Kahan Lage Mohan
कहन लागे मोहन
कहन लागे मोहन मैया मैया । बाबा बाबा नंदरायसों अरु हलधरसों भैया भैया ॥१॥ छगन मगन मधुसूदन माधौ सब ब्रज लेत बलैया। नाचत मो...
Raag
Read 36 Pushtimargiya kirtans in Nat · नट with original Braj Bhasha text and English meanings.
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कहन लागे मोहन
कहन लागे मोहन मैया मैया । बाबा बाबा नंदरायसों अरु हलधरसों भैया भैया ॥१॥ छगन मगन मधुसूदन माधौ सब ब्रज लेत बलैया। नाचत मो...
शोभित श्याम तन
शोभित श्याम तन पीत झगुलिया । कुल ही लाल लटकन छबि बघना चलन सिखावत मैया ॥१॥ डगमगात पग धरत मनोहर अति राजत पेंजनिया । जसुमत...
दुहूँ कर फोंदना
दुहूँ कर फोंदना मुख मेलत । रामकृष्ण बैठे गोद जननी की कबहूँक उतरि घुटुरुवन खेलत ॥१॥ चाहि रहत खुनखुना सुनिसुनि हँसि वसुधा...
दोऊ कर चोंखनी
दोऊ कर चोंखनी मुख चोंखत । नितप्रति मुदित जसोदा रानी बल मोहन तन पोषत ॥ नंदराइ बड भाग तुम्हारी बाबा कहि मुख घोषत । 'परमान...
आवत उरग नाथ्ये
आवत उरग नाथ्ये श्याम । नंद यशोदा गोपी गोपनि कहत हैं बलराम ॥१॥ मोर मुकुट विशाल लोचन श्रवन कुंडल लोल । कटि पीतांबर भेख नट...
धन्य धन्य हरिदास
धन्य धन्य हरिदास राई। सानिध्य सेवा करत सकल अंग ताते मोहन जय भाई ॥१॥ कंद मूल फल फूल भेट धर शिला सिंघासन रुचिर बनाई ॥ कोम...
तुमसे तुमही श्रीवल्लभ
तुमसे तुमही श्रीवल्लभ नंद ॥ करुणासिंधु उदार कल्पतरु सुखनिधि आनंदकंद ॥१॥ रूपरासि गुणरसिक सुलक्षण पूरण परमानंद ॥ लीलाविवि...
श्रीविठ्ठलनाथ अनाथके तारण
श्रीविठ्ठलनाथ अनाथके तारण ॥ श्रीवल्लभ गृह प्रकट रूप यह धर्यो भक्तहित कारण ॥१॥ दीनबंधु कृपासिंधु सहजही भक्ति विस्तारण ॥...
जोपें श्रीविठ्ठल रूप
जोपें श्रीविठ्ठल रूप न धरते ॥ तो केसेंके घोर कलियुग के महापतित निस्तरते ॥१॥ सेवारीति प्रीति व्रजजनकी श्रीमुखतें विस्तरत...
जोपें श्रीविठ्ठलनाथहि गावे
जोपें श्रीविठ्ठलनाथहि गावे ॥ दिशादिश विदिश रसातल भूतल कितकोऊ दुख पावे ॥१॥ काहेकों त्रैताप सहत जन कित फिरफिर यहां आवे ॥...
कृपासिंधु श्रीविठ्ठलनाथ
कृपासिंधु श्रीविठ्ठलनाथ ॥ हस्त कमल निस्तारे जे हुते अधम अनाथ ॥१॥ बाधा कछू न रही अब तनमें भये सुदृढ सनाथ ॥ चतुर्भुज प्रभ...
श्रीविठ्ठलनाथकें बजत बधाई
श्रीविठ्ठलनाथकें बजत बधाई ॥ पूरन पुरुषोत्तम प्रकटेंहें श्रीगिरिधर गुण राई ॥१॥ बाजत झांझ पखावज मुरली वीना शब्द सुहाई ॥ न...
श्रीविठुलनाथजुके आज बधाईं
श्रीविठ्ठलनाथजुके आज बधाई ॥ मार्गशिर कृष्ण अष्टमीको शशी उदयो पूरण माई ॥१॥ पूरेचोक धाममोतिनके वंदनवार बंधाई ॥ ध्वजा पताक...
श्री लक्ष्मणसुत गृह
श्री लक्ष्मणसुत गृह बजत बधाई । प्रगटे श्री गोपीनाथ प्रथम सुत संकर्षण वपु माई ।।१।। छंद रूप नर रूप मनोहर कीनी जग दरसाई ।...
श्री वल्लभ सूत
श्री वल्लभ सूत परम प्रगटे प्रथम लीलारस भाव गुप्त जन जय जय श्री गोपीनाथ भक्तन सुखदाई । गावत है वेदोचार तोहू नही आवे पार...
झूलत नवल विहारी हिंडोरें
झूलत नवल विहारी हिंडोरें ॥ संगझूलत वृषभाननंदिनी प्रानहूतें प्यारी ॥१॥ नीलांबर पीतांबर की छबि घनदामिनी अनुहारी ॥ पुलकि प...
छबीलो गोपाल झूले छबीले
छबीलो गोपाल झूले छबीले हिंडोलना ॥ छबीलेसे खंभ दोऊ डांडी चार छबीली छबीले जराय हीरा हेम अमोलना ॥१॥ छबीली गोपी झुलावें छबी...
व्रजयुवति संग लाल झूलत
व्रजयुवति संग लाल झूलत वृन्दावन मध्य पचरंग सोहत सुरंग हिंडोरें ॥ नट अलाप लेत सुघर राग रंग विहंसविहंस झोटादेत चहुँदिश मि...
आज सखी नव कुंजमहल
आज सखी नव कुंजमहल में झूलत सुरंग हिंडोरे हैं। स्यामा स्याम चित चोरे हैं दोउ अरसपरस दग जोरे हैं ॥१॥ नव कदंबकी डार डार प्...
झूलत व्रजराज कुंवर संजूत
झूलत व्रजराज कुंवर संजूत वृषभानु सुता कुंज सदन में हिंडोरनां बिराज हीं ॥ अंग अंग सोहत सिंगार पीतांबर नीलांबर गौर स्याम...
हिंडोरे झूलत रंग रंगीले
हिंडोरे झूलत रंग रंगीले ॥ नव निकुंज रस पुंज सदन में छबि सौं छबीले ॥१ ॥ नव भूषन नव बसन अंग अंग नव नव नेह नवीले ॥ नव वृषभ...
सुरंग हिंडोरनाहो माई झूलत
सुरंग हिंडोरनाहो माई झूलत रंग भरे ॥ तेसीये पियप्यारी पहेरें पीयरो पट कसुंभी सारी ऋतु पावसघन चहूंदिशा घुमरे ॥१॥ तेसोई वि...
सुरंग दुरंग सोहत
सुरंग दुरंग सोहत पागकुरंगलाल केसेंलोयनलोने ॥ कपोल विलोलनमें झलकेकल कुंडल कानन कोने ॥१॥ रंगरंगीलेके अंग सबें नवरंगरंगे ऐ...
मोहन मोहनी घाली
मोहन मोहनी घाली सिरपर जोई मोहि रहत सदाई ॥ निशदिन सखीरी जोलों नहीं देखियत पिय व्रजराजकुंवर ॥१॥ यद्यपि धीरज धर रहत सखीरी...
लालन नाहिं नेरी
लालन नाहिं नेरी काहूके वसके ॥ बावरी भईरी त्रिया उनसों मन उरुझायो वेतो सदाई अपने रसके ॥१॥ निरखपरख देख जियको भरम गयो कामि...
प्रीतम प्रीतिहीते पैये
प्रीतम प्रीतिहीते पैये ॥ यद्यपि रूपगुण सील सुघरता इन वातन नरिझैये ॥१॥ सत कुल जन्म करम शुभलक्षणवेदपुराण पढ़ैये ॥ गोविंद...
आज बनठन लालन
आज बनठन लालन आयेरी तेरे मान कर न्योछावर ॥ यद्यपि बहुनायक कहूंनमन अरुझोरी तेरे गुणरूपमोहे ताते तोसोहैरी भांवर ॥१॥ ऐसेरी...
हँसत हँसत लालन
हँसत हँसत लालन आयेरी तेरे अंगना ॥ होंतो तेरो रूपदेख ठग रही मेरी आली जोकछु कहि आवे छबिदेख भई मगना ॥१॥ जियकी रिस गई अधिक...
झूठी मीठी बतियां
झूठी मीठी बतियां ललन मनुहार करन आये ॥ कहा कहिये तेरे हृदयकी सुंदरताई जैसे तन स्याम तेसेई हो मन तातें ब्रजयुवतिन मनभाये...
चल अंगदुराये संग
चल अंगदुराये संग मेरे ॥ मुखही मौन धर अधर ओटदे दशन दामिनी चमकत तेरें ॥१॥ त्यज नूपुर कटि क्षुद्रघंटिका श्रवण सुनत खगमृग ह...
रूप देख नयना
रूप देख नयना पलक लागें नहीं ॥ गोवरधनधरके अंग अंग पर दृष्टि परत चित रहत तहीतहीं ॥१॥ कहारी कहों अंग अंगकी बानिक चितचोर्यो...
मोहन नयननहुते नहिं
मोहन नयननहुते नहिं टरत ॥ विनदेखे तालावेलीसी लागत देखत मनजो हरत ॥१॥ अशनवसन सेननकी सुध आवे अब कछू नकरत ॥ गोविंद बल इम कहत...
सुबल श्रीदामा कहो
सुबल श्रीदामा कह्यो सखनसो अर्जुन शंख बजैये ॥ घर जैवेकी भई है बिरियां श्रीगिरिधरलाल जगैये ॥१॥ ठौर ठौरते मधुरी धुनिबाजे म...
लाडिले यह जल
लाडिले यह जल जिनहिं पियो ॥ जब आरोगत तब भरलाऊं तातो डार दियो ॥१॥ उठो मनमोहन वदन पखारो सुंदर लोट लियो ॥ तुम जानत हम अबही...
रसहीमें वश कीने
रसहीमें वश कीने कुंवरकन्हाई ॥ रसिक गोपाल रसही रीझत रसमिल रस त्यज माई ॥१॥ पियको प्रेम रस सुन्योहै रसीली बाल रसमें वचन श्...
प्रीतम प्यारे नेहों
प्रीतम प्यारे नेहौं मोही ॥ नेंकु चितै इत चपल नैन सों कहा कहों ? हौं तोही ॥१॥ कहा री ? कहों मोहिं रह्यौ न भावै जब देखों...