Pushti Kirtan

Raag

Sarang · सारंग

Read 192 Pushtimargiya kirtans in Sarang · सारंग with original Braj Bhasha text and English meanings.

Open this collection in search

Harikon Terat Phirat

हरिकों टेरत फिरत

हरिकों टेरत फिरत गुवारी ॥ आन लेहो तुम छाक आपनी बालक बल बनवारी ॥१॥ आज कलेऊ कियो प्रातही वछरा लेवन धाये ॥ मेवा मोदक मैया...

Tumkon Terter Main

तुमकों टेरटेर मैं

तुमकों टेरटेर मैं हारी ॥ कहांजो रहे अबलो मनमोहन लेहोन छाक तुम्हारी ॥१॥ भूल परी आवत मारगमें क्योंहूं न पेंडो पायो ॥ बूझत...

Harijuko Gvalin Bhojan

हरिजूको ग्वालिन भोजन

हरिजूको ग्वालिन भोजन लाई ॥ वृंदा विपिन विशद यमुनातट सुन ज्यों नार बनाई ॥१॥ सानसान दधिभात लियोहै सुखद सखनके हेत ॥ मध्यगो...

Vant Vant Sabahin

वांट वांट सबहिन

वांट वांट सबहिन कों देत ॥ ऐसे ग्वालहरिहैं जो भावत शेष रहत सोई आपन लेत ॥१॥ आछोदूध सद्य धोरीको ओट जमायो अपने हाथ ॥ हंडिया...

Aage Auri Chhakhari

आगें आउरी छकहारी

आगें आउरी छकहारी ॥ जब तुम टेरे तबमैं बोली सुनी न टेर तिहारी ॥१॥ मैया छाक सवारे पठई तूं कित रही अवारी ॥ अहो गोपाल गैल हौ...

Biharilal Aai Chhak

बिहारीलाल आई छाक

बिहारीलाल आई छाक सलोनी ॥ अति अद्भुत पठई चंद्रावलि एक गांठ द्वै दोहनी ॥१॥ टेरत स्याम भुजा ऊंची कर गई सुवास आग्योनी ॥ कृष...

Biharilal Aavahu Aai

बिहारीलाल आवहू आई

बिहारीलाल आवहू आई छाक ॥ गैया दूरगईहै मोहन वगदावो दे हांक ॥१॥ अर्जुन भोज सुबल श्रीदामा मधुमंगल एक ताक ॥ खटरसखीर खांड घृत...

Tumko Maiya Chhak

तुमको मैया छाक

तुमकों मैया छाक पठाई ॥ टेरत फिरत ग्वालनंदलाल कित तुम दोऊ भाई ॥१॥ नईनई भांत नये डवरनमें अपने सिर धर आई ॥ नेक कहत सुनिहो...

Lalan Ketik Dui

लालन केतिक दूइ

लालन केतिक दूइ बन आवत ॥ यशोमति औसेर करतहैं ढिंगही क्यों न चरावत ॥१॥ हार परीहों यहां लो आवत घोस चढ्‌यो लखधावत व्रजजन त्य...

Aaj Dadhimitho Madangopal

आज दधिमीठो मदनगोपाल

आज दधिमीठो मदनगोपाल ॥ भावत मोहि तिहारो जूठो चंचल नयन विशाल ॥१॥ आने पात बनाये दोना दिये सबनको बाँट ॥ जिन नहींपायो सुनोरे...

Pakvakhajur Jambu Badariphal Leho

पक्वखजूरजंबूबदरीफल लेहो

पक्वखजूरजंबूबदरीफल लेहो काछन टेरीद्वार ॥ लरका यूथसंग बलमोहन चोके करत विहार ॥१॥ सुंदर कर जननीकेनोंदीनों ले धाये तब नंदकु...

Vrajmen Kachhani Bechan

ब्रजमें काछनी बेचन

ब्रजमें काछनी बेचन आई ॥ आनउतारी नंदगृह आंगन ओढी फलन सुहाई ॥१॥ ले दौरे हरिपेट अंजुली शुभकर कुंवरकन्हाई ॥ डारतही मुक्ता फ...

Kou Mai Aamb Bechan Aai

कोऊ माई आंबबेचनआई

कोऊ माई आंबबेचनआई ॥ टेर सुनत मोहन उठधाये भीतरभवन बुलाई ॥१॥ मैयामोहि आंब लेदेरी संगसखा बलभाई ॥ परमानंद यशोमति आनदिये खाय...

Kou Mai Ber

कोऊ माई बेर

कोऊ माई बेर बेचन आई ॥ सुनी टेर नंदरावर में भीतर भवन बुलाई ॥१॥ सूखत धान पर्यो आंगनमें कर अंजुली बनाई ॥ ठमकठमक चलत अपने र...

Kharbuja Mishri Arogat

खरबूजा मिश्री आरोगत

खरबूजा मिश्री आरोगत रविजा तट कुंजनमें गिरिधर ॥ ललिताचन्द्रभगा चन्द्रावली लावत डला डलैया भर भर ॥१॥ कोउ गोवत कोउ बेनु बजा...

Mil Jevat Ladililal

मिल जेवत लाडिलीलाल

मिल जेंवत लाडिलीलाल दुहुंकर व्यंजन चारु सबै सरसें ॥ करकंपत हाथते छूट परे कबहुं ग्रास मुखसों परसें ॥१॥ हठके मनमोहन हार प...

Baithe Lal Kunjamen

बैठे लाल कुंजनमें

बैठे लाल कुंजनमें जो पाऊं ॥ स्यामास्याम भावती जोरी अपने हाथ जिमाऊं ॥१॥ चंदन चर्चू पहोपकी माला हरख हरख पहराऊं ॥ श्रीभट द...

Bhojan Kunjbhavanmen Bhavate

भोजन कुंजभवनमें भांवते

भोजन कुंजभवनमें भांवते करत भले नानाभायनसों ॥ अरसपरस कौर मधुररस देत समीर चलें चायनसों ॥१॥ तब हट करत हठीली हठसों पिय पसरत...

Bhojan Karat Bhavate

भोजन करत भांवते

भोजन करत भांवते जियके नवलनिकुंज महल में ॥ अरसपरस दोऊ खात खवावत जोसुख उपजत लोचन हियमें ॥१॥ कीनो कछुक मनोरथ मोहन हेत सवार...

Jugal Ras Bhare

जुगल रस भरे

जुगल रस भरे भोजन करत कुंज में तरनि तनया तीर अति सुहायो ॥ लेत झुक झुक कौर झपटी दोऊ हाथ ते बहु भांति मन करत लायौ ॥१॥ करत...

Shyamdhaktar Mandal Jor

स्यामढाकतर मंडल जोर

स्यामढाकतर मंडल जोर जोर बेठे अबछाकखात दधीओदन ॥ सघन कुंजमध्य चंदनके महेल रचिउसीर रावटी चहुंओर छीरकत गुलाब जलसोदन ॥१॥ आसप...

Shyamdhaktar Chhak Arogat

श्यामढाकतर छाक आरोगत

श्यामढाकतर छाक आरोगत मंडलीरुची प्रेम सुखकारी ॥ उसीर महेल मध्य कुसुमरावटी बनी सधनकुंजलतामें राजत पियाप्यारीकेलि मनुहारी...

E Gval Mandali

ए ग्वाल मंडली

ए ग्वाल मंडली जोर राजे कदंबखंडी मधि दुपहरीकी बिरियां बटतररावटी रची बनाय उसीरकी ॥ खटरस व्यंजन अद्भुत मनरंजन पठये नंदरानी...

Usir Mahal Men

उसीर महल में

उसीर महल में बिराजे मंडल मध्य मोहनछाकखात ॥ ओदनरोटी जंघाधरेलाल शाकपाक फल रसाल सीलापर गोरसकेपात ॥१॥ चहुंओर मेघज्यों छूटत...

Sital Sadanmen Jevat

सीतल सदनमें जेवत

सीतल सदनमें जेंवत मोहनग्वाल मंडली लेसंग जोर ॥ सीतल छांहसीतल बिंजनभाव सीतलतन मुदीतहोतलेतकोर ॥१॥ सीतल सुगंधमंद बहत वायुसी...

Gopi Kon Ki

गोपी कोन की

गोपी कोन की छकहारी कहा तुमारो नाम ॥ आज बोहनी तुम पें करी है भयो तुमारो काम ॥१॥ प्रथम नाव तुम ही पें लायो गई बीत जुग जाम...

Gopi Nipat Sayani

गोपी निपट सयानी

गोपी निपट सयानी लाइ छाक भली बीरियां ॥ भूख लागी अब ही देखत री चढि कदम की डरीयाँ ॥१॥ बैठी पार आइ हों कब की आई नाव यह घरीय...

Thadhi Gopi Par

ठाढी गोपी पार

ठाढी गोपी पार पुकारत मल्हा नाव किन लावो ॥ कान्ह कुँवर छाक आइ ले बेगि कृपा कर आवो ॥१॥ जेष्ठ मास मध्यान भयो हैं लागी भुख...

Shri Jamuna Pulin

श्री जमुना पुलीन

श्री जमुना पुलीन की लोनन बाढी जेमन कों लाइ हरि छाक ॥ आइ आज सीदोसी धर तें बैठन कों पायो इक ढाक ॥१॥ ताकी छांय गाम में बैठ...

Chhaken Khay Khay

छाकें खाय खाय

छाकें खाय खाय धाय धाय जाय द्रुमन चढत फेंटामुख पोंछत अंगोछत हैं करकर ॥ आवरू दंडान डार दुरावत जाकी आर रोवनी रुवाय छांड हँ...

Sab Gwalan Nache Gopi Gave

सब ग्वाल नाचें गोपी गावै

सब ग्वाल नाचें गोपी गावै । प्रेम मगन कछु कहत न आवै ॥१॥ हमारे राय घर ढोटा जायौ । सुनि सब लोक बधाये आयौ ॥२॥ दूध दही घृत क...