Karatal Sohat Ban
करतल सोहत बान
करतल सोहत बान धन्हैयां ॥ खेलत फिरत कनिक आंगनमें पहेरें लाल पन्हैयां ॥१॥ रघुकुल कुमुदचंद चिंतामणि प्रगटि भूतल महीयां ॥ द...
Raag
Read 233 Pushtimargiya kirtans in Bilaval · बिलावल with original Braj Bhasha text and English meanings.
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करतल सोहत बान
करतल सोहत बान धन्हैयां ॥ खेलत फिरत कनिक आंगनमें पहेरें लाल पन्हैयां ॥१॥ रघुकुल कुमुदचंद चिंतामणि प्रगटि भूतल महीयां ॥ द...
राम मुख देखीयत
राम मुख देखीयत सुन्दर गात ॥ दशरथ अरु कोंसल्या माता निरख बदन सचुपात ॥१॥ बदन चंद राजीवदल लोचन मनिमय कुंडललोल ॥ अलकतिलक मृ...
फूलनकी माला हाथ
फूलनकी माला हाथ फूली सब सखी साथ झमक झरोखा झांके नंदिनी जनककी ॥ देखन पियाकी शोभा सीयाके लोचन लोभा एकटक ठाडी मानो पूतरी क...
श्रीवल्लभ सुखकारी
श्रीवल्लभ सुखकारी ॥ पुरुषोत्तम लीला अवतारी ॥ काल अकाल तें न्यारे ॥ रसनिधि प्रेम भक्ति प्रतिपारे ॥छंद ॥ प्रेम भक्ति पुष्...
माधवमासे भर वैशाखे
माधवमासे भर वैशाखे ॥ श्रीवल्लभ हरि जन्मलिया ॥ श्रीलक्ष्मण नंदना त्रिभुवन वंदना ॥ भक्तिमार्ग जिन प्रकटकिया ॥टेक ॥ प्रकटि...
प्रगट भये तैलंग
प्रगट भये तैलंग कुल दीप ॥ श्रीलक्ष्मण भट अति आनंदित सुत मुख निरखत आय समीप ॥१॥ मात इलंमा कूख उदय भयो ज्यों उपजत मुक्ताफल...
श्रीलक्ष्मणगृह आई नवनिधि
श्रीलक्ष्मणगृह आई नवनिधि ॥ प्रगटे जान पूरण पुरुषोत्तम द्वार बुहारत फिरत अष्टसिद्धि ॥१॥ बजत निशान भेर सहनाई देखियत तहांई...
आये देव विमानन
आये देव विमानन चढ चढ ॥ महा महोत्सव दरस करनकों एकएकतें आगें बढ बढ ॥१॥ विन गिरिधर इन समकोऊ नाहीं कहो कोउ बातें कछु गढ गढ...
द्वारें आये गुणिजन
द्वारें आये गुणिजन ठाडे ॥ प्रकटे पुरुषोत्तम श्रीवल्लभ सबहिन आनंद मंगल बाढे ॥१॥ श्रीलक्ष्मण भट दान देनकों पट भूषण मणि मा...
निजजन निरख निरख सब फूले
निजजन निरख निरख सब फूले ॥ श्रीलक्ष्मणगृह आज भलोदिन श्रीवल्लभ पलना झूले ॥१॥ जो सुख नंद यशोदा आंगन गोपीजन मिल निरख्यो ॥ स...
पलना झूलत वल्लभ राई
पलना झूलत वल्लभ राई ॥ प्रेम बिवश गावत हुलरावत मुदित इलंमा माई ॥१॥ अंग अंग प्रति अमित माधुरी नख शिख भेख बनाई ॥ सुंदर श्य...
भई सात बरसकी दुलारी
भई सात बरसकी दुलारी मनमें ब्याहकी बात विचारी। महालक्ष्मी रजो जु कुमारी दोऊ मिल गंगा तीर सिधारी ॥१॥ दूध दही के कलस लिए भ...
आगे आगे भाज्यो जात
आगे आगे भाज्यो जात भगीरथ को रथ पाछें पाछें आवत रंग भरी गंग ॥ झलमलात अति उज्ज्वल जल ज्योति अब निरखत मानों सीस भर मोतिन म...
गंगा पतितन कोसुखदेनी
गंगा पतितन कोसुखदेनी ॥ सेवाकरभगीरथ लाये पापकाटनको पैनी ॥१ ॥ सकल ब्रह्मांड फोरकेआवत चलत चाल गजगयनी ॥ परमानंद प्रभुचरण पर...
नंदको मनवांछित दिन
नंदको मनवांछित दिन आयो ॥ फुलीफिरत यशोदा रोहिनी उरआनंद न समायो ॥१॥ गाम गामतें जाति बुलाई मोतिन चोक पुरायो ॥ व्रजवनिता सब...
मंगलजेष्ठ जेष्ठा पूज्यो
मंगलजेष्ठ जेष्ठा पूज्यो करत स्नान गोवर्धनधारी ॥ दधि ओर दूब मधुले सखीरी केसरघट जल डारत प्यारी ॥१॥ चोवा चंदन मृगमद सौरभ स...
जमुना जल क्रीडत
जमुना जल क्रीडत नंद नंदन ॥ गोपी वृंद मनोहर चहुँदिस मधि अरिष्ट निकंदन ॥१॥ छिरकति पान परसपर सोभित सिथिल होति भूज चंदन ॥ ज...
यमुना देवी कोन भलाई
यमुना देवी कोन भलाई ॥ नाम रूप गुन लहरि जू को न्यारी अपनी चाल चलाई ॥१॥ उजर देस कीयो भ्राता को तुम परसत उत कोउ न जाई ॥ जे...
तुम देखो सखीरी आज
तुम देखो सखीरी आज नयन भर हरिजूके रथ की शोभा ॥ योग यज्ञ जप तप तीरथ व्रत कीजियतहे जिंहि लोभा ॥१॥ चारुचक्रमणि खचित मनोहर च...
नखशिख करि सिंगार प्रियापिय
नखशिख करि सिंगार प्रियापिय झूलत कुंज हिंडोरे आय ॥ मुखमिलाय दोउ दर्पण देखत मधुरमधुर दोउ बेन बजाय ॥१॥ आई घटा घुमड चहुं दि...
बरसानेकी नारि सबे मिल
बरसानेकी नारि सबे मिल झूलन आई ॥ नखसीख सबे सिंगार राधिका परम सुहाई ॥ चंद्रावली ललिता सखी जुथ सबे जुर आय ॥ गोवरधनकी तरहटी...
आज ललनकी होत सगाई
आज ललनकी होत सगाई ॥ आवोरी गोपीजन मिलके गावो मंगल चार वधाई ॥१॥ चोटी सुपर गुहुं सुत तेरी छांडो चंचलताई ॥ वृषभान गोप टीको...
आज की बानिक पर
वसंत पंचमी के दिन मंगला में बिलावल ॥ चोताल ॥ आज की बानिक पर हो लाल हों बलि बलि गई बिगलित कच सुवन पाग ढरकि रहि वाम भाग अ...
गोपके भेख गोपाल
गोपके भेख गोपाल गायन हेटा दुगन सुख देत । शिर सुभग फेंटा सखि परच रह्यो भ्रों पर पेच पचभास ढर लागत सोहावनो । दाहेंनो ऐंठा...
फूग्यो फेंटा सखि
फूग्यो फेंटा सखि ललित लाल के शिश पर निरखी छबि माधुरी अखियां सिरातरी प्रेमकी बावरी हों सखी व्हे रही सुधबुध बिसर गई द्वार...
देख सखी नव
देख सखी नव छेल छबीलो चिते लियो मेरो चित चोर। अरविलो आनत ऐंडानी ओर आकृति नेननकी कोर ॥१॥ शोभा अंग प्रति रूप माधुरी शीश दु...
आज मोही आगम
आज मोही आगम अगम जनायो ॥ सोंधों छानी अरगजा चंदन आंगन भवन लीपायों ॥१॥ आगम आवन जान प्रीतम कों गोपीजन मंगल गायो ॥ आनंद उर न...
आवो गोपाल शृंगार बनाऊं
आवो गोपाल शृंगार बनाऊं ॥ विविधसुगंधन करो उबटनो पाछे उष्णजल लेजु न्हवाऊं ॥१॥ अंगअगोछ गुहूं तेरी बेनी फूलन रुचरुचमाल बनाऊ...
माईरी प्रातकाल नंदलाल
माईरी प्रातकाल नंदलाल पागबंधावत बालदिखावत दर्पण भालरह्योलसि ॥ सुंदर नवकरनबीच मंजुमुकरकीछबि रहीफबिमानों गहि आन्योहै युगक...
भोगशृंगारयशोदामैया
भोगशृंगारयशोदामैया श्रीविट्ठलनाथके हाथ को भावें ॥ नीकेंन्हायशृंगारकरतहै आछीरुचिसों मोहिपागबंधावें ॥१॥ तातेसदांहौ उहांही...
खुल्योहेमुकेसीचीरा
खुल्योहेमुकेसीचीरा कलगीनगजटितहीरा दिंगसिरपेचललित संभार्योहै ॥ जंघाऊपर कमलकाछिनी कंचन के विविधरंगएकछोर पटकाकोछेल तासोंडा...
पीतांबर को चोलना
पीतांबर को चोलना पहरावतमैया ॥ कनकछाप तापरधरी झीनी एक तनैया ॥१॥ लालइजारचुनायकी औरजरकसी चीरा ॥ पहुँचीरत्नजरायकी उरराजतहीर...
सुंदरमुख पर वारो
सुंदरमुख पर वारो टोंना ॥ बेनीबारनकीमुदुवेना ॥१॥ खंजननयनन अंजसोहे भ्रोंहनलोयन लोना ॥ तिरछीचितवनयोंछबिलागे कंजपलन अलिछोना...
ये दोऊनागर ढोटा
ये दोऊनागर ढोटा माईकौनगोपकेबेटा ॥ इनकीबात कहा कहों तोसों गुणनबड़े देखन के छोटा ॥१॥ अग्रज अनुजसहोदरजोरी गौरस्यामग्रथित स...
आजबन्योनवरंग पियारो
आजबन्योनवरंग पियारो ॥ व्रजवनितामिल क्योंननिहारो ॥१॥ लटपटीपाग महावरपागे ॥ कुंवरमनावत अतिबडभागे ॥२॥ नीलांबर नखरेखजोसोहे ॥...
मोहनलालके चरणारविंद
मोहनलालके चरणारविंद त्रिविधतापहारी ॥ कहिनजात कौनपुण्य करजूसिरधारी ॥१॥ निगमजाकीसाखबोले सेवकअधिकारी ॥ धीवरकुल अभयकीनो अहि...
शोभाआज भलीबनि
शोभाआज भलीबनि आई ॥ जलसुतऊपरहंसबिराजत तापरइंद्र बधूदरसाई ॥१॥ दधिसुतलियो दियोदधिसुतमें यह छबिदेख नंदमुसकाई ॥ नीरजसुतबाहनक...
अतर गुलाब नीर
अतर गुलाब नीर परदा लपटें उसीर त्रिविध समीर की झकोर हैऔं करें ॥ छूटति फुहारे हौद भरे अति भारे सारे नाना बिधि चादरन की धा...
मुखसों मुख मिलाय
मुखसों मुख मिलाय देखत आरसी ॥ विकसत नीलकमल ढिंग उदित भयो कैधों शशी ॥१॥ निरख बदन मुसकाय परस्पर करत बिहार गिरि जात अंक हँस...
मेरो मुखनीकोकै तेरोरी प्यारी
मेरो मुखनीकोकै तेरोरी प्यारी ॥ दर्पनले देखो मृगनयनी सांची कहो वृषभान दुलारी ॥१॥ तुमहो नंदजूके छैलछबीले हमहैं गुजरियां द...