Pushti Kirtan

Raag

Sarang · सारंग

Read 192 Pushtimargiya kirtans in Sarang · सारंग with original Braj Bhasha text and English meanings.

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Pavitra Peheri Hindoren Jhoolen

पवित्रा पेहेरि हिंडोरें झूलें

पवित्रा पेहेरि हिंडोरें झूलें ॥ श्यामा स्याम बराबर बैठे निरखतही समतूलें ॥१॥ ललितादिक झुलावत ठाडी खंभन लग अनुकूलें ॥ व्र...

Pavitra Paharat Shrigokul Bhup

पवित्रा पहरत श्रीगोकुल भूप

पवित्रा पहरत श्रीगोकुल भूप ॥ श्रावण शुक्लपक्ष एकादशी मंगलको निजरूप ॥१ ॥ आनंद चारु रसिकवर सुन्दर परमानन्द रस रूप ॥ वृन्द...

Pavitra Peherat Vitthalnath

पवित्रा पहेरत विठ्ठलनाथ

पवित्रा पहेरत विठ्ठलनाथ ॥ सुंदर शुभ पाटके रचेहें सातों बालक साथ ॥१॥ श्रीगिरिधर गोविंद मोदभरे गोकुलेश रघुनाथ ॥ श्रीयदुना...

Pavitra Paharen Shrigokulnath

पवित्रा पहरें श्रीगोकुलनाथ

पवित्रा पहरें श्रीगोकुलनाथ ॥ विप्र सबे मिल वेद उच्चारत निरखत सुरनर साथ ॥१॥ शिव ब्रह्मादिक कौतुक देखें आनन्द उर न समात ॥...

Rakhi Bandhat Yashoda Maiya

राखी बांधत यशोदा मैया

राखी बांधत यशोदा मैया ॥ बहु शृंगार सजे आभूषण गिरिधर भैया ॥१॥ रत्नखचित राखी बांधि कर पुनपुन लेत बलैया ॥ सकल भोग आगें धर...

Bahen Subhadra Rakhi Bandhat

बहेन सुभद्रा राखी बांधत

बहेन सुभद्रा राखी बांधत बल ओर श्रीगोपालकें ॥ कनकथार अक्षतभर कुंकुम तिलक करत नंदलालकें ॥१॥ आरती करत देत न्योछावर वारत मु...

Rakhi Bandhatahe Nandarani

राखी बांधतहे नंदरानी

राखी बांधतहे नंदरानी ॥ लालपाटकी डोरी राजत लालनके मनमानी ॥१॥ दक्षिणा दीनी बहुत द्विजनकों धन खरचत न अघानी ॥ ले आरती उतार...

Rakhi Bandhat Yashoda Maiya

राखी बांधत यशोदा मैया

राखी बांधत यशोदा मैया बलऔर श्रीगोपालकें ॥ सावनसुदी पून्योंको शुभदिन तिलक करत मध्यभालकें ॥ विप्र बुलाय दई बहु दक्षिणा वा...

Mat Yashoda Rakhi Bandhat

मात यशोदा राखी बांधत

मात यशोदा राखी बांधत बलि अरु श्रीगोपालकें ॥ कंचनथारमे अक्षत कुंकुम तिलक कियो नंदलालकें ॥१ ॥ आरती करत न्योछावर वारत मुक्...

Tin Madhya Baithe Chhak Khat

तिन मध्य बैठे छाक खात

तिन मध्य बैठे छाक खात मदन रूप मंडली रची । छप्पन भोग छतीसों व्यंजन आन आगे थार सची ॥१॥ एक खात एक हसत परस्पर सबहिन मन सेना...

Chhappan Bhog Arogan Lage

छप्पन भोग अरोगन लागे

छप्पन भोग अरोगन लागे । श्री वृषभान कुँवरी नंदनंदन ले अपनो गन संग अनुरागे ॥१ ॥ विविध भांति पकवान मिठाई बिंजन विविध रस पा...

Mandal Rachana Ruchison Rachi

मंडल रचना रुचिसों रचि

मंडल रचना रुचिसों रचि चित्र विचित्र व्रजकी बालन । दधि पय नवनीत मध्य सर्करा पलासनके पत्रनके पुटनकी पंक्ति रची ॥१॥ नाना प...

Lal Aj Bana Banyo

लाल आज बना बन्यो

लाल आज बना बन्यो अति भाई, वागो विचित्र बनाई, जरकसी पाघ चोलना सुंदर अरगजा सोधो लगाई ॥१॥ तापर फुलनके हार भुषण बहु, सेहरो...

Din Dulhe Mero Kunvar

दिन दुल्हे मेरो कुंवर

दिन दुल्हे मेरो कुंवर कन्हैया ॥ नित्य ऊठ सखा शींगार बनावे नित्य आरती उतारत मैया ॥१॥ नित्य ऊठ आंगन चंदन लिपावे नित्य ही...

Apane Lalako Byah Karungi

अपने लालको ब्याह करूंगी

अपने लालको ब्याह करूंगी, बडे गोपकी बेटी ॥ जासो हमसों जतिया चारो भोजन भेटा भेटी ॥१॥ मात यशोदा लाड लडावे अंग शृंगार करावे...

Chhabilo Lal Duhat

छबीलो लाल दुहत

छबीलो लाल दुहत धेनु धोरी ॥ माथे कमलवरणको टिपारो ओढे पीतपिछोरी ॥१॥ कहारी कहूं कछु कहत न आवे डारी कठिन ठगोरी ॥ कुमनदासप्र...

Hin Balihari Aajki

हीं बलिहारी आजकी

हौं बलिहारी आजकी बानिक पर । श्वेत काछ काछे नंदनंदन श्वेत टिपारो सोहत सिर पर ॥१॥ नख सीख लौं सिंगार कहा कहौं जमुना पुलिन...

Akhiyan Kahuki Na

अखियां काहूकी न

अखियां काहूकी न लगो ॥ सांवरो सो ढोरा काहुको ता सिर ग्वाल पगो ॥१॥ रूप रंग्यो मेरो मन वाके रोमरोम प्रति मेन जग्यो ॥ कुंभन...

Lalhi Sunthan Lalhi

लालही सुंथन लालही

लालही सुंथन लालही बागो लालही पाग बनी अतिभारी ॥ लालही ठाडे आभूखन राजत लालही लाल व्रखभान दुलारी ॥१॥ लालके चरण जेहर अति रा...

Bago Lal Suneri

बागो लाल सुनेरी

बागो लाल सुनेरी चीरा ॥ तापर मोर चंद्रिका धरके उर सोहत गिरिधरजुके हीरा ॥१॥ सूंथन बनी अनार रंगकी हंसूली हिम ग्रथित मन धीर...

Aaj Hamare Bhojan

आज हमारे भोजन

आज हमारे भोजन कीजे ॥ बहुत भांत पकवान मिठाई षटरस व्यंजन लीजे ॥१॥ सद्य घी खिचरी और खोवा स्याम सलोने लीजे ॥ उरदके वरा दहीम...

Jevant Shrivrishbhananandini

जेवंत श्रीवृषभाननंदिनी

जेवंत श्रीवृषभाननंदिनी कान्हकुंवरकी परछाई ॥ जोड़ जोड़ व्यंजन भावत रुचिसों सोइ सोइ सब ललिता लेआई ॥१॥ हितसों जिमावत मोहन...

Banyo Mai Paga

बन्यो माई पगा

बन्यो माई पगा स्याम सिर नीको ॥ धोती ओर उपरना ओढे ओर गहेनो मोतीको ॥१॥ अंग अरगजा कमल हाथ में लीने मिल्यो भावतो जीकों ॥ ने...

Akhiyan Kahu Ki

अखियां काहू की

अखियां काहू की न लगो ॥ सांवरो सो ढोटा काहू को जासीर ग्वाल पगो ॥ रूप रंग्यो मेरो मन वाके रोम रोम प्रति मदन जग्यो ॥ सुनि...

Dekho Sakhi Rajat

देखो सखी राजत

देखो सखी राजत है नंदलाल । सीस किरीट सवन मनि कुंडल उर राजत वनमाल ॥१॥ वागो सरस जरकसी सोहे फेंटा जोर रसाल । सुरत केलिरस मु...

Shyam Sundar Ban

श्याम सुन्दर बन

श्याम सुन्दर बन खेलत सखन संग बिबिध केल ॥ कालिंदनी तट बांधी फेंट पट करत जुध भुज जु परस्पर पेल ॥१॥ काहुकी मुरली चोरत काहु...

Khelan Ab Meri

खेलन अब मेरी

खेलन अब मेरी जाय बलैया ॥ जबही मोहि देखत लरिकनसंग तबही खीजत है बलभैया ॥१॥ मोसों कहे तात बसुदेवको देवकी तेरी मैया ॥ मोललि...

Dekhri Rohani Maiya

देखरी रोहणीमैया

देखरी रोहणीमैया कैसेहैं बलदाऊभैया यमुनाकेतीर मोहि झुझुवावतायोरी ॥ सुबल श्रीदामासाथ हँसहँस बूझतवात आप डरपे औरमोहि डरपायो...