन कहाँ रहे मोहन कहाँ करी बरजोरी ॥१॥ मुख पर पी
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देखियत लाल लाल दृग | Dekhiyat Lal Lal Drig
Basant · बसंत · Basant Mangala Ke Pad · बसंत मंगला के पद
देखियत लाल लाल दृग डोरे ॥ काके संग खेले बसंत करि निहोरे ॥१॥ सजलताई प्रगट मानों कुंकम रस बोरे ॥ अरुनत
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आज कछु देखियत ओरही | Aj Kachhu Dekhiyat Orahi
Basant · बसंत · Basant Mangala Ke Pad · बसंत मंगला के पद
आज कछु देखियत ओरही बानिक प्यारी तिलक आधे मोती मरगजीमंग ॥ रसिक कुंवर संग अखारे जागी सजनी अधर सुखे निस
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जसोदा नहीं वरजे अपनोबाल | Jasoda Nahin Varaje Apanobal
Basant · बसंत · Basant Palna Ke Pad · बसंत पालने के पद
जसोदा नहीं वरजे अपनोबाल ॥ अपनो बाल रसिया गोपाल ॥ध्रु०॥ स्नान करन गई जमुनातीर ॥ करकंकन अभरन धरेचीर ॥
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अति सुंदर मणि जटित | Ati Sundar Mani Jatit
Basant · बसंत · Basant Palna Ke Pad · बसंत पालने के पद
अति सुंदर मणि जटित पालनो झूलत लाल विहारी ॥ खेलत फाग सखा संगलीनो नाचत दे करतारी ॥१॥ घर घरतें आई बनबनक
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देख सखिरी पलना झूलत | Dekh Sakhiri Palana Jhoolat
Basant · बसंत · Basant Palna Ke Pad · बसंत पालने के पद
देख सखिरी पलना झूलत सुंदरश्याम सलौना ॥ चकई भौंरा फिरकनी लहेंटु खेलत विविध खिलौनां ॥१॥ हाथनलई कनक पिच
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ललित त्रिभंगी लाडिलो ललना | Lalit Tribhangi Ladilo Lalana
Basant · बसंत · Basant Palna Ke Pad · बसंत पालने के पद
ललित त्रिभंगी लाडिलो ललना ॥ वृंदावन गहवर निकुंजमें युवतिन भुज झूलत हैं पलना ॥१॥ भामिन सुरत सुधा सुख
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जसोदा नहींबरजे अपनो कान्ह | Jasoda Nahinbaraje Apano Kanh
Basant · बसंत · Basant Palna Ke Pad · बसंत पालने के पद
जसोदा नहीबरजे अपनो कान्ह ॥ अपनो कान्ह सुंदर सुजान ॥१॥ नीर भरन गई यमुना घाट ॥ नही जानदेत धर रोके बाट
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रतन खचितको पालनो सुंदर | Ratan Khachitako Palano Sundar
Basant · बसंत · Basant Palna Ke Pad · बसंत पालने के पद
रतन खचितको पालनो सुंदर झूलत नंदकेलाला ॥ नवसत साज सिंगार सुंदरी झुलवत हैं गोपाला ॥१॥ कोऊ गावत कोऊ झां
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बरजो जसोदाजी काना | Barajo Jasodaji Kana
Basant · बसंत · Basant Palna Ke Pad · बसंत पालने के पद
बरजो जसोदाजी काना ॥ मैं जमुनाजल भरन जातही मारग निकस्यो आना ॥ बरजतही मोरी गागरि फोरी लेअबीर मुख साना
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खेलत गुपाल नव सखिन | Khelat Gupal Nav Sakhin
Basant · बसंत · Basant Rajabhog Khel Ke Pad · बसंत राजभोग खेल के पद
खेलत गुपाल नव सखिन संग ॥ नवनव अंबर रंगरंग ॥५॥ मुरलीवेन डफनये चंग ॥ मधिनईकुहूक बाजे उपंग ॥ सुर समूह न
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देखो वृंदावन श्रीकमल नेन | Dekho Vrindavan Shrikamal Nen
Basant · बसंत · Basant Rajabhog Khel Ke Pad · बसंत राजभोग खेल के पद
देखो वृंदावन श्रीकमल नेन ॥ आयो आयो मदनगुन गुदरदेन ॥ध्रु०॥ दुमनवदल सुवन अनेकरंग ॥ प्रति ललितलता संकुल
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खेलत वसंत गिरिधरन चंद | Khelat Vasant Giridharan Chand
Basant · बसंत · Basant Rajabhog Khel Ke Pad · बसंत राजभोग खेल के पद
खेलत वसंत गिरिधरन चंद ॥ आनंदकंद वर मनके फंद ॥ध्रु०॥ सोहत संग सुंदरवेनवीन ॥ वृषभान कुंवरि अतिसयप्रवीन
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देखो वृंदावन को जसवितान | Dekho Vrindavan Ko Jasavitan
Basant · बसंत · Basant Rajabhog Khel Ke Pad · बसंत राजभोग खेल के पद
देखो वृंदावन को जसवितान ॥ छायो सब पर वरतनपुरान ॥ध्रु०॥ जाकों वरनि वेद रहे मोनधारि ॥ करें ध्यान मान अ
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श्रीवृंदावन खेलत गुपाल | Shrivrindavan Khelat Gupal
Basant · बसंत · Basant Rajabhog Khel Ke Pad · बसंत राजभोग खेल के पद
श्रीवृंदावन खेलत गुपाल ॥ बनि बनि आई ब्रजकी बाल ॥१॥ नवल सुंदरी नवतमाल ॥ फूले नवल कमल मधि नव रसाल ॥२॥